विभाग के चित्रकला, एल्यूमनी कला व् सिनेमा जगत, विज्ञापन क्षेत्र, फोटोग्राफी जैसी विधाओं में उच्च पदों पर हैं कार्यरत


कुरुक्षेत्र, 10 जून।
 कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय के ललित कला विभाग में ललित कला स्नातकोत्तर तथा ललित कला स्नातक (बीएफए) का आनलाईन आवेदन प्रारम्भ हो चुका है। आवेदक निर्धारित तिथि से विश्वविद्यालय पोर्टल केयूके डॉट एसीडॉटइन के द्वारा आवेदन कर सकते हैं। दो वर्षीय एमए/एमएफए डिग्री के अन्तर्गत चित्रकला, व्यवहारिक कला, मूर्तिकला एवं छापाकला तथा चार वर्षीय ललित कला स्नातक (बीएफए) डिग्री का प्रशिक्षण दिया जाता है। इस व्यावसायिक पाठ्यक्रम में किसी नूतन प्रवृत्ति का विलक्षण प्रतिभा को उजागर कर व्यक्ति को वास्तविक शिल्प रचना हेतु आत्मिक व काल्पनिक परिदृश्य का ज्ञान या बौद्ध शक्ति का प्रशिक्षण दिया जाता है।
ललित कला विभाग के कार्यकारी विभागाध्यक्ष डॉ. गुरचरण सिंह ने बताया कि कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय का ललित कला विभाग वर्ष 1995 में संस्थापन के साथ ही हरियाणा में कला के प्रति जन-जागृति भी पैदा कर रहा है। वर्तमान में ललित कला विभाग हरियाणा तथा भारत के सर्वोत्तम कला संस्थानों में से एक है। विभाग के चित्रकला, एल्यूमनी सिनेमा जगत, विज्ञापन क्षेत्र, जैसी विधाओं में उच्च पदों पर कार्यरत हैं। विभाग का पाठ्यक्रम आधुनिक विधाओं से परिपूर्ण है जिसमें संस्थापन कला, असेम्बलाज, परफॉर्मेंस कला व अन्य विधाएं सम्मिलित हैं। विभाग के शिक्षक देश-विदेश में प्रसिद्ध कलाकार के रूप में जाने जाते हैं। विभाग के प्रांगण में प्रत्येक वर्ष कला सम्बन्धित क्रियाकलाप जैसे कला प्रदर्शनी, कला संगोष्ठी एवं वर्कशॉप आयोजित किए जाते हैं जिसमें देश के विख्यात कलाकारों को आमंत्रित किया जाता है । इन गतिविधियों से नूतन कलाकारों की बौद्धिक क्षमता विकसित होती है।
डॉ. गुरचरण सिंह ने व्यावसायिक दृष्टि से बताया कि ललित कला के क्षेत्र में विद्यार्थियों के लिए व्यवसाय की अनगिनत संभावनाएं हैं। कला के अंतर्गत विद्यार्थी ग्राफिक डिजाइनर, प्रोडक्ट डिजाईनर, एनीमेटर, इलस्ट्रेटर एवं कला निर्देशक जैसी प्रतिभा प्राप्त करके अपना भविष्य उज्ज्वल कर सकते हैं। यहां के विद्यार्थी एमडेस (मास्टर ऑफ डिजाईन, आईआईटी) में भी प्रवेश प्राप्त कर सकते है। इसके साथ-साथ अध्यापन क्षेत्र में भी इस विधा के कलाकार कार्य कर रहे है। यहां के विद्यार्थियों को अंतर्राष्ट्रीय स्तर की शिक्षा दी जाती है। यहां नवीन प्रवृत्तियों को अच्छा मार्गदर्शन मिलता है। विभाग के विद्यार्थी देश के अलग-अलग क्षेत्र में शिक्षण प्रशिक्षण एवं स्वतंत्र कलाकार के रूप में विश्वविद्यालय तथा विभाग का प्रतिनिधित्व कर गौरवान्वित कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि एमए फाईन आर्ट में चित्रकला,व्यावहारिक कला में संयुक्त रूप से 30 सीटें हैं।
