कुरुक्षेत्र, 28 जनवरी। 
कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. सोमनाथ सचदेवा की अध्यक्षता में मंगलवार को केयू सीनेट हॉल में कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय की एकेडमिक काउंसिल की 127वीं बैठक ऑफलाइन व ऑनलाइन मोड में आयोजित की गई जिसमें 28 महत्वपूर्ण शैक्षणिक मुद्दों पर चर्चा कर महत्वपूर्ण शैक्षणिक निर्णय लिए गए। इसके साथ ही बैठक में 26 जून 2024 को आयोजित हुई बैठक के मिनट्स को भी स्वीकृति प्रदान की गई। इस अवसर पर कुवि कुलसचिव डॉ. वीरेन्द्र पाल ने कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय के कुलपति प्रोफेसर सोमनाथ सचदेवा की अनुमति से बैठक में 28 मुद्दों को क्रमवार चर्चा के लिए सभी के समक्ष रखा। इसके साथ ही बैठक में नए एकेडमिक सदस्यों का भी स्वागत किया गया।
बैठक में इतिहास विभाग में सत्र 2024-25 से एसएफएस स्कीम के तहत अभिलेखागार और अभिलेख प्रबंधन में पीजी डिप्लोमा को शुरू करने की अनुशंसा की गई। वहीं कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय के साथ विभिन्न शैक्षणिक एवं औद्योगिक, इंडस्ट्रीज के साथ किए गए एमओयू को भी संस्तुति प्रदान की गई जिसमें मीरकैट्स इनोवेशन टेक्नो टूल्स प्राइवेट लिमिटेड, गुरूग्राम, कुमाऊं यूनिवर्सिटी नैनीताल, स्वदेशी शोध संस्थान, नई दिल्ली, इस्कॉन एवं केडीबी के साथ संयुक्त रूप से किए गए एमओयू शामिल हैं। इसके साथ केयू तथा हायर स्मार्ट सोलुशन प्राइवेट लिमिटेड, नई दिल्ली, तथा गुरुग्राम विश्वविद्यालय के साथ हाल ही में किए गए समझौते को अकादमिक परिषद द्वारा अनुमोदित किया गया ।
शैक्षणिक परिषद में आईआईएचएस में चल रहे नियमित कार्यक्रमों के अनुरूप यूजी ऑनलाइन कार्यक्रम की योजना और पाठ्यक्रम के बारे में चर्चा हुई। वहीं निरीक्षण कमेटी के आधार पर प्रोविजनल सम्बद्धता के आधार पर डॉ. बीआर अम्बेडकर लॉ कॉलेज, कुरुक्षेत्र को स्वीकृति दी गई। इसके साथ ही विभिन्न शैक्षणिक संस्थानों में विभिन्न पाठ्यक्रमों को शुरू करने संबंधी निरीक्षण कमेटी की रिपोर्ट को प्रस्तुत किया गया।
बैठक में यूजी/पीजी कार्यक्रम के तहत प्रमाण पत्र/डिप्लोमा/डिग्री लेने वाले विद्यार्थियों द्वारा वृक्षारोपण करने के लिए दिशा-निर्देश तैयार करने के संबंध में कमेटी की सिफारिशों को भी मंजूरी प्रदान की गई। एनईपी-2020 के अनुसार एलओसीएफ सीबीसीएस के तहत एकीकृत शिक्षक शिक्षा कार्यक्रम (आईटीईपी) बीए बी.एड., बी.एससी. बी.एड. तथा बी.कॉम. बी.एड. (माध्यमिक चरण) के लिए अध्यादेश को मंजूरी दी गई।
इसके साथ ही बैठक में एनसीटीई/आरसीआई दिशानिर्देशों के अनुसार कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय/हरियाणा के किसी अन्य राज्य विश्वविद्यालय/हरियाणा के राज्य विश्वविद्यालय के अलावा बी.एड./बी.एड. (विशेष शिक्षा) (वी.आई.) उत्तीर्ण करने वाले छात्रों को, यदि अन्यथा पात्र हों, तो प्रचलित अध्यादेश और योजना/पाठ्यक्रम के अनुसार निर्धारित शुल्क के साथ बी.एड./बी.एड. (विशेष शिक्षा (वी.आई.) परीक्षा के एक/दो अतिरिक्त शिक्षण विषय में बैठने की अनुमति की अनुशंसा की गई।
बैठक के अंत कुवि कुलसचिव डॉ. वीरेन्द्र पाल ने सभी का धन्यवाद ज्ञापित किया। इस अवसर पर डीन एकेडमिक अफेयर्स प्रो. दिनेश कुमार, डीन ऑफ कॉलेजिज प्रो. ब्रजेश साहनी, निदेशक यूआईईटी प्रो. सुनील ढींगरा, डीन रिसर्च एंड डेवलपमेंट प्रो. संजीव अग्रवाल, सहित कुलपति के ओएसडी पवन रोहिला व एकेडमिक काउंसिल के सदस्य मौजूद रहे।
