एजेंसी को वाहन संबंधी कमियां दूर करने के लिए 10 दिन का दिया समय।
कचरा पृथक्करण को लेकर सचिवों व एजेंसी को दिए सख्त निर्देश, वाहनों में चार रंगों के कूड़ेदान अनिवार्य।
बैठक में गलत डाटा देने पर ईस्माईलाबाद नगर पालिका सचिव को कारण बताओ नोटिस जारी करने के निर्देश।
करनाल 14 अक्टूबर, नगर निगम आयुक्त सलोनी शर्मा ने करनाल कलस्टर के अंतर्गत आने वाले करनाल, कुरुक्षेत्र और कैथल के शहरी निकायों में सफाई व्यवस्था एवं ठोस अपशिष्ट प्रबंधन कार्यों की समीक्षा की। बैठक में डोर-टू-डोर कचरा एकत्रीकरण, कचरा संवेदनशील बिंदुओं की सफाई, कचरे का पृथक्करण, कचरा संग्रहण एवं परिवहन, ठोस अपशिष्ट प्रबंधन पोर्टल पर डाटा अपलोड, बिलों की अदायगी, सूचना, शिक्षा एवं संचार (आई.ई.सी.) गतिविधियां, ट्रांसफर स्टेशनों पर वे-ब्रिज की व्यवस्था तथा प्रोसेसिंग प्लांट में कार्यरत कर्मचारियों की सुरक्षा और प्रशिक्षण सहित विभिन्न महत्वपूर्ण बिंदुओं की विस्तृत समीक्षा की गई।
प्रत्येक घर से कचरा उठान सुनिश्चित करें, जीपीएस से करें निगरानी।
निगमायुक्त ने सभी निकाय अधिकारियों को निर्देश दिए कि प्रत्येक घर से नियमित रूप से कचरा उठाने की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। डोर-टू-डोर कचरा संग्रहण में किसी भी प्रकार की कमी नहीं रहनी चाहिए और शत-प्रतिशत घरों को इस सुविधा के दायरे में लाया जाए। यदि किसी क्षेत्र में टिप्पर वाहनों अथवा रेहडय़िों की संख्या कम है, तो एजेंसी के माध्यम से इस कमी को जल्द दूर किया जाए।
उन्होंने नगर पालिका सचिवों एवं सफाई निरीक्षकों को इस कार्य की नियमित और गहन निगरानी करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि वाहनों की जीपीएस मॉनिटरिंग की जाए तथा जीपीएस डाटा की भी जांच की जाए, ताकि कचरा संग्रहण एवं परिवहन व्यवस्था की वास्तविक स्थिति का पता चल सके।
उन्होंने कुरूक्षेत्र एवं कैथल के जिला नगर आयुक्तों को निर्देश दिए कि वे अपने अधीन संबंधित निकायों में कचरा एकत्रित करने वाले टिप्पर वाहनों की जांच करें। उन्होंने स्पष्ट किया कि सभी टिप्पर वाहनों में चार प्रकार के कूड़ेदानों की व्यवस्था कलर कोडिंग के साथ अनिवार्य रूप से होनी चाहिए। ठोस अपशिष्ट प्रबंधन नियम, 2026 की पालना हर हाल में सुनिश्चित की जाए।
एजेंसी को वाहन कमियां को दूर करने के लिए 10 दिन का समय।
निगमायुक्त ने सुगम स्वच्छता एजेंसी के प्रतिनिधियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि कचरा संग्रहण वाहनों की उपलब्धता में कमी को दूर किया जाए और सभी टिप्परों को अच्छी कार्यशील स्थिति में रखा जाए। प्रत्येक वाहन में चार प्रकार के कूड़ेदान निर्धारित रंगों के अनुसार उपलब्ध होने चाहिएं। उन्होंने एजेंसी को इन कमियों को दूर करने के लिए 10 दिन का समय देते हुए कहा कि सफाई व्यवस्था में किसी भी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी। निर्देश की पालना न करने पर पेनल्टी लगाई जाएगी। संबंधित अधिकारी और एजेंसी प्रतिनिधि आपसी समन्वय से सभी व्यवस्थाओं को निर्धारित मानकों के अनुरूप बनाएं।
कचरा पृथक्करण पर विशेष जोर, प्रत्येक निकाय में मोटिवेटर होंगे नियुक्त।
निगमायुक्त ने कहा कि कचरे का स्रोत पर ही पृथक्करण ठोस अपशिष्ट प्रबंधन व्यवस्था का महत्वपूर्ण हिस्सा है। सभी निकायों के अधिकारी इस कार्य को गंभीरता और जिम्मेदारी के साथ आगे बढ़ाएं तथा निर्धारित लक्ष्यों को जल्द से जल्द हासिल करें। उन्होंने एजेंसी प्रतिनिधियों को निर्देश दिए कि कलस्टर के अंतर्गत आने वाली सभी नगर पालिकाओं में सूचना, शिक्षा एवं संचार गतिविधियों को गति देने के लिए नगर पालिका में एक-एक मोटीवेटर तथा नगर परिषदों में दो-दो मोटिवेटर नियुक्त किए जाएं। इकसे अतिरिक्त नगर निगम के प्रत्येक वार्ड में एक-एक मोटीवेटर मुहैया करवाया जाए। ये मोटिवेटर नागरिकों को कचरा पृथक्करण के प्रति जागरूक करेंगे और घरों से ही कचरे को अलग-अलग रखने की आदत विकसित करने में सहयोग देंगे।
उन्होंने कहा कि निकायों और एजेंसी को मिलकर जागरूकता गतिविधियां चलानी होंगी, ताकि नागरिकों के व्यवहार में सकारात्मक बदलाव आए और कचरा पृथक्करण के शत-प्रतिशत लक्ष्य को निर्धारित समय में प्राप्त किया जा सके।
