करनाल, 17 सितंबर। बागवानी क्षेत्र में स्वरोजगार की तलाश कर रहे युवाओं के लिए राज्य के प्रतिष्ठित उद्यान प्रशिक्षण संस्थान, उचानी में 21 से 25 सितंबर तक पांच दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया जा रहा है। इस प्रशिक्षण शिविर का मुख्य उद्देश्य किसानों को फसल तुड़ाई के बाद होने वाले नुकसान से बचाना, खाद्य प्रसंस्करण के जरिए उनकी आय को बढ़ाना और आधुनिक नर्सरी व्यवसाय से जुड़ी कानूनी व तकनीकी बारीकियों से अवगत कराना है।
दो प्रमुख विषयों पर आधारित होगा प्रशिक्षण
संस्थान के प्रधानाचार्य डॉ. सतेन्द्र यादव ने जानकारी देते हुए बताया कि इस पांच दिवसीय प्रशिक्षण को मुख्य रूप से दो व्यावहारिक धाराओं में विभाजित किया गया है।
तुड़ाई उपरांत प्रबंधन एवं प्रसंस्करण प्रौद्योगिकी
डॉ. यादव ने बताया कि इस सत्र के तहत आधुनिक कोल्ड चेन प्रबंधन, वैज्ञानिक भण्डारण और बागवानी फसल बर्बादी को रोकने के उपायों पर जोर दिया जाएगा। इसके साथ ही, प्रतिभागियों को फल व सब्जियों के मूल्य संवर्धन के तहत अचार, चटनी, जैम, जेली, स्क्वैश और मुरब्बा जैसे लोकप्रिय खाद्य उत्पादों को तैयार करने का प्रायोगिक/प्रशिक्षण दिया जाएगा। इस सत्र की संयोजिका डॉ. प्रतिभा होंगी।
नर्सरी प्रबंधन एवं हरियाणा बागवानी नर्सरी रूल्स-2026
जबकि दूसरे चरण के बारे में जानकारी देते हुए डॉ. यादव ने कहा कि नर्सरी के वैज्ञानिक संचालन, पौधों की देखभाल और नवीनतम तकनीकों के साथ-साथ हाल ही में लागू किए गए हरियाणा बागवानी नर्सरी रूल्स-2026 के सभी कानूनी प्रावधानों, मानकों और पंजीकरण प्रक्रियाओं की विस्तृत जानकारी दी जाएगी। इस सत्र की कमान डॉ. सरिता मलिक संभालेंगी। उन्होंने कहा क प्रत्येक कार्यक्रम में केवल 40 प्रतिभागियों की सीट निर्धारित की गई है। इच्छुक प्रतिभागी विभाग के आधिकारिक पोर्टल के माध्यम से ऑनलाइन पंजीकरण करवाकर इस पांच दिवसीय ज्ञानवर्धक कार्यक्रम का हिस्सा बन सकते हैं। सीटों की संख्या सीमित होने के कारण संस्थान ने समय पर पंजीकरण पूरा करने की अपील की है।
