करनाल, 21 मई। महिला एवं बाल विकास विभाग तथा जिला बाल संरक्षण यूनिट की ओर से आज अंतिम दिन सेक्टर 33 के न्यू कम्युनिटी सेंटर में मलिन बस्तियों (स्लम एरिया) के बच्चों के पुनर्वास के लिए विशेष शिविर का आयोजन किया गया। शिविर में स्वास्थ्य विभाग, श्रम विभाग, जिला रेडक्रॉस सोसायटी, नागरिक संसाधन सूचना विभाग (क्रीड), शिक्षा विभाग, महिला एवं बाल विकास विभाग, बाल संरक्षण यूनिट, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण आदि की ओर से अलग-अलग काउंटर स्थापित किए गए थे।
शहर में अलग-अलग स्थानों पर आयोजित किए गए विशेष शिविरों में 515 बच्चों का रजिस्ट्रेशन किया गया। इनमें 125 बच्चों के आधार कार्ड बनाए गए। इन शिविरों में 109 बच्चों को आंगनवाड़ी केंद्रों व 119 बच्चे स्कूल में प्रवेश के योग्य पाए गए। इसके अलावा 340 बच्चों की एचआईवी काउंसलिंग की गई व 20 बच्चों को गंभीर बीमारियां पाए जाने पर सिविल अस्पताल में रेफर किया गया।
वीरवार को आयोजित शिविर में डब्ल्यूसीडी की ओर से 49 बच्चों का रजिस्ट्रेशन किया गया। राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य योजना के तहत स्वास्थ्य विभाग के डॉक्टरों द्वारा बच्चों का रक्तचाप, वजन, ऊंचाई, सिर व बाजू का माप के अलावा जन्मजात विकारों यथा-दिल में छेद आदि की जांच की गई। गंभीर बीमारियों से बचाव के लिए बच्चों का टीकाकरण भी किया गया। शिविर में पहुंचे चर्म, दंत व छाती रोग के 7 बच्चों को सिविल अस्पताल रेफर किया गया। क्रीड की ओर 35 बच्चों के मौके पर ही आधार कार्ड बनाए गए। शून्य से छह साल के 19 बच्चे आंगनवाड़ी केंद्रों और 6 से 15 साल के 10 बच्चे स्कूल में प्रवेश के योग्य पाए गए। जिनका आंगनवाड़ी केंद्र और स्कूलों में दाखिला सुनिश्चित किया जाएगा। इसके अलावा 14-15 साल की युवतियों को सर्वाइकल कैंसर से बचाव के लिए एचपीवी वैक्सीन लगवाने के प्रति जागरूक किया गया। साथ ही 36 बच्चों का एचआईवी काउंसलिंग की गई। जिला रेडक्रॉस सोसायटी की ओर से बच्चों को अल्पाहार वितरित किया गया।
बता दें कि शिविर का मुख्य उद्देश्य निराश्रित, बेसहारा, भिक्षावृति, बालश्रम जैसी परिस्थियों में सडक़ पर रहने वाले बच्चों को समाज की मुख्य धारा में लाना है। दस्तावेज तैयार होने के बाद ये बच्चे सरकार की विभिन्न योजनाओं का भी फायदा उठा सकते हैं।
