करनाल, 9 अक्तूबर। उप सिविल सर्जन की अध्यक्षता में एचआईवी एड्स प्रिवैंशन एंड कंट्रोल एक्ट 2017 की ट्रेनिंग जिला करनाल के  हैल्थ स्टाफ को दी गई। जिसमें उप सिविल सर्जन डा. सिम्मी कपूर, उप सिविल सर्जन डा. सरोज ने एचआईवी एड्स एक्ट 2017 के बारे में पूर्ण जानकारी दी। इस ट्रेनिंग में ब्लाक से वरिष्ठ चिकित्सा अधिकारी, चिकित्सा अधिकारी और अन्य हैल्थ स्टाफ ने भाग लिया। उन्होने एक्ट के अनुसार दी जानकारी में एचआईवी एड्स हैल्पलाइन टोल फी नंबर 1097 से एचआईवी एड्स व एचआईवी एक्ट की जानकारी प्राप्त करने के बारे में बताया। इस प्रोग्राम में उप सिविल सर्जन डा. सिम्मी कपूर ने सभी प्रतिभागियों से अपील की कि उन्हे जो एचआईवी एड्स की जानकारी दी गई है। उसे सभी से सांझा करें  ताकि एचआईवी एड्स की जानकारी ज्यादा से ज्यादा लोगों तक पहुंचाई जा सके तथा एचआईवी के संक्रमण को फैलने से रोका जा सके। इसके साथ ही एचआईवी एड्स एक्ट 2017  के बारे में भी जानकारी दी ताकि किसी भी प्रकार से संक्रमित व्यक्ति को उसके अधिकारों से उसे वंचित किया जाता है तो उस दशा में वे कौन से ठोस कदम उठा सकतें हैं। इसके अतिरिक्त उन्होने टी0बी0 के कारण, लक्षण व रोकथाम के बारे में भी जानकारी दी। इस ट्रेनिंग का मुख्य उदेश्य किसी भी गर्भवती महिला से एचआईवी व सिफलिस से रिफलैक्टिड बच्चा पैदा न हो। जानकारी ही बचाव है। सभी एएनसी का पहले ट्राइमैस्टर में एचआईवी व वीडीआरएल टैस्ट हो। यदि किसी गर्भवती महिला को सिफलिस है तो उसका ईलाज पूर्ण रूप से संभव है व  सिफलिस ठीक हो सकता है। जो महिलाएं हाई रिस्क में है। उनका समय समय पर एचआईवी व वीडीआरएल टैस्ट करवाने से बच्चा नैगेटिव हो सकता है। पार्टनर का टैस्ट व ईलाज भी महत्वपूर्ण है।

By Dr. Rajesh Wadhwa

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