पानीपत। पहाड़ों पर हो रही वर्षा से अंबाला स्थित टांगरी व यमुनानगर स्थित सोम नदी को उफान पर ला दिया है। अंबाला की तीन बरसाती नदियों ने कहर बरपाया। टांगरी के किनारे बसी 45 कालोनियों सहित गांव गोला, हेमामाजरा में पानी घुस गया। इस सीजन में करीब पांचवीं बार है कि गांव गोला में पानी घुसा है।
लोगों को सुरक्षित बाहर निकालने के लिए एसडीआरएफ की टीमें तैनात की गईं। इन टीमों ने 100 से अधिक बच्चों और परिवारों को सुरक्षित घरों से बाहर निकाला। लोग बचाव के लिए छतों पर चढ़ गए। साथ ही टांगरी नदी के आसपास के स्कूलों में भी छुट्टी कर दी गई।

डीसी अजय सिंह तोमर और प्रदेश के ऊर्जा, परिवहन और श्रम मंत्री अनिल विज ने भी अधिकारियों संग टांगरी नदी और किनारे बसी कालोनियों का जायजा लिया। साथ ही एसडीआरएफ की टीम को तैनात करने के निर्देश दिए। टांगरी में 40 हजार क्यूसेक पानी से चंदपुरा गांव के पास तटबंध टूट गया।

वहीं, सोम नदी में 23 हजार क्यूसेक बहाव होने से पटरी का तटबंध टूट गया। उधर मुलाना से गुजरने वाली मारकंडा नदी का जलस्तर भी खतरे के निशान से 10 फीट को पार कर गया।

दोपहर दो बजे तक 52, 600 क्यूसेक पानी का बहाव रहा जो शाम को 43,200 क्यूसेक रह गया। बेगना नदी में भी 25 हजार क्यूसेक पानी का बहाव रहा। शाहाबाद में मारकंडा नदी में 15 हजार क्यूसेक और कैथल क्षेत्र में घग्गर नदी में शाम छह बजे 14,630 क्यूसेक पानी का बहाव रहा था।

हथनीकुंड बैराज के सभी 18 गेट खोले, दो दिन में दिल्ली पहुंचेगा पानी पहाड़ी क्षेत्रों में हुई भारी वर्षा से यमुानगर में यमुना व सोम नदी उफान पर आ गई हैं। रामपुर कंबोयान व गांव बिहटा के पास सोम नदी में 23 हजार 100 क्यूसेक बहाव होने से पटरी का तटबंध टूट गया। तटबंध टूटने से बाढ़ का पानी खेतों में घुस गया और रामपुर बिहटा व मुजाफ्त गांव के 300 एकड़ खेत जलमग्न हो गए।

हथनीकुंड बैराज पर शाम पांच बजे यमुना नदी में अधिकतम 90 हजार 926 क्यूसेक बहाव रहा। बैराज के सभी 18 गेट खोल दिए गए। यह पानी दो दिन में दिल्ली में पहुंच कर तबाही मचा सकता है। 17 अगस्त को यमुना नदी में पौने दो लाख क्यूसेक बहाव हो गया था। खेतों में धान, गन्ना और पापुलर की फसलें पानी में डूबकर बर्बाद होने की कगार पर चुकी हैं। 30 गांवों की हजारों एकड़ फसल जलमग्न हो गई।

भाखड़ा व पोंग बांध में रिकार्ड स्तर पर पहुंचा जलस्तर

गुरुवार को भाखड़ा बांध का स्तर 1,672 फीट और पोंग बांध का स्तर 1,393 फीट दर्ज किया गया। बांधों में रिकार्ड जलभराव से पंजाब, हरियाणा और राजस्थान के निचले क्षेत्रों में प्रशासन अलर्ट पर है। फतेहाबाद और सिरसा जिलों में प्रशासन ने निगरानी बढ़ाई है।

बीबीएमबी ने केंद्रीय जल आयोग (सीडब्ल्यूसी) द्वारा वर्ष 2024 में तैयार रूल कर्व को इस साल से लागू किया है। पहली अगस्त से अब तक समिति सात बार बैठक कर चुकी है और हर निर्णय पारदर्शिता और सुरक्षा को ध्यान में रखकर सर्वसम्मति से लिया गया है।

घग्घर की क्षमता 20 हजार की, पानी 37,700 क्यूसेक बह रहा, बाढ़ का खतरा कैथल क्षेत्र में घग्गर नदी में शाम छह बजे तक 14,630 क्यूसेक पानी बह रहा था। हिमाचल में तेज वर्षा से यहां देर रात तक कैथल में स्तर बढ़ने की संभावना है।

By Dr. Rajesh Wadhwa

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