बाबैन, 18 मई। उपायुक्त विश्राम कुमार मीणा ने कहा कि खंड बाबैन के विद्यार्थियों के लिए निशुल्क परिवहन योजना का 21 मई को मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी शुभारंभ करेंगे। यह पहल विकसित हरियाणा 2047 के तहत शिक्षा और बुनियादी ढांचा विकास के विजन का हिस्सा है। मुख्यमंत्री का उद्देश्य ग्रामीण-शहरी शिक्षा में समानता लाना और युवाओं को सशक्त बनाना है। हरियाणा सरकार ने शिक्षा को सुलभ और सुरक्षित बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम उठाया है। खंड बाबैन और जिला करनाल के खंड निसिंग के विद्यार्थियों के लिए पायलट प्रोजेक्ट के तौर पर निशुल्क परिवहन योजना शुरू करने का फैसला लिया है।
उपायुक्त विश्राम कुमार मीणा सोमवार को बाबैन के राजकीय सीनियर सेकेंडरी स्कूल में कार्यक्रम की तैयारियों को लेकर निरीक्षण किया। इस दौरान मुख्यमंत्री कार्यालय के प्रभारी कैलाश सैनी भी साथ में मौजूद रहे। उन्होंने मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के कार्यक्रम की तैयारी को लेकर आवश्यक दिशा निर्देश दिए।
उपायुक्त विश्राम कुमार मीणा ने कहा कि यह योजना ग्रामीण क्षेत्रों के उन विद्यार्थियों के लिए राहत लेकर आएगी, जिन्हें स्कूल जाने के लिए लंबी दूरी तय करनी पड़ती है। इस योजना की पायलट प्रोजेक्ट के रूप में बाबैन से शुरुआत की जा रही है। यह सुविधा बाबैन और निसिंग खंड के सरकारी स्कूलों और कॉलेजों के विद्यार्थियों के लिए उपलब्ध होगी। खंड बाबैन की सफलता के बाद इसे पूरे प्रदेश में लागू करने की योजना है।
उन्होंने कहा कि इस योजना के तहत सरकारी बसें निर्धारित रूट पर सुबह-शाम विद्यार्थियों को स्कूल तक लाने-ले जाने का काम करेंगी। इससे लड़कियों की सुरक्षा और स्कूल ड्रॉपआउट रेट कम करने में मदद मिलेगी। उन्होंने कहा कि ग्रामीण इलाकों में परिवहन की कमी के कारण कई विद्यार्थी उच्च शिक्षा से वंचित रह जाते हैं। निशुल्क परिवहन से शिक्षा तक पहुंच आसान होगी और ड्रॉपआउट दर में कमी आएगी। अब बच्चों को निजी वाहनों या पैदल लंबा सफर नहीं करना पड़ेगा, जिससे समय और खर्च दोनों की बचत होगी। उन्होंने कहा कि शिक्षा विभाग के अधिकारियों ने रूट मैपिंग और बसों की व्यवस्था का काम कर लिया है।
इस मौके पर एसडीएम अनुभव मेहता, जिला शिक्षा अधिकारी विनोद कौशिक, नायब तहसीलदार गीता राम, बीईओ सतेंद्र दहिया, सरपंच संजीव सिंगला, प्रिंसिपल रमेश कुमार सहित अन्य गणमान्य व्यक्ति मौजूद रहे।
