3 से 5 नवम्बर तक चलने वाली प्रतियोगिता में 70 से अधिक प्रतिभागी कर रहे शिरकत
कुरुक्षेत्र (     ) 4 नवंबर
अध्यक्ष जसविंदर सिंह मीनू बेनीवाल एवं सचिव कृष्ण लाल पवार के कुशल नेतृत्व एवं मार्गदर्शन में हरियाणा ओलंपिक एसोसिएशन द्वारा  आयोजित 27 वीं राज्य स्तरीय खेल प्रतियोगिता 2025 के अंतर्गत हरियाणा योगासन स्पोर्ट्स एसोसिएशन के सहयोग से कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय के मल्टीपर्पज हॉल में आयोजित राज्य स्तरीय योगासन खेल प्रतियोगिता का कल देर सायं भव्य समारोह के साथ शुभारंभ हो गया । प्रतियोगिता निदेशिका डॉ कोमल कौशिक ने बताया कि मुख्य अतिथि प्रो. सोमनाथ सचदेवा, कुलपति, कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय, डॉ. जयदीप आर्य, महासचिव, योगासन भारत एवं अध्यक्ष, हरियाणा योग आयोग, डॉ. धर्म देव विद्यार्थी, निदेशक, हरियाणा साहित्य अकादमी (हरियाणा सरकार) एवं चेयरमैन, हरियाणा योगासन स्पोर्ट्स एसोसिएशन, ईश्वर सिंह दुहान, पूर्व महानिरीक्षक (आई.टी.बी.पी.) एवं राज्य जी.टी.सी.सी. चेयरमैन,
डॉ. युधवीर सिंह, सचिव, हरियाणा योगासन स्पोर्ट्स एसोसिएशन, नंदलाल बेनीवाल, सुनील कुमार व ईश आर्य सभी उपाध्यक्ष, हरियाणा योगासन स्पोर्ट्स एसोसिएशन, पतंजलि योग समिति से अशोक मित्तल, भारतीय योग संस्थान से गुलशन ग्रोवर, महिला पतंजलि योग समिति से डॉ निरुपमा भट्टी सहित कई उपस्थित गणमान्य महानुभावों ने दीप प्रज्वलित कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया ।
डॉ धर्म देव विद्यार्थी ने अपने संबोधन में कहा कि आज का यह अवसर केवल एक खेल प्रतियोगिता का उद्घाटन समारोह नहीं है, बल्कि यह वह ऐतिहासिक क्षण है जब योगासन को पहली बार
हरियाणा ओलंपिक खेलों में एक आधिकारिक खेल के रूप में स्थान प्राप्त हुआ है । यह पूरे भारत के लिए आत्मगौरव का क्षण है।
मुख्य अतिथि कुलपति प्रो. सोमनाथ सचदेवा ने कहा कि
योग केवल शरीर का व्यायाम नहीं है। यह शरीर को मन से, मन को बुद्धि से, बुद्धि को आत्मा से और आत्मा को परमात्मा से जोड़ने का साधन है । उन्होंने आयोजकों, हरियाणा ओलंपिक एसोसिएशन, हरियाणा योगासन स्पोर्ट्स एसोसिएशन, हरियाणा योग आयोग, और योगासन भारत
सभी को इस भव्य आयोजन के लिए हृदय से बधाई दी ।
कार्यक्रम अध्यक्ष डॉ जयदीप आर्य ने कहा कि यह पहल हमारे माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी की उस ओलंपिक दृष्टि का मूर्त रूप है, जिसके अंतर्गत उन्होंने “स्थानीय से वैश्विक “
योग आंदोलन का आह्वान किया है। उनका सपना है कि भारत योग के माध्यम से न केवल विश्व को स्वास्थ्य और शांति का संदेश दे बल्कि खेलों के क्षेत्र में भी योगासन को वैश्विक मान्यता दिलाए । जो खिलाड़ी योग के भाव से मैदान में उतरता है, वह पहले ही विजेता होता है । इस प्रतियोगिता में सीनियर वर्ग में पारंपरिक एकल, कलात्मक एकल, कलात्मक जोड़ी और तालबध युगल चार इवेंट्स रखे गए हैं । प्रतियोगिता के लिए “माटी से मेडल तक” थीम मैं प्रतिभागियों के उत्साह को दोगुना कर दिया है । उन्होंने बताया कि इस आयोजन के लिए कुरुक्षेत्र जैसी पवित्र भूमि का चयन इसलिए   किया है क्योंकि
यह वही भूमि है जहाँ भगवद्गीता का संदेश “कर्मयोग” के रूप में सम्पूर्ण मानवता को मिला था । इस प्रतियोगिता में सभी विजेता खिलाड़ियों को ग्रेडेशन प्रमाणपत्र और योगासन में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वालों को मेरिट प्रमाणपत्र प्रदान किए जाएँगे ।
ईश्वर सिंह दुहान ने बताया कि डॉ जयदीप आर्य ने आगामी प्रतियोगिता में योगासन खेल में कम से कम 25 मेडल का लक्ष्य निर्धारित किया है ।
डॉ. युद्धवीर सिंह ने कहा कि यह हमारे लिए गर्व का विषय है कि योग ऋषि पूज्य स्वामी रामदेव जी महाराज और डॉ. जयदीप आर्य जी के नेतृत्व एवं सतत प्रयासों का परिणाम है, जिन्होंने योगासन को खेल के रूप में संस्थागत स्वरूप प्रदान किया है ।
योगासन आगामी 2026 एशियन खेल (जापान) में एक प्रदर्शन खेल और 2030 कॉमनवेल्थ गेम्स में एक पदक खेल (Medal Sport) के रूप में शामिल होने जा रहा है।
खिलाड़ियों व तकनीकी अधिकारियों द्वारा शपथ ग्रहण समारोह के पश्चात कुछ खिलाड़ियों द्वारा योग व सांस्कृतिक सुंदर प्रस्तुतियां दी गई । इस अवसर पर सभी तकनीकी अधिकारियों, योग प्रशिक्षकों के अतिरिक्त प्रद्युमन सिंह, सुरेश कुमार, राम मेहर अत्रि, कुलवंत सिंह, जय प्रकाश पवार, डॉ रजनी बाली व कुछ जिलों के योगासन संघ के प्रतिनिधि उपस्थित थे ।
आज पुरुषों व महिलाओं की पारंपरिक एकल व कलात्मक एकल योगासन प्रतियोगिताएं संपन्न हो गई । कल 5 नवंबर को प्रातः बाकी बची प्रतियोगितायें आयोजित की जाएंगी ।  कल ही दोपहर 12:00 बजे सुंदर समापन समारोह आयोजित किया जाएगा ।

By Dr. Rajesh Wadhwa

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