कार्यशाला का उद्देश्य उपयोगी सांख्यिकीय टूल की जानकारी देना : प्रो. अनीता दुआ
केयू महिला अध्ययन शोध केन्द्र में डाटा विश्लेषण को लेकर दस दिवसीय कार्यशाला का हुआ शुभारम्भ
कुरुक्षेत्र, 28 जनवरी।
 कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय के महिला अध्ययन शोध केन्द्र द्वारा केन्द्र के विद्यार्थियों के लिए ‘सांख्यकीय सॉफ्टवेयर का उपयोग करते हुए डाटा एनालिसिस’ विषय को लेकर दस दिवसीय कार्यशाला का आयोजन अवसर पर केन्द्र की निदेशिका प्रो. अनीता दुआ ने कहा कि इस कार्यशाला का उद्देश्य विद्यार्थियों को शोध के लिए उपयोगी सांख्यिकीय टूल की जानकारी देना है जिससे वे क्षेत्र से लाए हुए डेटा को सही से इस्तेमाल करना, उस पर उचित सांख्यिकी लगाना जान सके। इसके साथ ही वे विभिन्न टूल के माध्यम से निष्कर्ष निकालना भी सीख सकेंगे जिससे वे भविष्य में एक अच्छे शोधार्थी साबित हो सकें। उन्होंने बताया कि यह कार्यशाला 6 फरवरी तक संचालित होगी।
कार्यशाला में मुख्य वक्ता कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय के इंस्टीट्यूट ऑफ इंटीग्रेटेड एवं ऑनर्स स्टडीज के सांख्यिकी विभाग के डॉ. मनीष गोयल ने विद्यार्थियों को सांख्यिकी के विभिन्न कांसेप्टस, डाटा का अर्थ, प्रकार, डाटा का स्रोत, डाटा इकट्ठा करने के टूल तथा डाटा विश्लेषण वर्कफलो की जानकारी दी। कार्यशाला के दूसरे दिन सैंपलिंग का अर्थ, प्रकार, महत्व, उचित सैंपल के आकार, एक्सेल एवं एसपीएसएस की प्रारंभिक जानकारी दी।
शिक्षा, नवाचार एवं स्वास्थ्य सेवा में सूचना एवं संचार प्रौद्योगिकी की अहम भूमिका : डॉ. कंवल गर्ग
केयू एमएमटीटीसी ओरिएंटेशन कार्यक्रम में दी सूचना एवं संचार प्रौद्योगिकी विषय की जानकारी
कुरुक्षेत्र, 28 जनवरी।
 कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय, कुरुक्षेत्र के यूजीसी मलावीय मिशन शिक्षक प्रशिक्षण केंद्र ने 23वें ऑनलाइन राष्ट्रीय शिक्षा नीति (एनईपी) 2020 अभिमुखीकरण और संवेदनशीलता कार्यक्रम के तहत ‘सूचना और संचार प्रौद्योगिकी’ पर आयोजित पहले सत्र में डॉ. कंवल गर्ग, उपनिदेशक, केयू एलुमनाई एसोसिएशन ने कहा कि डिजीटल युग में शिक्षा, विज्ञान, नवाचार को बढ़ावा देने, व्यवसायों को सशक्त बनाने तथा स्वास्थ्य सेवा में क्रांति लाने में सूचना एवं संचार प्रौद्योगिकी की अहम भूमिका है। उन्होंने आईसीटी की मूल बातों, इसके ऐतिहासिक विकास और शिक्षा में इसकी भूमिका पर अहम जानकारी साझा करते हुए पाठशाला, मूक आदि जैसे पोर्टलों का उदाहरण देते हुए शिक्षा को बदलने में आईसीटी के प्रभाव पर चर्चा की।
दूसरे सत्र में प्रो. सुचिता उपाध्याय भसीन, पूर्व अध्यक्ष, कंप्यूटर विज्ञान और अनुप्रयोग विभाग, कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय ने ‘शिक्षकों को सशक्त बनाना, प्रभावी शिक्षण और अधिगम के लिए आईसीटी का उपयोग’ विषय पर चर्चा की। उन्होंने बताया कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति (एनईपी) युग में सूचना और संचार प्रौद्योगिकी (आईसीटी) की परिवर्तनकारी भूमिका सर्वव्यापक गुणवत्तापूर्ण शिक्षा तक पहुंच, छात्रों के समग्र विकास, बहुभाषावाद और आईसीटी के एकीकरण पर जोर देती है। सत्रों का समापन इंटरएक्टिव प्रश्न-उत्तर सत्रों के साथ हुआ। पाठ्यक्रम समन्वयक डॉ. आरुषि मित्तल ने वक्ताओं को धन्यवाद दिया और प्रो. प्रीति जैन से मार्गदर्शन और समर्थन प्राप्त करने की सराहना की।

By Dr. Rajesh Wadhwa

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