बाबैन, राकेश शर्मा
हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने अपनी सादगी, सहज स्वभाव और जनसेवा की कार्यशैली से प्रदेश की राजनीति में एक अलग पहचान बनाई है। मुख्यमंत्री बनने के बाद भी वे लगातार आम लोगों से संवाद कर रहे हैं और जनता की समस्याओं को प्राथमिकता के आधार पर सुन रहे हैं। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी का बाबैन क्षेत्र से विशेष जुड़ाव है, क्योंकि बाबैन खंड का गांव मंगोली जाटान उनका पैतृक गांव है। यही कारण है कि बाबैन और आसपास के क्षेत्र के लोग मुख्यमंत्री को अपने परिवार का सदस्य मानते हैं। गांव की मिट्टी से जुड़ाव और ग्रामीण परिवेश में मिले संस्कार आज भी उनके व्यक्तित्व में साफ दिखाई देते हैं। एक साधारण किसान परिवार से निकलकर प्रदेश के सर्वोच्च पद तक पहुंचने वाले नायब सिंह सैनी आज भी अपनी सादगी और जमीन से जुड़े स्वभाव के लिए जाने जाते हैं। चाहे प्रशासनिक बैठकें हों, विकास कार्यों की समीक्षा हो या जनसंवाद कार्यक्रम, वे हर वर्ग के लोगों की बात गंभीरता से सुनते हैं और समस्याओं के समाधान के लिए अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश देते हैं। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि मुख्यमंत्री की सबसे बड़ी ताकत उनका आम जनता से सीधा संवाद और जमीनी स्तर पर कार्य करने की शैली है। यही कारण है कि वे प्रदेश के विभिन्न जिलों का लगातार दौरा कर विकास योजनाओं की समीक्षा कर रहे हैं।
मुख्यमंत्री नायब सैनी अपने पैतृक गांव में आते जाते रहते है। नायब सैनी जब 2014 में प्रदेश में मंत्री बने तब भी अपने गांव में नगर खेड़े पर माथा टेकने पहुंचे थे। फिर 2019 में लोकसभा कुरूक्षेत्र से संासद का टिकट मिला तो अपने पैतृक गांव में नगर खेड़े पर माथा टेक कर चुनाव अभियान शुरू किया। 2024 में जब नायब सैनी मुख्यमंत्री बने तब भी अपने गांव मंगौली जाटान में नगर खेड़े पर माथा टेकने के लिए पहुंचे थे। मुख्यमंत्री नायब सैनी का अपने गांव मंगौली जाटान से विषेश लगाव है।
मुख्यमंत्री नायब सैनी अपने पैतृक गांव में आते जाते रहते है। नायब सैनी जब 2014 में प्रदेश में मंत्री बने तब भी अपने गांव में नगर खेड़े पर माथा टेकने पहुंचे थे। फिर 2019 में लोकसभा कुरूक्षेत्र से संासद का टिकट मिला तो अपने पैतृक गांव में नगर खेड़े पर माथा टेक कर चुनाव अभियान शुरू किया। 2024 में जब नायब सैनी मुख्यमंत्री बने तब भी अपने गांव मंगौली जाटान में नगर खेड़े पर माथा टेकने के लिए पहुंचे थे। मुख्यमंत्री नायब सैनी का अपने गांव मंगौली जाटान से विषेश लगाव है।
