कुरुक्षेत्र, 30 जुलाई। कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय के कुलगुरु प्रो. सोमनाथ सचदेवा के मार्गदर्शन में इंस्टीट्यूट ऑफ इंटीग्रेटेड एंड ऑनर्स स्टडीज़ में बी.एससी. जूलॉजी (ऑनर्स विद रिसर्च) के विद्यार्थियों की शोध परियोजनाओं (डिसर्टेशन) की मौखिक परीक्षा (वाइवा-वोचे) आज सफलतापूर्वक सम्पन्न हुई।
इस अवसर पर कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय के प्राणी विज्ञान विभाग के प्रो. दीपक राय ने बाह्य परीक्षक के रूप में विद्यार्थियों के शोध कार्यों का मूल्यांकन किया। उन्होंने विद्यार्थियों के शोध कार्यों की सराहना करते हुए कहा कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 के अनुरूप स्नातक स्तर पर अनुसंधान आधारित शिक्षा विद्यार्थियों में वैज्ञानिक दृष्टिकोण, विश्लेषणात्मक क्षमता तथा नवाचार की भावना को विकसित करने का प्रभावी माध्यम है। उल्लेखनीय है कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 के अंतर्गत कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय में बी.एससी. जूलॉजी (ऑनर्स विद रिसर्च) का यह प्रथम बैच है, जिसके विद्यार्थियों ने अपने शोध प्रबंध सफलतापूर्वक प्रस्तुत किए। यह विश्वविद्यालय में अनुसंधान संस्कृति को स्नातक स्तर से ही प्रोत्साहित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है।
इस अवसर पर संस्थान की प्राचार्या प्रो. रीटा, प्रो. परमेश कुमार, विभागाध्यक्ष, प्राणी विज्ञान विभाग, प्रो. गुरचरण सिंह तथा डॉ. सरिता राणाउपस्थित रहे।
प्रो. परमेश कुमार ने कहा कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 के अंतर्गत श्ऑनर्स विद रिसर्चश् कार्यक्रम विद्यार्थियों को प्रारम्भिक स्तर पर ही अनुसंधान पद्धति, वैज्ञानिक लेखन तथा समस्या-समाधान की दक्षताओं से जोड़ता है। उन्होंने विद्यार्थियों को सफल शोध कार्य के लिए बधाई देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की तथा विश्वास व्यक्त किया कि वे उच्च शिक्षा एवं अनुसंधान के क्षेत्र में उत्कृष्ट योगदान देंगे।
