कुरुक्षेत्र, 14 अगस्त : सैक्टर-8 स्थित अखंड गीता पीठ शाश्वत सेवाश्रम में आयोजित एकादश अतिरूद्र महायज्ञ श्रद्धालुओं के आकर्षण का केंद्र बना हुआ है जहां 333 वैदिक आचार्यों द्वारा अलौकिक महाअनुष्ठान किया जा रहा है। उत्तरी भारत का यह पहला भव्य और विशाल अनुष्ठान पूरे विधि विधान व अति सुंदर ढंग से किया जा रहा है। करीब 251 शिवलिंग महाकाल की नगरी उज्जैन से विशेष रूप से लाए गए हैं जिनका यहां विधिवत तरीके से रुद्राभिषेक किया जा रहा है। दिन-प्रतिदिन सैकड़ों श्रद्धालु सुबह 8 बजे से शाम 3 बजे तक भोलेनाथ का अभिषेक कर रहे हैं। आश्रम के संचालक स्वामी शाश्वतानंद महाराज ने बताया कि सावन के महीने में शिव का पूजन करने से सभी समस्याओं का हल हो जाता है। आश्रम में 333 वैदिक आचार्यों द्वारा अलौकिक महाअनुष्ठान किया जा रहा है जो विशेष रूप से उज्जैन से आए हुए हैं। अतः इस विराट अनुष्ठान महोत्सव में यजमान बनकर अतिरूद्र महायज्ञ का हिस्सा बनें और इच्छित मनोकामना पूर्ण करें। अनुष्ठान कमेटी के सदस्य राकेश सैनी ने बताया कि आश्रम में 29 जुलाई से 28 अगस्त तक कथा व्यास परम पूज्य महामंडलेश्वर स्वामी शाश्वतानंद गिरि जी महाराज के श्रीमुख से प्रतिदिन शाम 4 बजे से 7 बजे तक श्री शिव महापुराण कथा का भी आयोजन किया जा रहा है जिसमें सभी नगरवासी सादर आमंत्रित हैं। उन्होंने बताया कि भगवान शिव अपने भक्तों की सभी मनोकामनाएं पूर्ण करते हैं। शिवजी की कईं कथाओं का वर्णन शिव महापुराण में मिलता है जिसे पढ़ने और सुनने के बाद भक्तों को भी प्रेरणा मिलती है। शिव भक्ति में लीन लोग आज भी इन कहानियों को सुनना पसंद करते हैं। जहां कुछ कथाएं शिव की शक्तियों को दिखाती हैं वहीं कईं ऐसी भी हैं जो जीवन को प्रेरणा देती हैं। शिव महापुराण की ये कथाएं आज भी तर्क संगत हैं और हमें जीवन जीने की कला सिखाती हैं। इन कथाओं से मिलने वाली प्रेरणा जीवन को एक नई दिशा दे सकती हैं।
