करनाल, 15 मई। अतिरिक्त उपायुक्त डॉ. राहुल रईया ने संबंधित विभागों के अधिकारियों को निर्देश दिए हैं भू-जल स्तर में इजाफे के लिए निर्धारित लक्ष्य को पूरा करने के लिए कमर कस लें। उन्होंने बताया कि वर्ष 2026-27 में इस जिला में 10 हजार जल संरक्षण संरचनाओं का निर्माण किया जाना है।
डा. रईया आज सिंचाई एवं जल संसाधन विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव अनुराग अग्रवाल द्वारा वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से की गई जल शक्ति अभियान की समीक्षा बैठक के बाद अधिकारियों को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि सिंचाई, पंचायती राज, शिक्षा, वन, जन स्वास्थ्य, पीडब्ल्यूडी, नगर निगम आदि विभागों द्वारा की जाने वाली जल संरक्षण संरचनाओं का निर्माण कार्य समय पर व प्राथमिकता से पूरा कराएं। साथ ही किए गए कार्यों को पोर्टल पर भी अपलोड कराएं। उन्होंने कहा कि शहर, गांवों, स्कूलों, सरकारी कार्यालयों आदि में वर्षा जल संचयन ( वाटर हार्वेस्टिंग) के लिए बनाई गई संरचनाओं को भी पोर्टल पर अपलोड किया जाए। जहां से संरचनाएं निष्क्रिय हैं वहां इन्हें सक्रिय किया जाए। शहर अथवा गांव में जहां ज्यादा स्थान उपलब्ध नहीं है वहां सोख पिट भी बनाया जा सकता है। इसके लिए किसानों को भी प्रेरित किया जाए।
उन्होंने कहा कि गिरता भूजल स्तर चिंता का विषय है। जमीन से पानी अधिक निकाला जा रहा है जबकि उसमें जमा कम किया जा रहा है। भूजल दोहन का कम करना होगा। वर्षा जल के संरक्षण के विभिन्न तरीकों को अपनाना होगा। बैठक में जिला सीईओ जिला परिषद अमित कुमार, एक्सईएन नारायण दत्त, विकास राज, डीपीसी धर्मपाल आदि मौजूद रहे।
