कुरूक्षेत्र। एंटी टेररिस्ट फ्रंट इंडिया एवं विश्व हिंदू तख्त के राष्ट्रीय अध्यक्ष वीरेश शांडिल्य ने आज पंजोखरा साहिब में 7 अगस्त को खालिस्तान के खिलाफ मुहिम चलाने वाले लुधियानी निवासी गुरशरण सिंह मंड की हत्या का प्रयास करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई को लेकर आज प्रतिनिधिमंडल ने अंबाला के पुलिस अधीक्षक अजीत सिंह शेखावत को ज्ञापन सौंपा और कानून और संविधान की धज्जियां उड़ाने वाले कट्टरपंथियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की। इस मौके पर सुरेंद्र पाल केके, तरसेम सैनी, दीपक शांडिल्य, इंद्रजीत सिंह लाडी, राजीव परासन रूबी, संदीप गुलाटी, मनोहर लाल, अश्विनी, पवन वैद्य, रोहित सैनी, विक्रमजीत, राजीव सहित कई एंटी टेरोरिस्ट फ्रंट इंडिया के सदस्य मौजूद थे। वीरेश शांडिल्य ने कहा 7 अगस्त 2026 को श्री पंजोखरा साहिब गुरुद्वारा परिसर के बाहर एंटी-खालिस्तान फ्रंट के नेता गुरसिमरन सिंह मंड पर हुए कथित जानलेवा हमले की निष्पक्ष, समयबद्ध एवं उच्चस्तरीय जांच करवाने की मांग की। ज्ञापन में घटनास्थल एवं आसपास की सीसीटीवी फुटेज सुरक्षित/जब्त कर हमले में शामिल प्रत्येक व्यक्ति की पहचान करने और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर कानून सम्मत कार्रवाई करने की मांग उठाई गई। वीरेश शांडिल्य ने कहा कि उपलब्ध जानकारी के अनुसार गुरसिमरन सिंह मंड पर कथित रूप से तलवारों, लाठियों एवं अन्य तेजधार हथियारों से हमला किया गया, उन्हें पुलिस सुरक्षा की मौजूदगी में घेरकर पीटा गया और उनके वाहन को भी क्षतिग्रस्त किया गया। उन्होंने कहा कि पुलिस को इस पहलू की भी गंभीरता से जांच करनी चाहिए कि हमला पूर्व नियोजित था या नहीं और इसके पीछे आतंकी संगठन बब्बर खालसा इंटरनेशनल व अमृतपाल सिंह व उसके समर्थकों अथवा आतंकी नेटवर्क की कोई भूमिका थी या नहीं। शांडिल्य ने कहा कि यह घटना इसलिए भी बेहद गंभीर है क्योंकि यह पवित्र गुरुद्वारा साहिब के परिसर के बाहर हुई। गुरुघर शांति, भाईचारे और मानवता का पवित्र स्थान है और किसी भी व्यक्ति या समूह को धार्मिक स्थल अथवा उसके आसपास के क्षेत्र को हिंसा, राजनीतिक वैमनस्य या अराजकता का केंद्र बनाने की अनुमति नहीं दी जा सकती। उन्होंने कहा कि विचारधारा से सहमत या असहमत होना लोकतांत्रिक अधिकार है, लेकिन विचारों का जवाब तलवार, लाठी, तेजधार हथियार अथवा भीड़ की हिंसा नहीं हो सकता। ज्ञापन में यह भी कहा गया कि घटना के दौरान हरियाणा पुलिस के कुछ पुलिसकर्मियों के घायल होने की बात सामने आई है। संगठन ने मांग की कि घायल पुलिसकर्मियों के बयान, मेडिकल रिकॉर्ड और ड्यूटी रिकॉर्ड को जांच का हिस्सा बनाया जाए तथा यदि पुलिसकर्मियों पर हमला हुआ है तो उसके लिए जिम्मेदार व्यक्तियों की पहचान कर उनके खिलाफ भी कार्रवाई की जाए। वीरेश शांडिल्य ने एसपी से मांग की कि श्री