जिले के 58 राइस मिलों से संबंधित भूमि अटैचमेंट को लेकर बैठक आयोजित,अधिकारियों को दिए त्वरित कार्रवाई के निर्देश
करनाल, 19 अगस्त। डीसी डॉ. आनंद कुमार शर्मा की अध्यक्षता में आज लघु सचिवालय में जिले के सरकारी खजाने को नुकसान पहुंचाने वाले 58 डिफॉल्टर राइस मिलरों से संबंधित भूमि अटैचमेंट एवं रिकवरी के मामलों को लेकर बैठक आयोजित की गई। बैठक में डीसी ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि इन राइस मिलों एवं संबंधित फर्मों से जुड़े मामलों में नियमानुसार कार्रवाई को तेज किया जाए। उन्होंने कहा कि संबंधित मिलर्स की संपत्तियों की पहचान कर उनका राजस्व रिकॉर्ड के अनुसार सत्यापन किया जाए, ताकि रिकवरी की प्रक्रिया को प्रभावी ढंग से आगे बढ़ाया जा सके।
उन्होंने तहसीलदारों को निर्देश दिए कि संबंधित मामलों में संपत्तियों की पहचान एवं वेरिफिकेशन का कार्य प्राथमिकता के आधार पर पूरा किया जाए। सोमवार तक सभी संबंधित मामलों में भूमि राजस्व संबंधी प्रक्रिया पूरी करते हुए, इसके बाद नियमानुसार संपत्तियों की कुर्की की कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि मंगलवार को आयोजित होने वाली अगली बैठक में की गई कार्रवाई की विस्तृत रिपोर्ट प्रस्तुत करें।
उपायुक्त ने कहा कि राइस मिलों से संबंधित रिकवरी के मामलों में किसी भी स्तर पर अनावश्यक देरी नहीं होनी चाहिए। सभी संबंधित अधिकारी आपसी समन्वय के साथ कार्य करते हुए नियमानुसार कार्रवाई सुनिश्चित करें।उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि सभी मामलों में उपलब्ध रिकॉर्ड का गहनता से अध्ययन करते हुए संपत्तियों की पहचान, सत्यापन और कुर्की की कार्रवाई निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार समयबद्ध रूप से पूरी की जाए।
बैठक में जिला खाद्य एवं आपूर्ति नियंत्रक मुकेश कुमार ने उपायुक्त को अवगत कराया कि जिले में ऐसे करीब 58 मिलर्स हैं, जिनसे वर्ष 2012 से अब तक लगभग 300 करोड़ रुपये की रिकवरी बनती है। उन्होंने संबंधित मामलों की वर्तमान स्थिति तथा रिकवरी प्रक्रिया के संबंध में जानकारी दी।
बैठक में एसडीएम असन्ध सुमित सिहाग, एसडीएम घरौंडा राजेश सोनी,डीआरओ कनव लाकड़ा , तहसीलदार कृष्ण,जिला खाद्य एवं आपूर्ति नियंत्रक मुकेश कुमार, सभी तहसीलदार तथा नायब तहसीलदार उपस्थित रहे।
