कुरुक्षेत्र, 14 मई। उपायुक्त विश्राम कुमार मीणा ने कहा कि मॉक ड्रिल को सफल बनाने के लिए विभागों में आपसी तालमेल होना बहुत जरूरी है। आपदा के समय जिले में कंट्रोल रूम स्थापित किया गया है, जहां से संबंधित क्षेत्र में बातचीत की जा सकती है तथा वहां क्या हो रहा है उसके बारे में जानकारी प्राप्त की जा सकती है। एफएम और टेलीफोन के जरिए सूचना पहुंचाई जा सकती हैं। उन्होंने कहा कि मॉक ड्रिल के दौरान ड्रोन का इस्तेमाल होना चाहिए और मॉक ड्रिल के समय प्रेस ब्रीफिंग होना भी बहुत जरूरी है।
उपायुक्त विश्राम कुमार मीणा वीरवार को लघु सचिवालय के सभागार में आयोजित बैठक में अधिकारियों से मॉक ड्रिल की समीक्षा कर रहे थे। इससे पहले राष्ट्रीय आपदा प्राधिकरण (एनडीएमके) के सलाहकार बिगेडियर ग्रौउंग ने वीसी के थ्रू आज हुई मॉक ड्रिल की समीक्षा की और संबंधित जिलों के उपायुक्त से फीडबैक लिया। वीसी में उपायुक्त विश्राम कुमार मीणा ने बताया कि जिले के पिहोवा उपमंडल के गांव झांसा और शाहाबाद के गांव तंगोर में मॉक ड्रिल का आयोजन किया गया।
शाहाबाद एसडीएम शंभू राठी ने कहा कि गांवों में सायरन होने चाहिए, ताकि ग्रामीणों को अलर्ट करने में उनका इस्तेमाल हो सके और समय-समय पर पेट्रोलिंग भी बहुत जरूरी है। हरियाणा रोडवेज के जो चालक और कंडक्टर संबंधित जगह से वाकिफ होने चाहिए, ताकि आपदा के समय कोई समस्या ना आए। जो अधिकारी मॉक ड्रिल के समय हो या प्रशिक्षण के दौरान हो उनका ट्रांसफर नहीं होना चाहिए।
पिहोवा एसडीएम अनिल कुमार दून ने कहा कि आपदा के समय फ्लड लाइट होना बहुत जरूरी है। हर गांव में लोकल टीम होनी चाहिए, ताकि आपदा के समय वह काम कर सके और उसे अपने क्षेत्र की पूरी जानकारी होनी चाहिए। सिंचाई विभाग के जो कर्मचारी हैं, उनके पास लाइव जैकेट होनी चाहिए।
कर्नल नीतीश ने कहा कि जो मॉक ड्रिल आज दिन के समय की गई है, ऐसी ही प्रैक्टिस रात के समय में भी होनी चाहिए। मॉक ड्रिल के लिए इंफ्रास्ट्रक्चर सही होना चाहिए और संबंधित अधिकारी को इसके लिए प्रशंसा पत्र या पुरस्कार देकर सम्मानित भी करना चाहिए। आपदा के समय रोड सही होने चाहिए और छोटे विकल का प्रयोग करना चाहिए।
मेजर वरुण ने कहा कि आपदा के समय क्या-क्या करना है उसके बारे में सभी जानकारी होनी चाहिए। सभी को बारीकी से सभी नियमों का पता होना चाहिए। इसके साथ ही सभी विभागों के कलर कोड होने चाहिए, ताकि आपदा के समय पहचान हो सके। आपदा के समय एक चेकलिस्ट होनी चाहिए कि हमें किस-किस चीजों की जरूरत है ताकि कोई समस्या ना आए।
इस मौके पर मॉक ड्रिल के ऑब्जर्वर कर्नल नीतीश, अंबाला कैंट से मेजर वरुण, शाहाबाद के एसडीएम शंभू राठी, पिहोवा के एसडीएम अनिल दून, जिला राजस्व अधिकारी चेतना चौधरी, नगराधीश आशीष कुमार, जिला दमकल अधिकारी संदीप ग्रेवाल सहित संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।
उपायुक्त विश्राम कुमार मीणा वीरवार को लघु सचिवालय के सभागार में आयोजित बैठक में अधिकारियों से मॉक ड्रिल की समीक्षा कर रहे थे। इससे पहले राष्ट्रीय आपदा प्राधिकरण (एनडीएमके) के सलाहकार बिगेडियर ग्रौउंग ने वीसी के थ्रू आज हुई मॉक ड्रिल की समीक्षा की और संबंधित जिलों के उपायुक्त से फीडबैक लिया। वीसी में उपायुक्त विश्राम कुमार मीणा ने बताया कि जिले के पिहोवा उपमंडल के गांव झांसा और शाहाबाद के गांव तंगोर में मॉक ड्रिल का आयोजन किया गया।
शाहाबाद एसडीएम शंभू राठी ने कहा कि गांवों में सायरन होने चाहिए, ताकि ग्रामीणों को अलर्ट करने में उनका इस्तेमाल हो सके और समय-समय पर पेट्रोलिंग भी बहुत जरूरी है। हरियाणा रोडवेज के जो चालक और कंडक्टर संबंधित जगह से वाकिफ होने चाहिए, ताकि आपदा के समय कोई समस्या ना आए। जो अधिकारी मॉक ड्रिल के समय हो या प्रशिक्षण के दौरान हो उनका ट्रांसफर नहीं होना चाहिए।
पिहोवा एसडीएम अनिल कुमार दून ने कहा कि आपदा के समय फ्लड लाइट होना बहुत जरूरी है। हर गांव में लोकल टीम होनी चाहिए, ताकि आपदा के समय वह काम कर सके और उसे अपने क्षेत्र की पूरी जानकारी होनी चाहिए। सिंचाई विभाग के जो कर्मचारी हैं, उनके पास लाइव जैकेट होनी चाहिए।
कर्नल नीतीश ने कहा कि जो मॉक ड्रिल आज दिन के समय की गई है, ऐसी ही प्रैक्टिस रात के समय में भी होनी चाहिए। मॉक ड्रिल के लिए इंफ्रास्ट्रक्चर सही होना चाहिए और संबंधित अधिकारी को इसके लिए प्रशंसा पत्र या पुरस्कार देकर सम्मानित भी करना चाहिए। आपदा के समय रोड सही होने चाहिए और छोटे विकल का प्रयोग करना चाहिए।
मेजर वरुण ने कहा कि आपदा के समय क्या-क्या करना है उसके बारे में सभी जानकारी होनी चाहिए। सभी को बारीकी से सभी नियमों का पता होना चाहिए। इसके साथ ही सभी विभागों के कलर कोड होने चाहिए, ताकि आपदा के समय पहचान हो सके। आपदा के समय एक चेकलिस्ट होनी चाहिए कि हमें किस-किस चीजों की जरूरत है ताकि कोई समस्या ना आए।
इस मौके पर मॉक ड्रिल के ऑब्जर्वर कर्नल नीतीश, अंबाला कैंट से मेजर वरुण, शाहाबाद के एसडीएम शंभू राठी, पिहोवा के एसडीएम अनिल दून, जिला राजस्व अधिकारी चेतना चौधरी, नगराधीश आशीष कुमार, जिला दमकल अधिकारी संदीप ग्रेवाल सहित संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।
