चंडीगढ़, 30 जुलाई। अंबाला नगर निगम में कानून के कथित गंभीर उल्लंघन का मामला सामने आया है। पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट के एडवोकेट हेमंत कुमार ने आज राज्यपाल, मुख्यमंत्री, शहरी स्थानीय निकाय मंत्री सहित राज्य सरकार के शहरी स्थानीय निकाय विभाग के शीर्ष अधिकारियों को विस्तृत कानूनी ज्ञापन भेजकर आरोप लगाया है कि अंबाला नगर निगम की वित्त एवं अनुबंध समिति (Finance & Contract Committee – F&CC) का गठन सीधे-सीधे हरियाणा नगर निगम अधिनियम, 1994 की धारा 40(3) का उल्लंघन करते हुए किया गया है।
हेमंत कुमार ने अपने ज्ञापन में कहा है कि 28 जुलाई को नगर निगम सदन की बैठक में गठित F&CC में न तो सीनियर डिप्टी मेयर और न ही डिप्टी मेयर को शामिल किया गया, जबकि अधिनियम के अनुसार ये दोनों पद समिति के अनिवार्य सदस्य हैं। उल्लेखनीय है कि नगर निगम के गठन के दो महीने से अधिक समय बीत जाने के बावजूद इन दोनों पदों का चुनाव तक नहीं कराया गया है।
‘दो की जगह तीन सदस्य शामिल करना भी कानून के विरुद्ध
ज्ञापन में यह भी उल्लेख किया गया है कि अधिनियम की धारा 40(3) के अनुसार समिति में महापौर, दोनों डिप्टी मेयर, निर्वाचित पार्षदों में से चुने गए दो सदस्य तथा नगर निगम आयुक्त शामिल होने चाहिए। लेकिन इसके विपरीत दो निर्वाचित सदस्यों के स्थान पर सीधे तीन सदस्यों को शामिल कर दिया गया, जो कानून की स्पष्ट अवहेलना है।
हेमंत कुमार ने कहा कि यदि समिति का गठन ही विधिसम्मत नहीं है, तो उसके द्वारा लिए जाने वाले वित्तीय एवं संविदात्मक निर्णयों की वैधता भी भविष्य में न्यायिक जांच के दायरे में आ सकती है।
