कुरुक्षेत्र, 12 मई। कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय ने राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 (एनईपी-2020) को पूर्ण रूप से लागू कर पूरे देश में एक ऐतिहासिक पहचान स्थापित की है। कुलगुरु प्रो. सोमनाथ सचदेवा ने बताया कि कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय देश का पहला ऐसा विश्वविद्यालय है जिसने एनईपी-2020 को समग्र और प्रभावी रूप से लागू करते हुए उच्च शिक्षा के क्षेत्र में नया मानदंड स्थापित किया है।  प्रो. सोमनाथ सचदेवा ने बताया कि देश में राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 को सभी प्रावधानों सहित प्रभावी ढंग से लागू करने के लिए कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय को हरियाणा राज्य उच्च शिक्षा परिषद द्वारा आयोजित पुरस्कार समारोह में “राष्ट्रीय शिक्षा नीति क्रियान्वयन उत्कृष्टता सम्मान-2025” के अंतर्गत प्लैटिनम अवॉर्ड से सम्मानित किया जा चुका है। राष्ट्रीय स्तर के इस मूल्यांकन में सभी सरकारी व निजी विश्वविद्यालयों के बीच केवल कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय को ही प्लैटिनम श्रेणी में चयनित किया गया। कुलगुरु प्रो. सोमनाथ सचदेवा ने बताया कि विश्वविद्यालय का उद्देश्य विद्यार्थियों को वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धी बनाना और उन्हें आधुनिक शिक्षा प्रणाली के अनुरूप तैयार करना है। उन्होंने कहा कि महिला नेतृत्व ने इस परिवर्तनकारी यात्रा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है और कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय को राष्ट्रीय स्तर पर नई पहचान दिलाई है।

लोक सम्पर्क विभाग के निदेशक प्रो. महासिंह पूनिया ने बताया कि इस ऐतिहासिक सफलता के पीछे कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय के कुलगुरु प्रो. सोमनाथ सचदेवा का दूरदर्शी नेतृत्व, प्रशासनिक क्षमता और महिला शिक्षकों की महत्वपूर्ण भूमिका रही है। कुलगुरु प्रो. सचदेवा के मार्गदर्शन में विश्वविद्यालय ने शिक्षा प्रणाली को नई दिशा देते हुए विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास, कौशल आधारित शिक्षा, शोध, नवाचार और रोजगारपरक पाठ्यक्रमों को प्राथमिकता प्रदान की।
उन्होंने बताया कि एनईपी-2020 के सफल क्रियान्वयन में प्रो. मंजुला चौधरी, प्रो. अनीता दुआ, प्रो. सुमन महेंदिया एवं डॉ. सलोनी दीवान सहित कई अन्य महिला शिक्षकों ने विशेष योगदान दिया। इन महिला शिक्षकों ने नीति को व्यवहारिक स्वरूप देते हुए बहुविषयक शिक्षा प्रणाली, पाठ्यक्रम पुनर्गठन, पारदर्शी प्रवेश प्रक्रिया, परीक्षा सुधार और व्यापक अध्यादेश निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। उनके प्रयासों से विश्वविद्यालय में शैक्षणिक गुणवत्ता, दक्षता और जवाबदेही को नई मजबूती मिली।
प्रो. मंजूला चौधरी ने बताया कि महिला नेतृत्व के इन प्रयासों से विश्वविद्यालय में एबिलिटी एन्हांसमेंट कोर्सेज, स्किल एनहांसमेंट कोर्सेज तथा व्यावसायिक मॉड्यूल्स को प्रभावी ढंग से लागू किया गया, जिससे विद्यार्थियों को वैश्विक प्रतिस्पर्धा के अनुरूप तैयार किया जा रहा है। विश्वविद्यालय ने एनईपी-2020 की मूल भावना – लचीलापन, अंतर्विषयक शिक्षा, कौशल विकास और समग्र शिक्षा  को सफलतापूर्वक धरातल पर उतारा है।
प्रो. अनिता दुआ ने बताया कि विश्वविद्यालय की एक और बड़ी उपलब्धि अप्रेंटिसशिप एम्बेडेड डिग्री प्रोग्राम्स (एईडीपी) की शुरुआत रही। कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय तथा बोर्ड ऑफ अप्रेंटिसशिप ट्रेनिंग (नॉर्दर्न रीजन) के बीच राष्ट्रीय प्रशिक्षुता प्रशिक्षण योजना (एनएटीएस) के अंतर्गत हुए एमओयू ने शिक्षा और उद्योग के बीच मजबूत सेतु का निर्माण किया। इन कार्यक्रमों ने विद्यार्थियों को व्यावहारिक अनुभव और रोजगारोन्मुखी शिक्षा से जोड़ने का कार्य किया। कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय की यह ऐतिहासिक उपलब्धि उच्च शिक्षा क्षेत्र में में नवाचार, गुणवत्ता, दूरदर्शी नेतृत्व और महिला सशक्तिकरण का सशक्त प्रतीक बनकर उभरी है, जिसने शिक्षा जगत में परिवर्तन और उत्कृष्टता की नई दिशा निर्धारित की है।

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