Category: National

बजट 2025: मध्यम वर्ग के लिए बड़ी सौगात

केंद्रीय बजट 2025 ऐसे महत्त्वपूर्ण समय पर आ रहा है, जब भारत की आर्थिक वृद्धि चार वर्षों में अपने सबसे निचले स्तर पर आ गई है। अमेरिकी टैरिफ के खतरों…

करोड़ों साल पुरानी ऐतिहासिक पवित्र सरस्वती की धारा पुन प्रवाहित करने पर सरकार का फोकस:भारत भूषण भारती

अंतर्राष्ट्रीय सरस्वती महोत्सव को 9 दिन तक बढ़ाने का प्रस्ताव, महर्षि संस्कृति विश्वविद्यालय बोर्ड के साथ मिलकर शोध जैसे कार्यो में करेगा योगदान, 10 सालों के शोध, विकास कार्यो पर…

हिंदू परंपराओं में महाकुंभ मेले का महत्त्व।

महाकुंभ विविध पृष्ठभूमि के लाखों व्यक्तियों को एकजुट करता है, सामाजिक सामंजस्य और सांस्कृतिक संपर्क के लिए एक स्थान स्थापित करता है। यह आयोजन पर्यटन, स्थानीय व्यवसायों के लिए समर्थन…

ग्रामीण भारत की कहानी बदल रही है स्वामित्व योजना

स्वामित्व (ग्रामीण क्षेत्रों में सुधारित प्रौद्योगिकी के साथ गांवों का सर्वेक्षण और मानचित्रण) पहल से भारत के ग्रामीण क्षेत्रों में बदलाव आ रहा है। इस पहल के तहत सरकार द्वारा…

स्वतंत्रता प्राप्ति के बाद से भारत ने अनेक क्षेत्रों में प्रगति की है। भारत ने साहित्य, खेल, कृषि, विज्ञान और प्रौद्योगिकी सहित कई क्षेत्रों में महत्वपूर्ण प्रगति की है। भारत…

*नकली दुनिया की पोल खोलता आईआईटी बाबा ‘अभय सिंह’

**युवाओं को प्रोत्साहित करते हुए आध्यात्मिकता की यात्रा पर आईआईटी बाबा ‘अभय सिंह’। ***जो शून्य हैं वही शिव से मिल सकते हैं। ****कहाँ जाओगे चलते चलते? यहीं आओगे। “एक आईआईटीयन…

अफ़गानिस्तान के साथ भारत के जुड़ाव और तालिबान

अफ़गानिस्तान पर तालिबान के कब्जे के बाद भारत ने काबुल में अपना दूतावास फिर से खोल दिया है। भारत ने अब तक केवल तालिबान को अलग-थलग करने पर ध्यान केंद्रित…

सफलता सार्वजनिक उत्सव तो असफलता व्यक्तिगत विप्पति।

 *नतीजों को मिलते पुरस्कार, कोशिशें रहती गुमनाम।* परिणामों पर ज़ोर देने से क्रमिक शिक्षा और सुधार का महत्त्व कम हो जाता है, जिससे सफलता अस्थिर हो जाती है। ऋषभ पंत…

महिला सशक्तिकरण की दौड़ जीतती भारतीय रेलवे

(पुरुषों के गढ़ तोड़ने वाली “प्रथम महिलाओं” को पहचानने की आवश्यकता) कैबिनेट द्वारा स्वीकृत नियुक्तियों के नवीनतम दौर के साथ पहली बार रेलवे बोर्ड में महिलाएँ ड्राइवर की सीट पर…

रिटायर्ड अफ़सरों के बोझ तले दबा आरटीआई का ढाँचा

सेवानिवृत्त अधिकारी उन विभागों के खिलाफ निर्णय लेने में संकोच कर सकता है, जिनके लिए उन्होंने कभी काम किया था, जिससे समझौतापूर्ण फैसले होते हैं। पारदर्शिता में विशेषज्ञता की कमी…