कुरुक्षेत्र, 29 जुलाई। कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय के कुलगुरु प्रो. सोमनाथ सचदेवा के मार्गदर्शन में हिंदी विभाग द्वारा 30 जुलाई को महान साहित्यकार मुंशी प्रेमचंद की जयंती के उपलक्ष्य में वर्तमान युग में प्रेमचंद के साहित्य की प्रासंगिकता विषय पर एक संगोष्ठी का आयोजन किया जाएगा। यह कार्यक्रम प्रातः 10 बजे हिंदी विभाग के गणपति चंद्र गुप्त हॉल में आयोजित होगा।
हिंदी विभागाध्यक्ष प्रो. (डॉ.) महासिंह पूनिया ने बताया कि संगोष्ठी में डॉ. प्रीतम सिंह, निदेशक, डॉ. अंबेडकर स्टडी सेंटर, कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय मुख्य वक्ता के रूप में अपने विचार रखेंगे। वहीं डॉ. अतुल यादव, एसोसिएट प्रोफेसर, इतिहास विभाग, राजकीय पीजी कॉलेज, अंबाला विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित रहेंगे। उन्होंने बताया कि कार्यक्रम की अध्यक्षता प्रो. (डॉ.) सुनीता सिरोहा, अधिष्ठाता, कला एवं भाषा संकाय, कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय करेंगी। कार्यक्रम का संयोजन हिंदी विभागाध्यक्ष प्रो. (डॉ.) महासिंह पूनिया के निर्देशन में किया जा रहा है।
प्रो. महासिंह पूनिया ने बताया कि प्रेमचंद का साहित्य भारतीय समाज, मानवीय मूल्यों, सामाजिक न्याय और ग्रामीण जीवन की यथार्थपरक अभिव्यक्ति का सशक्त दस्तावेज है। वर्तमान समय में भी उनकी रचनाएं समान रूप से प्रासंगिक हैं और नई पीढ़ी को सामाजिक संवेदनाओं, नैतिक मूल्यों तथा मानवीय दृष्टिकोण से जोड़ने का कार्य करती हैं। उन्होंने विद्यार्थियों, शोधार्थियों, शिक्षकों एवं साहित्य प्रेमियों से इस संगोष्ठी में अधिक से अधिक संख्या में भाग लेने का आह्वान किया।
