कुरुक्षेत्र, 18 अक्टूबर। हरियाणा के पूर्व राज्यमंत्री सुभाष सुधा ने कहा कि मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के नेतृत्व प्रदेश सरकार के दो साल में विकसित हरियाणा के संकल्प को नई गति मिली है। प्रदेश में जन विश्वास की शक्ति, सुशासन के संकल्प और जनकल्याण की प्रतिबद्धता के साथ राज्य सरकार ने अपने लगातार तीसरे कार्यकाल के दो वर्ष पूरे कर लिए हैं। जनता ने जिस विश्वास के साथ भाजपा सरकार को सेवा का दायित्व सौंपा है, मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के नेतृत्व में राज्य सरकार उसे पूरी निष्ठा, पारदर्शिता, संवेदनशीलता और जवाबदेही के साथ निभा रही है
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘विकसित भारत-2047’ के विजन के अनुरूप हरियाणा को देश का अग्रणी विकसित राज्य बनाना सरकार का संकल्प है। इसी दिशा में मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने ‘विकसित हरियाणा, विकसित भारत’ की भावना के साथ प्रत्येक नीति, योजना और निर्णय को किसान की खुशहाली, गरीब के आर्थिक सशक्तिकरण, युवाओं के रोजगार, महिलाओं के सम्मान तथा शिक्षा एवं स्वास्थ्य सुविधाओं के विस्तार पर केंद्रित किया गया है।
पूर्व राज्यमंत्री सुभाष सुधा ने कहा कि मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने ‘विकसित हरियाणा विकसित भारत’ की मजबूत नींव के लिए किसान की खुशहाली, गरीब की आर्थिक सुरक्षा, युवाओं के रोजगार, महिलाओं के सम्मान, बेहतर शिक्षा तथा स्वास्थ्य सुविधाओं को मुहैया करवाने के लिए 2 वर्षों में राज्य सरकार के हर निर्णय और हर योजना के केंद्र यही सोच रही है। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने चुनाव से पहले जो कहा था, उसे करके भी दिखा रहे हैं। इसका प्रमाण यह है कि मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी सरकार ने पिछले विधानसभा चुनावों के अपने संकल्प-पत्र के 217 में से 76 संकल्पों को दो साल में ही पूरा कर दिखाया है।
उन्होंने कहा कि सरकार के पूरे हुए संकल्पों में मुख्य रूप से दीन दयाल लाडो लक्ष्मी योजना के तहत पात्र महिलाओं को प्रतिमाह 2,100 रुपये की वित्तीय सहायता, सभी फसलों की न्यूनतम समर्थन मूल्य पर खरीद, नकली खाद, बीज और कीटनाशक बनाने व बेचने वालों को 5 साल की सजा देने का कानून, डंकी रूट की समस्या को जड़ से खत्म करने के लिए कानून, हर हरियाणवी अग्निवीर को सरकारी नौकरी की गारंटी, सभी जिला सरकारी अस्पताल व मेडिकल कॉलेज में किडनी रोगियों के लिए मुफ्त डायलिसिस सेवा, आयुष्मान भारत योजना के तहत 70 वर्ष से अधिक आयु के बुजुर्गों को 5 लाख रुपये तक के मुफ्त ईलाज की सुविधा, अनुबंधित कर्मचारियों को सेवा सुरक्षा, हरियाणा राज्य के गठन से पहले के पट्टेदारों को भूमि का मालिकाना हक देना शामिल हैं। इसके अलावा मुख्यमंत्री के नेतृत्व में 141 संकल्पों पर काम प्रगति पर है।
उन्होंने कहा कि पहले युवाओं को नौकरी पाने के लिए नेताओं की परिक्रमा करनी पड़ती थी। उनका समय पढ़ाई के बजाय सिफारिश के लिए चक्कर लगाने में बीतता था। आज युवा अपना पूरा ध्यान पढ़ाई और प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी पर लगा रहे हैं। सरकार अब तक 46,500 युवाओं को बिना खर्ची बिना पर्ची के योग्यता के आधार पर सरकारी नौकरियां दे चुकी है