लोक सम्पर्क विभाग के निदेशक प्रो. महासिंह पूनिया ने बताया कि मास्टर ऑफ फाइन आर्ट्स में चित्रकला, व्यावहारिक कला, मूर्तिकला तथा छापाकला में संयुक्त रूप से 50 सीटें हैं। ललित कला स्नातक(बीएफए) में 50 सीटों पर आवेदन की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है। अभ्यर्थी का चुनाव पूर्व परीक्षा के प्राप्तांकों के आधार पर होगा। चित्रकला स्नातक(बीएफए) में विद्यार्थियों को स्थिर चित्रण, रेखांकन, संयोजन एवं सजीव चित्रण के वास्तविक चित्रांकन का प्रशिक्षण दिया जाता है जिसमें विद्यार्थी चित्रण के प्रत्येक  पहलू में दक्षता प्राप्त करता है। व्यवहारिक कला स्नातक में पोस्टर मेकिंग, लेटर राईटिंग, लोगो डिजाइन, फोटोग्राफी एवं हार्डिंग जैसी विधाओं का कम्प्यूटरीकृत तथा निर्मित प्रयोजन का प्रशिक्षण दिया जाता है। मूर्तिकला में क्ले मॉडलिंग, पीओपी और फाइबर कास्टिंग, मेटल कास्टिंग, वुड कार्विंग, स्टोन कार्विंग एवं स्वचालित मूर्तिशिल्प में प्रशिक्षित कराया जाता है। छापा चित्रकला के अन्दर एचिंग, लिथोग्राफी, वुड कट, लीनो कट एवं सेरीग्राफी विधाओं के कला कौशल से पूर्ण शिक्षित किया जाता है। ये सभी विधाएं विद्यार्थी की प्रतिभा तथा कला कौशल की द्योतक हैं जिसमें उनकी वैचारिक एवं बौद्धिक क्षमता का सम्पूर्ण होता है। वर्तमान में अनुभवी शिक्षकों ने शिक्षण-प्रशिक्षण का कार्यभार संभाला हुआ है। सभी प्राध्यापक अलग-अलग विषय के विशेषज्ञ हैं जिसमें भारतीय तथा पाश्चात्य कला इतिहास, चित्रकला, व्यवहारिक कला, फोटोग्राफी, मूर्तिकला एवं छापा चित्रकला की विशेषज्ञता सम्मिलित है। विभाग के शिक्षकों सर्वत्र विद्यार्थियों की आन्तरिक चेतना को पहचान कर उनकी कौशलता के अनुरूप ढालने का कार्य भली-भांति किया है। पिछले 25 वर्षों से विभाग निरंतर प्रगति की ओर अग्रसर है तथा समस्त विधाओं की पूर्ण चेतना को साक्षात् कर विद्यार्थियों के समक्ष वितरित किया है।
लोक सम्पर्क विभाग के निदेशक प्रो. महासिंह पूनिया ने बताया कि कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. सोमनाथ सचदेवा के निर्देशानुसार ललित कला विभाग के पीजी पाठ्यक्रमों में ऑनलाइन दाखिले की प्रक्रिया 23 मई से शुरू हो चुकी है तथा विद्यार्थी 15 जून तक ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। उन्होंने बताया कि कला तथा चित्रकला में संयुक्त रूप से 30 सीटें हैं। मास्टर आफ फाइन आर्ट्स में चित्रकला, व्यावहारिक कला, मूर्तिकला तथा छापाकला में संयुक्त रूप से 50 सीटें हैं। ललित कला स्नातक (बीएफए) में 50 सीटों पर आवेदन की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है जिन पर विद्यार्थी दाखिला ले सकते हैं। कुलपति प्रो. सोमनाथ सचदेवा के निर्देशानुसार विद्यार्थियों की दाखिला सम्बंधी जानकारी के लिए ऑनलाइन हेल्पडेस्क भी गठित किया गया है। ऑनलाइन एडमिशन से सम्बन्धित जानकारी के लिए विद्यार्थी कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय की वेबसाइट से जानकारी प्राप्त कर सकते हैं।

By Dr. Rajesh Wadhwa

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