सरकारी योजनाओं का लाभ उठाना चाहते हैं तो पंजीकरण कराना अनिवार्य
उप कृषि निदेशक डॉ. वजीर सिंह ने बताया कि यह किसान एमएफएमबी पर पंजीकृत नहीं हैं, तो वे सरकारी मंडी में अपनी फसलें एमएसपी पर नहीं बेच सकते। इसके अलावा प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के अंतर्गत फसल बीमा, बाढ़, सूखा या ओलावृष्टि से फसलों को नुकसान होने पर मुआवजा, बीज, उर्वरक और कृषि उपकरणों पर सब्सिडी, जल-बचत तकनीकों के लिए वित्तीय प्रोत्साहन, हरियाणा की अन्य कृषि योजनाओं के अंतर्गत मिलने वाले लाभ आदि लाभों से भी वंचित हो जाते हैं। उन्होंने बताया कि एमएफएमबी पर पंजीकरण वैकल्पिक नहीं है। यदि किसान सरकारी योजनाओं का लाभ उठाना चाहते हैं तो पंजीकरण कराना अनिवार्य है। पोर्टल पर बीमा से लेकर सब्सिडी तक सभी सरकारी योजनाएं एक ही जगह उपलब्ध है। किसान को अलग-2 विभागों में जाने की जरूरत नहीं है। पैसा सीधे किसान के आधार से जुड़े बैंक खाते में भेजा जाता है।
उन्होंने बताया कि मेरी फसल मेरा ब्यौरा पोर्टल हरियाणा सरकार द्वारा 2019 में शुरू किया गया एक ऑनलाइन पोर्टल है। इसे हरियाणा के कृषि और किसान कल्याण विभाग द्वारा सभी कृषि संबंधी सेवाओं को एक डिजिटल प्लेटफॉर्म के तहत लाने के लिए बनाया गया था। इस पोर्टल के अस्तित्व में आने से पहले, किसानों को कई कार्यालयों में जाना पड़ता था, बिचौलियों से निपटना पड़ता था और सरकारी भुगतान प्राप्त करने के लिए महीनों इंतजार करना पड़ता था। वह व्यवस्था धीमी, उलझन भरी और अक्सर छोटे किसानों के लिए अन्यायपूर्ण थी। मेरी फसल मेरा ब्यौरा (एमएफएमबी) पोर्टल पर पंजीकरण से किसान को बस एक बार अपनी फसल का विवरण ऑनलाइन दर्ज कराना होता है, और सरकार सीधे उनके बैंक खाते में भुगतान भेज सकती है, चाहे वह एमएसपी, फसल बीमा, आपदा मुआवजा या सब्सिडी के लिए हो। एमएफएमबी एक प्रकार से किसानों का डिजिटल कृषि पहचान पत्र हैं।
मेरी फसल मेरा ब्यौरा पोर्टल पर पंजीकरण करने के लिए महत्वपूर्ण पात्रता मानदंड
डॉ. वजीर सिंह ने बताया कि पोर्टल पर पंजीकरण के लिए किसान हरियाणा का स्थायी निवासी होना चाहिए। किसान के पास कृषि योग्य भूमि होनी चाहिए या वह उस पर खेती करता हो (चाहे किसान भू स्वामी हो या ठेकेदार) किसान की जमीन हरियाणा में होनी चाहिए (हालांकि हरियाणा में जमीन रखने वाले पड़ोसी राज्यों के किसान भी विशिष्ट चरणों का पालन करके पंजीकरण करा सकते हैं)। किसान के पास मोबाइल नंबर से जुड़ा वैध आधार कार्ड होना आवश्यक है। किसान के पास एक सक्रिय बैंक खाता होना आवश्यक है।
उर्वरकों का वितरण मेरी फसल मेरा ब्यौरा पोर्टल पर पंजीकरण के बाद ही
उप कृषि निदेशक डॉ. वजीर सिंह ने बताया कि कृषि विभाग के निर्देशानुसार अब उर्वरकों (खाद) का वितरण भी मेरी फसल मेरा ब्यौरा पोर्टल पर पंजीकरण के बाद ही किया जायेगा। इसलिये किसान समय रहते अपना पंजीकरण अवश्य करवा ले ताकि उन्हें खाद की उपलब्धता सहित कृषि विभाग द्वारा संचालित सभी योजनाओं और सुविधाओं का लाभ बिना किसी बाधा के मिलता रहे। उन्होंने बताया कि यदि किसी किसान को पंजीकरण करवाने में किसी प्रकार की समस्या आती है तो वह अपने संबंधित कृषि अधिकारी, खण्ड कृषि कार्यालय, कॉमन सर्विस सेंटर या अटल सेवा केंद्र से संपर्क कर सहायता ले सकते हैं।