एसडब्ल्यूएम पोर्टल पर सही डाटा अपलोड करना अनिवार्य।
निगमायुक्त ने जिला नगर आयुक्तों एवं नगर पालिका सचिवों को निर्देश दिए कि वे ठोस अपशिष्ट प्रबंधन पोर्टल की नियमित निगरानी करें और सुनिश्चित करें कि पोर्टल पर सभी जानकारियां सही एवं वास्तविक स्थिति के अनुरूप दर्ज हों। बैठक के दौरान गलत डाटा प्रस्तुत किए जाने के मामले में उन्होंने नगर पालिका ईस्माईलाबाद के सचिव को कारण बताओ नोटिस जारी करने के निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि सभी शहरी निकाय अपनी रिपोर्ट संबंधित जिला नगर आयुक्त के माध्यम से ही भेजेंगे। रिपोर्टिंग व्यवस्था में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित की जाए तथा डाटा दर्ज करने में किसी प्रकार की लापरवाही न बरती जाए।
एजेंसी के बिलों का भुगतान एसडब्ल्यूएम पोर्टल के माध्यम से करने के निर्देश।
उन्होंने जिला नगर आयुक्तों एवं नगर पालिका सचिवों को निर्देश दिए कि ठोस अपशिष्ट प्रबंधन कार्यों में लगी एजेंसी के बिलों का भुगतान एसडब्ल्यूएम पोर्टल के माध्यम से ही किया जाए। उन्होंने कहा कि भुगतान को बिना किसी उचित कारण के लंबित न रखा जाए। यदि एजेंसी पर नियमानुसार कोई पेनल्टी लगाई गई है, तो निर्धारित पेनल्टी काटकर शेष भुगतान किया जाए। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को भुगतान प्रक्रिया में पारदर्शिता बनाए रखने और पोर्टल पर आवश्यक विवरण नियमित रूप से अपडेट करने के निर्देश भी दिए।
ट्रांसफर स्टेशन पर वे-ब्रिज और पोर्टल पर ट्रिप वीडियो अपलोड करना जरूरी।
उन्होंने नगर पालिका सचिवों को निर्देश दिए कि संबंधित ट्रांसफर स्टेशनों पर वे-ब्रिज की व्यवस्था अनिवार्य रूप से सुनिश्चित की जाए। इसके साथ ही एसडब्ल्यूएम पोर्टल पर कचरा परिवहन से संबंधित ट्रिप वीडियो नियमित रूप से अपलोड किए जाएं। इस प्रक्रिया में किसी प्रकार की अनियमितता अथवा अंतर नहीं होना चाहिए। उन्होंने कहा कि कचरे के संग्रहण, परिवहन और निस्तारण से संबंधित कार्यों का रिकॉर्ड व्यवस्थित एवं पारदर्शी होना चाहिए, ताकि प्रत्येक स्तर पर कार्यों की निगरानी की जा सके।
प्रोसेसिंग प्लांट में कर्मचारियों की सुरक्षा और प्रशिक्षण पर विशेष ध्यान।
उन्होंने एजेंसी प्रतिनिधियों को निर्देश दिए कि ठोस अपशिष्ट प्रसंस्करण प्लांट में कार्यरत सभी कर्मचारियों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाए। प्रत्येक कर्मचारी को आवश्यक व्यक्तिगत सुरक्षा उपकरण (पीपीई किट) एवं अन्य सुरक्षा संसाधन उपलब्ध करवाए जाएं। उन्होंने कहा कि कर्मचारियों को समय-समय पर आवश्यक प्रशिक्षण भी दिया जाए, ताकि वे निर्धारित सुरक्षा मानकों के अनुसार कार्य कर सकें और कार्यस्थल पर दुर्घटनाओं की आशंका को कम किया जा सके।
15 दिन बाद फिर होगी समीक्षा बैठक।
निगमायुक्त ने सभी संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे ठोस अपशिष्ट प्रबंधन नियम, 2026 की प्रभावी पालना सुनिश्चित करते हुए सफाई व्यवस्था में निरंतर सुधार लाएं। उन्होंने नियमित निगरानी, समयबद्ध कार्रवाई और जिम्मेदारी तय करने पर विशेष बल दिया। उन्होंने स्पष्ट किया कि अगले 15 दिनों में दोबारा समीक्षा बैठक आयोजित की जाएगी। इस बैठक में सभी संबंधित अधिकारी मौके पर उपस्थित रहेंगे और अपने-अपने निकायों में किए गए कार्यों की प्रगति रिपोर्ट तथा आवश्यक तैयारियों के साथ शामिल होंगे। उन्होंने कहा कि सभी निकाय निर्धारित लक्ष्यों को समयबद्ध तरीके से पूरा करें और सफाई व्यवस्था को प्रभावी बनाने के लिए गंभीरता से कार्य करें।
बैठक में कुरुक्षेत्र के जिला नगर आयुक्त अमन कुमार, कैथल के जिला नगर आयुक्त कपिल कुमार तथा संबंधित नगर पालिका सचिव वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से जुड़े। इस अवसर पर अतिरिक्त निगम आयुक्त अशोक कुमार, कार्यकारी अभियंता प्रियंका सैनी, स्वच्छता अधिकारी महावीर सोढ़ी, मुख्य सफाई निरीक्षक सुरेंद्र चोपड़ा, नगर पालिका सचिव, जोन प्रभारी, स्वच्छ भारत मिशन-शहरी की टीम तथा सुगम स्वच्छता एजेंसी के प्रतिनिधि मौजूद रहे।
