कुरूक्षेत्र। उपायुक्त एवं जिला रेडक्रास चेयरमैन नेहा सिंह के निर्देशानुसार नववर्ष की शुरुआत पर जिला रेडक्रास सोसायटी की ओर से टीबी के प्रति जागरूकता अभियान चलाया गया। जिला टीबी को-आर्डिनेटर अंजलि की अगुवाई सन्निहित सरोवर स्थित लेबर चौक पर श्रमिकों को टीबी बचाव की जानकारी दी गई। इसके साथ ही ब्रह्मसरोवर पर आए पर्यटकों, साधुओं और आसपास की झुग्गी-झोपड़ियों में भी टीबी बचाव के प्रति जागरूक अभियान चलाया गया।
जिला रेडक्रास सोसायटी सचिव डॉ. सुनील कुमार ने बताया कि जिले को टीबी मुक्त बनाने के लिए स्लम बस्तियों, गांवों और श्रमिकों को बचाव के प्रति जागरूक किया जा रहा है। सरकार द्वारा टीबी उन्मूलन अभियान के तहत रेडक्रास द्वारा वर्ष 2025 तक टीबी समाप्त करने के लक्ष्य के तहत रोडमैप तैयार कर कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। टीबी को हराने के लिए सभी के साझे प्रयास जरूरी हैं। स्वास्थ्य विभाग और जिला रेडक्रास सोसायटी के संयुक्त प्रयासों से शहर व ग्रामीण क्षेत्रों में टीबी मरीजों तक दवाइयां मुफ्त पहुंचाई जा रही हैं। उन्होंने आह्वान किया कि टीबी के आर्थिक रूप से कमजोर रोगियों को निक्षय मित्र बनकर आर्थिक रूप से मदद की जा सकती है, इसलिए सामाजिक संस्थाएं एवं प्रबुद्ध लोग निक्षय मित्र बनने के लिए आगे आएं।
जिला टीबी को-आर्डिनेटर अंजलि ने बताया कि केंद्र व राज्य सरकार के सघन जागरूकता अभियान के तहत श्रमिकों व ब्रह्मसरोवर पर आने वाले पर्यटकों व साधु-संतों को टीबी से बचाव के प्रति जागरूक किया गया। रेडक्रास की ओर से ड्राप आउट क्षय रोगियों का इलाज शुरू करने के साथ ही आर्थिक रूप से कमजोर रोगियों को पौष्टिक आहार किट भी वितरित की जा रही हैं। सरकार की ओर से टीबी जागरूकता को लेकर जो कार्यक्रम निर्धारित किए गए हैं, उनमें भी रेडक्रास सोसायटी बढ़-चढक़र हिस्सा लेती है। इस अवसर पर वालंटियर जोगेंद्र, राहुल, रानी व आरती प्रमुख तौर पर मौजूद रहे।
टीबी को हराने के लिए साझे प्रयास जरूरी : डॉ. सुनील कुमार
डॉ. राजेश वधवा
