कुरुक्षेत्र, 28 जुलाई। उपायुक्त विश्राम कुमार मीणा ने जिले के नागरिकों से प्रधानमंत्री सूर्य-घर मुफ्त बिजली योजना का अधिक से अधिक लाभ उठाने का आह्वान करते हुए कहा कि यह योजना न केवल बिजली बिल में बड़ी बचत का अवसर प्रदान करती है, बल्कि स्वच्छ एवं हरित ऊर्जा को बढ़ावा देकर पर्यावरण संरक्षण में भी महत्वपूर्ण योगदान देती है। उन्होंने कहा कि पात्र उपभोक्ता केंद्र एवं प्रदेश सरकार द्वारा दी जा रही सब्सिडी तथा बिजली विभाग की ब्याज-मुक्त ऋण सुविधा का लाभ लेकर अपने घरों पर रूफटॉप सोलर प्लांट स्थापित कर सकते हैं।
उन्होंने कहा कि भारत सरकार द्वारा 1 किलोवाट सोलर पैनल पर 30 हजार रुपये, 2 किलोवाट पर 60 हजार रुपये तथा 3 किलोवाट या उससे अधिक क्षमता के सोलर पैनल पर 78 हजार रुपये तक की सब्सिडी प्रदान की जा रही है। इस योजना का लाभ वे सभी घरेलू उपभोक्ता उठा सकते हैं जो अपने घर पर रूफटॉप सोलर पैनल स्थापित करना चाहते हैं। उन्होंने बताया कि भारत सरकार की सब्सिडी के अतिरिक्त हरियाणा सरकार भी पात्र परिवारों को अतिरिक्त वित्तीय सहायता उपलब्ध करा रही है। जिन परिवारों की परिवार पहचान पत्र (फैमिली आईडी) में वार्षिक आय 1.80 लाख रुपये है, उन्हें 1 किलोवाट पर 25 हजार रुपये तथा 2 किलोवाट पर 50 हजार रुपये की अतिरिक्त सब्सिडी दी जाएगी। वहीं, जिन परिवारों की वार्षिक आय 1.80 लाख रुपये से 3 लाख रुपये तक है, उन्हें 1 किलोवाट पर 10 हजार रुपये तथा 2 किलोवाट पर 20 हजार रुपये की अतिरिक्त सब्सिडी मिलेगी। इसके लिए पात्र उपभोक्ता की औसत बिजली खपत 200 यूनिट प्रतिमाह अथवा 2,400 यूनिट प्रतिवर्ष तक होना आवश्यक है। इस प्रकार 2 किलोवाट क्षमता का सोलर प्लांट लगाने पर पात्र उपभोक्ताओं को केंद्र एवं प्रदेश सरकार द्वारा संयुक्त रूप से 80 हजार रुपये से लेकर 1 लाख 10 हजार रुपये तक की सब्सिडी प्रदान की जा रहीं है।
उपायुक्त विश्राम कुमार मीणा कि सौर ऊर्जा को बढ़ावा देने के उद्देश्य से हरियाणा बिजली विभाग (यूएचबीवीएन/डीएचबीवीएन) द्वारा 5 किलोवाट तक के रूफटॉप सोलर पैनल के लिए 19,500 रुपये प्रति किलोवाट की दर से अधिकतम 97,500 रुपये तक का ब्याज-मुक्त ऋण भी उपलब्ध करवाया जा रहा है। यह सुविधा उन उपभोक्ताओं को मिलेगी जिन पर बिजली विभाग का कोई बकाया बिल नहीं है। इसके अलावा सरकारी कर्मचारी भी इस ब्याज-मुक्त ऋण सुविधा का लाभ ले सकते हैं। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री सूर्य घर योजना के तहत सहायता एवं अधिक जानकारी के लिए हेल्पलाइन 15555 अथवा 1912 पर संपर्क किया जा सकता है।
