कुरुक्षेत्र, 11 अगस्त। कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय के इंस्टीट्यूट ऑफ मैनेजमेंट स्टडीज (आईएमएस) में बीबीए एवं एमबीए में नवप्रवेश लेने वाले विद्यार्थियों के स्वागत एवं उनकी अकादमिक यात्रा को नई दिशा देने के उद्देश्य से ‘लॉन्चपैडः द स्टेपिंग स्टोन टू एकेडमिक जर्नी’ कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में विद्यार्थियों को उच्च शिक्षा के साथ-साथ करियर निर्माण, प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी, व्यक्तित्व विकास, नेतृत्व क्षमता और जीवन कौशल के महत्व से अवगत कराया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ मां सरस्वती की वंदना के साथ हुआ।
कार्यक्रम में कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय के कुलगुरु प्रो. सोमनाथ सचदेवा ने बतौर मुख्य अतिथि नवप्रवेशी विद्यार्थियों का विश्वविद्यालय परिवार में स्वागत करते हुए उन्हें नई अकादमिक यात्रा के लिए शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय में प्रवेश केवल डिग्री प्राप्त करने की शुरुआत नहीं है, बल्कि यह विद्यार्थियों के व्यक्तित्व, सोच और भविष्य को आकार देने का महत्वपूर्ण अवसर है। विद्यार्थियों को अपने लक्ष्य निर्धारित कर निरंतर सीखने, मेहनत करने और चुनौतियों का सामना करते हुए आगे बढ़ना चाहिए। उन्होंने विद्यार्थियों को जीवन में मिलने वाले प्रत्येक अवसर का सकारात्मक उपयोग करने तथा ज्ञान के साथ व्यावहारिक कौशल विकसित करने के लिए प्रेरित किया।
कार्यक्रम में हरियाणा सरकार के अतिरिक्त मुख्य सचिव रोशन लाल सैनी ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए उन्हें जीवन में बड़े लक्ष्य निर्धारित करने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने यूपीएससी सहित विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के संबंध में विद्यार्थियों का मार्गदर्शन किया। उन्होंने कहा कि प्रतियोगी परीक्षाओं में सफलता के लिए केवल किताबी ज्ञान पर्याप्त नहीं है, बल्कि अनुशासन, समय प्रबंधन, निरंतर अध्ययन, आत्मविश्वास और धैर्य भी उतने ही आवश्यक हैं।
एनएमआईएमएस चंडीगढ़ की निदेशक डॉ. ज्योत्सना सिंह ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए सफलता और असफलता के बीच के संबंध को समझाया। उन्होंने कहा कि जीवन में असफलता को अंत नहीं, बल्कि आगे बढ़ने और स्वयं को सुधारने का अवसर समझना चाहिए। उन्होंने नवप्रवेशी विद्यार्थियों का उत्साहवर्धन करते हुए कहा कि सफलता की यात्रा में उतार-चढ़ाव आते रहते हैं, लेकिन सकारात्मक सोच और निरंतर प्रयास व्यक्ति को अपने लक्ष्य तक पहुंचाते हैं।
एग्जीक्यूटिव लाइफ कोच एवं मेंटर शिवानी अडाया ने अपनी प्रभावशाली प्रस्तुति एवं विभिन्न इंटरैक्टिव गतिविधियों के माध्यम से विद्यार्थियों को जीवन कौशल से परिचित कराया। उन्होंने आत्मविश्वास, प्रभावी संवाद, समय प्रबंधन, निर्णय लेने की क्षमता, टीम भावना और व्यक्तिगत विकास जैसे विषयों को व्यावहारिक गतिविधियों के माध्यम से समझाया। विद्यार्थियों ने इन गतिविधियों में उत्साहपूर्वक भाग लिया, जिससे कार्यक्रम और अधिक संवादात्मक एवं प्रभावी बना।
आईएमएस के निदेशक प्रो. सिद्धार्थ भारद्वाज ने अतिथियों का स्वागत करते हुए कहा कि संस्थान का उद्देश्य विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा देने के साथ-साथ उन्हें उद्योग, प्रतियोगी परीक्षाओं और भविष्य की व्यावसायिक चुनौतियों के लिए तैयार करना है। उन्होंने नवप्रवेशी विद्यार्थियों से संस्थान की अकादमिक एवं सह-पाठ्यक्रम गतिविधियों में सक्रिय भागीदारी करने का आह्वान किया।
कार्यक्रम में यूएसएम के निदेशक प्रो. अनिल मित्तल तथा एमेरिटस प्रोफेसर डॉ. सौरभ चौधरी ने नवप्रवेशी विद्यार्थियों को शुभकामनाएं देते हुए उन्हें अकादमिक उत्कृष्टता के साथ-साथ अपने व्यक्तित्व एवं व्यावसायिक कौशल के विकास पर ध्यान देने के लिए प्रेरित किया। इस अवसर पर प्रो. सिद्धार्थ भारद्वाज, प्रो. अनिल मित्तल, डॉ. सौरभ चौधरी, आईएमएस के डॉ. राजन शर्मा, डॉ. अनिल कुमार, डॉ. जे.के. चंदेल, डॉ. ममता भारद्वाज, डॉ. संगीता, डॉ. पलक, डॉ. दिशा सहित सरिता, श्वेता, जयंत तथा अन्य शिक्षक एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।
बाक्स
स्पेक्ट्रम-2026 न्यूजलेटर का हुआ विमोचन
कार्यक्रम के दौरान आईएमएस की ओर से स्पेक्ट्रम-2026 न्यूजलेटर का विमोचन भी किया गया। यह न्यूजलेटर कुलगुरु प्रो. सोमनाथ सचदेवा के मार्गदर्शन में तैयार किया गया है। न्यूजलेटर के माध्यम से संस्थान की शैक्षणिक, शोध, सह-पाठ्यक्रम, प्रशिक्षण, प्लेसमेंट एवं अन्य महत्वपूर्ण गतिविधियों को विद्यार्थियों और पाठकों तक पहुंचाया जाएगा। इस पहल को संस्थान की गतिविधियों को व्यवस्थित रूप से दस्तावेजित करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना गया।
बाक्स
डिजिटल हुआ आईएमएस का प्लेसमेंट सेल
कार्यक्रम के दौरान आईएमएस की ट्रेनिंग एंड प्लेसमेंट टीम द्वारा संस्थान के रिकॉर्ड के डिजिटलीकरण की प्रक्रिया को भी आगे बढ़ाया गया। कुलगुरु प्रो. सोमनाथ सचदेवा के मार्गदर्शन में संस्थान के रिकॉर्ड को डिजिटल रूप प्रदान करने की पहल की गई। इसके साथ ही आईएमएस के प्लेसमेंट सेल को भी डिजिटाइज किया गया। इससे विद्यार्थियों के प्लेसमेंट रिकॉर्ड, प्रशिक्षण गतिविधियों एवं संबंधित सूचनाओं को व्यवस्थित तरीके से सुरक्षित रखने और आवश्यकता के अनुसार आसानी से उपलब्ध कराने में मदद मिलेगी।
