उपासना संवाद कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मातृभूमि सेवा मिशन के संस्थापक डॉ. श्रीप्रकाश मिश्र ने कहा शारदीय नवरात्रि केवल देवी पूजा और उपवास का पर्व नहीं, बल्कि आत्मशुद्धि, नारी सम्मान, संयम और सामाजिक जागरण का अवसर भी है। नौ दिनों तक माँ दुर्गा के विभिन्न स्वरूपों की आराधना हमें यह स्मरण कराती है कि जीवन में शक्ति का अर्थ केवल सामर्थ्य नहीं, बल्कि सत्य, करुणा, धैर्य और सदाचार भी है। नवरात्रि मनुष्य को अपने भीतर की बुराइयों पर विजय प्राप्त करने की प्रेरणा देता है।
डॉ. श्रीप्रकाश मिश्र ने कहा आध्यात्मिक दृष्टि से यह पर्व असत्य पर सत्य, अधर्म पर धर्म और काम, क्रोध, लोभ तथा अहंकार जैसी आंतरिक बुराइयों पर विजय का संदेश देता है।माँ दुर्गा की आराधना तभी सार्थक है, जब उनके साहस को अपने कर्मों में, करुणा को अपने व्यवहार में और शक्ति को समाज के कल्याण में उतारा जाए। आज भी असंख्य बच्चे भोजन, शिक्षा, चिकित्सा जैसी जीवन की आवश्यक आवश्यकताओं के अभाव में नारकीय जीवन जीने को मजबूर है। देश में शक्ति की उपासना तभी सफल होगी जब ऐसे असंख्य बच्चों को सामाजिक न्याय प्राप्त हो। यही नवरात्रि की वास्तविक आध्यात्मिक साधना और सामाजिक सार्थकता है। उपासना कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए ज्योतिषाचार्य सतीश कौशिक ने करते हुए कहा नवरात्रि साधना किसी भी प्रकार के बाहरी प्रदर्शन या आडंबर के लिए नहीं, अपने अंतरतम का जागरण, ध्यान, प्राणायाम एवं मानसिक अभ्यास के लिए उपयुक्त समय है। योग एवं साधना का यह समन्वय आज के तकनीकी एवं भौतिकवादी जीवन में सकारात्मक परिवर्तन लाता है।
उपासना संवाद कार्यक्रम में सभी अतिथियों को मातृभूमि सेवा मिशन परिवार की ओर से सभी को अंगवस्त्र एवं स्मृति चिन्ह भेंट किए गए। कार्यक्रम में सुरेंद्र कुमार, भागवद स्वरूप शर्मा, समाजसेवी भल्ला राम शर्मा,आचार्य संजय सहित विभिन्न सामाजिक, धार्मिक संस्थाओं के प्रतिनिधि सहित अनेक गणमान्य जन उपस्थित रहे।
शारदीय नवरात्रि में सेवा और साधना का विशेष आध्यात्मिक, मानसिक और सामाजिक महत्व है। यह केवल बाह्य कर्मकांड का नहीं, बल्कि भीतर की ऊर्जा और सकारात्मकता को जागृत करने का पर्व है। यह विचार शारदीय नवरात्रि के उपलक्ष्य में मातृभूमि शिक्षा मंदिर द्वारा शारदीय नवरात्रि में सेवा एवं साधना का महत्व विषय पर आयोजित उपासना संवाद कार्यक्रम में मातृभूमि सेवा मिशन के संस्थापक डॉ. श्रीप्रकाश मिश्र ने व्यक्त किए। कार्यक्रम का शुभारंभ मातृभूमि शिक्षा मंदिर के विद्यार्थियों द्वारा स्वस्ति वाचन से हुआ। शारदीय नवरात्रि के उपलक्ष्य में मातृभूमि सेवा मिशन द्वारा विगत नौ दिन से लोक मंगल के लिए अनवरत चल रहे अनुष्ठान का विधिवत समापन वैदिक यज्ञ से हुआ। मातृभूमि सेवा मिशन आश्रम परिसर में प्रसिद्ध वैदिक विद्वान ज्योतिषाचार्य सतीश कौशिक के सान्निध्य में समस्त लोक मंगल के कार्यक्रम वैदिक परंपरा से संपन्न हुए।
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