पंजोखरा साहिब गुरुद्वारा परिसर एवं आसपास लगे सभी सीसीटीवी कैमरों की फुटेज, पुलिस वीडियोग्राफी, मोबाइल वीडियो और सोशल मीडिया पर उपलब्ध वीडियो को तत्काल सुरक्षित कर तकनीकी जांच करवाई जाए। फुटेज के आधार पर यह पता लगाया जाए कि किसने हमला किया, कौन हथियार लेकर आया, किसने भीड़ को उकसाया, किसने रास्ता रोका, किसने वाहन को क्षतिग्रस्त किया और क्या किसी व्यक्ति ने हमले की योजना बनाने या हमलावरों की सहायता करने का काम किया। उन्होंने कहा कि यदि जांच में किसी व्यक्ति या समूह द्वारा खालिस्तान समर्थक, उग्रवादी अथवा अन्य भड़काऊ नारे लगाकर माहौल खराब करने या लोगों को हिंसा के लिए उकसाने के साक्ष्य सामने आते हैं तो उस पहलू की भी स्वतंत्र जांच कर कानून के अनुसार कार्रवाई की जानी चाहिए। शांडिल्य ने कहा कि एंटी टेररिस्ट फ्रंट इंडिया एवं विश्व हिंदू तख्त आतंकवाद, उग्रवाद, कट्टरपंथ एवं हिंसक अलगाववादी गतिविधियों के प्रति कानून के अनुसार जीरो टोलेरेंस की नीति का पक्षधर है। साथ ही कार्रवाई धर्म या समुदाय देखकर नहीं, बल्कि प्रत्येक व्यक्ति की वास्तविक भूमिका और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर होनी चाहिए। ज्ञापन में संगठन ने मांग की कि उउळश् व अन्य साक्ष्यों के आधार पर हमलावरों की फोटो/वीडियो से पहचान की जाए और तलवार, लाठी अथवा अन्य हथियार से हमला करने, वाहन तोड़ने, हिंसा के लिए उकसाने, आपराधिक साजिश रचने अथवा हमलावरों की सहायता करने वाले व्यक्तियों के विरुद्ध लागू कानून के तहत कार्रवाई की जाए। इसके साथ ही डीडीआर , रोजनामचा रिपोर्ट, शिकायत, एमएलआर, पुलिस वायरलेस संदेश एवं अन्य आधिकारिक रिकॉर्ड को भी जांच में शामिल करने की मांग की गई। वीरेश शांडिल्य ने मांग की कि पूरे मामले की जांच किसी वरिष्ठ पुलिस अधिकारी की निगरानी में करवाई जाए, ताकि किसी निर्दोष व्यक्ति को परेशान किए बिना वास्तविक दोषियों के खिलाफ कठोर कानूनी कार्रवाई हो। उन्होंने कहा कि संगठन चाहता है कि पूरे प्रकरण की निष्पक्ष, समयबद्ध एवं साक्ष्य-आधारित जांच हो और वास्तविक दोषियों को कानून के दायरे में लाया जाए। शांडिल्य ने कहा कि उन्हें विश्वास है कि अंबाला पुलिस गुरुघर की मयार्दा, अंबाला की शांति एवं कानून-व्यवस्था को बनाए रखने के लिए निष्पक्ष कार्रवाई करेगी और किसी भी व्यक्ति को हिंसा अथवा भय के माध्यम से कानून अपने हाथ में लेने की अनुमति नहीं देगी। एसपी अंबाला अजीत सिंह शेखावत ने भी आश्वासन दिया कि किसी कीमत पर कानून हाथ में लेने वालों को व संविधान की उल्लंघना करने वालों को बख्शा नहीं जाएगा। वीरेश शांडिल्य ने कहा कि ह किसी कीमत पर भी पुलिस का मनोबल गिरने नहीं देंगे और जिस तरह कट्टरपंथियों ने पुलिस की मौजूदगी में दहशत का नंगा नाच किया और कानून व संविधान की धज्जियां उड़ाई उनके खिलाफ पूरे प्रदेश में मुहिम चलाएंगे।
