सोनिका वधवा

कुरुक्षेत्र। भारतीय संस्कृति की अक्षय निधि तथा अध्यात्म की शाश्वत धारा धर्मक्षेत्र कुरुक्षेत्र एक बार पुनः उस दिव्य संवाद की साक्षी बनने जा रहा है जिसने युगों से मानवता को दिशा प्रदान की है। गीता परिवार के स्थापना काल के 40 स्वर्णिम वर्षों के उपलक्ष्य में आयोजित सहस्त्र गीता कंठनाद – राष्ट्र जागरण महायज्ञ की रूपरेखा आज आयोजित प्रेस वार्ता में प्रस्तुत की गई।

कार्यक्रम का संचालन श्रीमती मनीषा वत्स द्वारा किया गया। इस अवसर पर गीता परिवार के संस्थापक अध्यक्ष एवं श्री रामजन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट, अयोध्या के कोषाध्यक्ष परम पूज्य स्वामी गोविंद देव गिरि जी महाराज के पावन सान्निध्य में आयोजित होने वाले इस महायज्ञ के संबंध में गीता परिवार के राष्ट्रीय कार्याध्यक्ष डॉ संजय मालपाणी जी के मार्गदर्शन का उल्लेख किया गया। मंच पर गीता परिवार के अंतर्राष्ट्रीय कार्याध्यक्ष डॉ आशु गोयल जीउत्तरांचल प्रभारी श्रीमती मीनाक्षी गुप्ता जी, अद्वैत वेदांताचार्या एवं लर्नगीता की प्रोग्राम इंटरनेशनल कोऑर्डिनेटर रूपल शुक्ला जी सहित अन्य गणमान्य उपस्थित रहे।

कार्यक्रम के प्रमुख आकर्षण
27 एवं 28 मार्च को आयोजित इस राष्ट्र जागरण महायज्ञ में आध्यात्मिक एवं सांस्कृतिक कार्यक्रमों की अविराम श्रृंखला सम्पन्न होगी
• विश्व के 11 देशों एवं भारत के 22 राज्यों से पधारे 1000 से अधिक गीताव्रती साधकों द्वारा ब्रह्मसरोवर के पावन तट पर संपूर्ण श्रीमद्भगवद्गीता का सामूहिक कंठनाद
• राष्ट्रव्यापी गीता ओलंपियाड के विजेताओं का भव्य मंच से सम्मान
• गीता परिवार के संस्थापक अध्यक्ष परम पूज्य स्वामी गोविंद देव गिरि जी महाराज के आशीर्वचन
• योग ऋषि स्वामी रामदेव जी महाराज की गरिमामयी उपस्थिति
सांस्कृतिक महाशोभायात्रा, लघु भारत की दिव्य झलक
आयोजन का एक विशेष आकर्षण भव्य गीता शंखनाद यात्रा होगी जिसमें विभिन्न राज्यों से आए गीता परिवार के साधक अपनी पारंपरिक वेशभूषा, लोक संगीत एवं सांस्कृतिक स्वरूप के साथ सहभागिता करेंगे। यह यात्रा विविधता में एकता तथा सांस्कृतिक राष्ट्रचेतना का जीवंत दर्शन कराएगी।
ऐतिहासिक स्वर-अभिषेक का अद्वितीय क्षण
27 मार्च को ब्रह्मसरोवर के पावन तट पर जब 1000 से अधिक गीताव्रती साधक एक स्वर में संपूर्ण गीता का कंठनाद करेंगे तब यह दृश्य आध्यात्मिक ऊर्जा का अद्वितीय उत्सव होगा। ये वे साधक हैं जिन्होंने श्रीमद्भगवद्गीता के सभी 18 अध्यायों को कंठस्थ किया है।
28 मार्च को मुख्य कार्यक्रम सहस्त्र गीता कंठनाद पंजाबी धर्मशाला, कुरुक्षेत्र में आयोजित होगा जिसमें देशभर से संतवृंद, मनीषी, धर्मप्रचारक, विभिन्न प्रांतों के प्रतिनिधि तथा समाज के प्रबुद्ध नागरिक सहभागिता करेंगे।
लर्नगीता विश्व का सबसे बड़ा निःशुल्क ऑनलाइन गीता अध्ययन अभियान है जिसमें 182 देशों के 15 लाख से अधिक साधक जुड़ चुके हैं। इस आयोजन में लगभग 1500 से अधिक प्रतिभागियों की सहभागिता अपेक्षित है।
इस अवसर पर  श्री दक्षिण मुखी हनुमान मंदिर ब्रह्मा सरोवर के अध्यक्ष डॉक्टर हिमांशु शर्मा,  लर्नगीता कार्यक्रम संचालक कुमारी ज्योति शुक्ला, सुनीता खन्ना, ममता वर्मा, मीनू गोयल, सीमा गोयल, सत्यनारायण, राजेश भारद्वाज, डॉ लोकेश कुमार शर्मा, कमल शर्मा, मुकेश कुमारी सहित अनेक गीता सेवी उपस्थित रहे।

By Dr. Rajesh Wadhwa

778-779, Partap Colony, Railway Road, Near Rudra Cinema, Opp Chaat King India Row, Kurukshetra 136118 Mob. 9896352867, 9467040367

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *