नगर निगम, प्रशासन व जनप्रतिनिधियों की संयुक्त पहल, पी.एन.जी. कनेक्शन को मिलेगा व्यापक प्रोत्साहन।
समस्त पार्षदों ने दिया पूर्ण सहयोग का आश्वासन।
करनाल 25 मार्च, शहर में एलपीजी गैस आपूर्ति को लेकर उत्पन्न हो रही समस्याओं के समाधान को लेकर नगर निगम कार्यालय के सभागार में एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक में नगर निगम, जिला प्रशासन, इंद्रप्रस्थ गैस लिमिटेड (आई.जी.एल.) के अधिकारियों तथा शहर के जनप्रतिनिधियों ने मिलकर एक व्यापक एवं दूरगामी रणनीति तैयार की, जिससे गैस संकट का स्थायी समाधान सुनिश्चित किया जा सके। बैठक की अध्यक्षता महापौर रेणु बाला गुप्ता ने की, जबकि नगर निगम आयुक्त डॉ. वैशाली शर्मा, एसडीएम प्रदीप कुमार, अतिरिक्त निगम आयुक्त अशोक कुमार, नगर निगम के पार्षद, आई.जी.एल. से एजीएम अशीष कुमार सहित पार्षदगण उपस्थित रहे।
बैठक के दौरान यह स्पष्ट किया गया कि एलपीजी पर बढ़ती निर्भरता के कारण आपूर्ति में असंतुलन उत्पन्न हो रहा है, जिसे दूर करने के लिए पाइप्ड नेचुरल गैस (पीएनजी) एक प्रभावी एवं स्थायी विकल्प के रूप में सामने आया है। इसी दिशा में सभी ने एकजुट होकर निर्णय लिया कि शहरभर में पीएनजी कनेक्शन को तेजी से बढ़ावा दिया जाएगा। इंद्रप्रस्थ गैस लिमिटेड के अधिकारियों ने सक्रियतापूर्वक भाग लेते हुए शहर में गैस की वर्तमान स्थिति, बढ़ती मांग और भविष्य की संभावनाओं पर विस्तार से जानकारी प्रस्तुत की।
इसके तहत वार्ड स्तर पर विशेष सर्वे अभियान चलाकर संभावित उपभोक्ताओं की पहचान की जाएगी। साथ ही व्हाट्सएप ग्रुप्स, सोशल मीडिया और अन्य जनसंचार माध्यमों के जरिए व्यापक जन जागरूकता अभियान चलाया जाएगा, ताकि अधिक से अधिक लोग पीएनजी कनेक्शन अपनाने के लिए प्रेरित हों।
महापौर रेणु बाला गुप्ता ने कहा कि नगर निगम, प्रशासन और जनप्रतिनिधियों का यह संयुक्त प्रयास केवल एक बैठक तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि इसे जमीनी स्तर पर प्रभावी रूप से लागू किया जाएगा। उन्होंने कहा कि वर्तमान गैस संकट को देखते हुए एक सुनियोजित और मजबूत कार्य योजना तैयार की गई है, जिससे आने वाले समय में शहरवासियों को किसी भी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े।
मेयर ने कहा कि हमारा उद्देश्य केवल समस्या का तात्कालिक समाधान नहीं, बल्कि एक स्थायी व्यवस्था विकसित करना है। पीएनजी कनेक्शन को बढ़ावा देकर हम न केवल गैस आपूर्ति को सुगम बना सकते हैं, बल्कि एक सुरक्षित, पर्यावरण-अनुकूल और आधुनिक सुविधा भी नागरिकों को प्रदान कर सकते हैं। नगर निगम पूरी प्रतिबद्धता के साथ इस दिशा में कार्य करेगा और प्रत्येक वार्ड में जनप्रतिनिधियों के सहयोग से इसे सफल बनाएगा।
नगर निगम आयुक्त डॉ. वैशाली शर्मा ने कहा कि प्रशासन इस योजना को चरणबद्ध तरीके से लागू करेगा और सुनिश्चित करेगा कि हर वार्ड तक इसकी पहुंच हो। उन्होंने आईजीएल के अधिकारियों को निर्देश दिए कि सर्वे, जागरूकता और कनेक्शन प्रक्रिया को तेजी से पूरा किया जाए, ताकि आम नागरिकों को शीघ्र राहत मिल सके।
उन्होंने एजीएम की सूची के हवाले से बताया कि शहर में करीब 8 हजार ऐसे हाऊस होल्ड हैं, जहां पर पीएनजी गैस की पहुंच है। इन लोगों को जागरूक करने की आवश्यकता है, ताकि वह जल्द से जल्द कनेक्शन ले सकें। उन्होंने एजीएम को निर्देश दिए कि जिन क्षेत्रों में उनके द्वारा पाईप लाईन डाली गई हैं तथा कनेक्शन दिए गए हैं, उन सभी जगहों पर रिस्टोरेशन कार्य मुकम्मल करना सुनिश्चित करें, अन्यथा नगर निगम सख्ताई करेगा।
एसडीएम प्रदीप कुमार ने बताया कि पीएनजी गैस शहरवासियों के लिए सस्ता एवं बेहतर विकल्प है। इसलिए ज्यादा से ज्यादा नागरिक पीएनजी कनेक्शन लें, ताकि एलपीजी गैस की बचत की जा सके। उन्होंने बताया कि शहर में करीब 10 हजार ऐसे हाऊस होल्ड हैं, जिनके पास एलपीजी एवं पीएनजी, दोनो कनेक्शन हैं उन्होंने सम्बंधित लोगों से अपील करते कहा कि वह एलपीजी कनेक्शन स्वत: ही हटवाकर केवल पीएनजी कनेक्शन रखें।
बैठक में उपस्थित सभी पार्षदों एवं अधिकारियों ने अपने-अपने सुझाव साझा करते हुए इस योजना को सफल बनाने का संकल्प लिया। सभी ने एक स्वर में कहा कि यह पहल शहर के लिए एक बड़ा और सकारात्मक बदलाव साबित होगी। इन सामूहिक प्रयासों के माध्यम से करनाल को गैस आपूर्ति की समस्या से मुक्त कर एक बेहतर, सुरक्षित और सुविधाजनक व्यवस्था उपलब्ध कराई जाएगी।
