करनाल,
जिला कांग्रेस कमेटी (शहरी) करनाल के अध्यक्ष पराग गाबा ने केंद्र सरकार की लगातार बढ़ती महंगाई, जनविरोधी आर्थिक नीतियों और आमजन पर थोपे जा रहे असहनीय आर्थिक बोझ पर तीखा प्रहार करते हुए कहा कि चुनावों से पहले राहत, विकास और अच्छे दिनों के सपने दिखाने वाली भाजपा सरकार ने चुनाव समाप्त होते ही देशवासियों को महंगाई, करों और मूल्य वृद्धि की मार के हवाले कर दिया है।
पराग गाबा ने कहा कि पहले कमर्शियल गैस सिलेंडरों की कीमतों में भारी वृद्धि कर छोटे व्यापारियों, दुकानदारों, रेहड़ी-पटरी संचालकों, होटल व्यवसायियों और आम कारोबारियों की आर्थिक रीढ़ तोड़ी गई, और अब पेट्रोल-डीजल की कीमतों में बढ़ोतरी कर हर घर के बजट, हर व्यवसाय की लागत और हर नागरिक की जेब पर सीधा हमला किया गया है। उन्होंने कहा कि ईंधन मूल्य वृद्धि केवल वाहनों तक सीमित नहीं रहती, बल्कि खाद्य पदार्थों, परिवहन, शिक्षा, कृषि, व्यापार और दैनिक जीवन की हर आवश्यकता को महंगा बनाकर जनता का जीवन संकटग्रस्त कर देती है।
पराग गाबा ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी की हालिया अपील पर भी गंभीर प्रश्न खड़े करते हुए कहा कि जब देश का प्रधानमंत्री जनता से सोना न खरीदने, विदेश यात्राएं कम करने, पेट्रोल-डीजल कम उपयोग करने, खाद कम इस्तेमाल करने और खाने के तेल तक में कटौती करने की अपील करे, तो यह देश की आर्थिक नीतियों की विफलता का सबसे बड़ा प्रमाण है। उन्होंने कहा कि यह स्थिति दर्शाती है कि सरकार जनता को राहत देने में असफल हो चुकी है और अब अपनी जिम्मेदारियों से बचने के लिए नागरिकों से ही त्याग की अपेक्षा कर रही है।
उन्होंने कहा कि आज मध्यम वर्गीय परिवार, किसान, मजदूर, व्यापारी, युवा और नौकरीपेशा वर्ग पहले ही बढ़ती महंगाई, घटती आय और आर्थिक असुरक्षा के दबाव में जीवन यापन कर रहे हैं। नया शैक्षणिक सत्र शुरू होते ही स्कूल फीस, किताबें, यूनिफॉर्म, परिवहन और अन्य आवश्यक खर्चों ने परिवारों की आर्थिक चुनौतियों को और बढ़ा दिया है। ऐसे कठिन समय में पेट्रोल-डीजल और गैस की कीमतों में वृद्धि ने आम नागरिक की आर्थिक स्थिति को गहरे संकट में धकेल दिया है।
पराग गाबा ने कहा कि बढ़ती महंगाई ने रसोई से लेकर बाजार तक, किसान से लेकर व्यापारी तक, युवा से लेकर बुजुर्ग तक हर वर्ग को प्रभावित किया है। छोटे उद्योग कमजोर हो रहे हैं, व्यापारिक गतिविधियां मंद पड़ रही हैं, रोजगार के अवसर सिमट रहे हैं और आमजन का भविष्य असुरक्षा के साये में जा रहा है। भाजपा सरकार की असफल आर्थिक नीतियों ने देश की जनता को संघर्ष, चिंता और वित्तीय अस्थिरता के दौर में पहुंचा दिया है।
उन्होंने कहा कि सरकार अपनी नाकामियों को छुपाने के लिए टैक्स वृद्धि, ईंधन मूल्य वृद्धि और आवश्यक वस्तुओं की कीमतों में बढ़ोतरी के माध्यम से जनता से निरंतर राजस्व वसूली कर रही है, जबकि राहत, रोजगार, आर्थिक संतुलन और जनकल्याण के मोर्चे पर पूरी तरह विफल साबित हुई है। जनता की पीड़ा से कट चुकी यह सरकार केवल आर्थिक बोझ बढ़ाने का माध्यम बन गई है।
पराग गाबा ने स्पष्ट चेतावनी देते हुए कहा कि यदि सरकार ने शीघ्र महंगाई पर नियंत्रण नहीं किया, पेट्रोल-डीजल एवं गैस की बढ़ी कीमतें वापस नहीं लीं और आमजन को राहत देने के प्रभावी कदम नहीं उठाए, तो कांग्रेस पार्टी जनता की आवाज बनकर सड़कों पर उतरेगी और व्यापक जनआंदोलन, संघर्ष तथा रोष प्रदर्शन से पीछे नहीं हटेगी।
उन्होंने कहा कि कांग्रेस पार्टी सदैव गरीब, किसान, मजदूर, व्यापारी, युवा और मध्यम वर्ग के अधिकारों की रक्षा के लिए संघर्षरत रही है और आगे भी हर स्तर पर जनता के हितों की मजबूती से लड़ाई लड़ती रहेगी।
“जनता को राहत चाहिए, आर्थिक सम्मान चाहिए, सुरक्षित भविष्य चाहिए — भाजपा सरकार की महंगाई, बोझ और जनविरोधी नीतियां नहीं।”
