कुरुक्षेत्र, 28 जुलाई।
प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्व विद्यालय के विश्व शांति धाम सेवा केंद्र, कुरुक्षेत्र में संस्थान की प्रथम अतिरिक्त मुख्य प्रशासिका पूज्य दीदी मनमोहिनी जी की पुण्य स्मृति पर श्रद्धांजलि सभा का आयोजन किया गया। इस अवसर पर उपस्थित भाई-बहनों ने उनके चित्र पर पुष्प अर्पित कर भावभीनी श्रद्धांजलि दी तथा उनके आदर्शों पर चलने का संकल्प लिया।
राजयोगिनी बीके सरोज बहन जी ने कहा कि दीदी मनमोहिनी जी आध्यात्मिक ज्ञान, सादगी, त्याग, अनुशासन और अनथक सेवा की साकार प्रतिमूर्ति थीं। उनका संपूर्ण जीवन ईश्वरीय सेवा, मानव कल्याण और श्रेष्ठ संस्कारों की स्थापना के लिए समर्पित रहा। उन्होंने कहा कि दीदी मनमोहिनी जैसी महान विभूतियाँ अपने आदर्श जीवन से पीढ़ियों को प्रेरित करती हैं।
उन्होंने बताया कि दीदी मनमोहिनी जी (1936-37) से ही ईश्वरीय सेवा से जुड़ गई थीं। अत्यंत समृद्ध सिंधी परिवार में जन्म लेने के बावजूद उन्होंने सादगी, त्याग और विनम्रता को जीवन का आधार बनाया। उनका लौकिक नाम गोपी था, किंतु ब्रह्मा बाबा ने उनके आध्यात्मिक व्यक्तित्व से प्रभावित होकर उन्हें “मनमोहिनी” नाम प्रदान किया।
सरोज बहन जी ने कहा कि दीदी मनमोहिनी जी ने अपना तन, मन और धन ईश्वरीय सेवा में समर्पित कर दिया। माउंट आबू में देश-विदेश से आने वाले हजारों भाई-बहनों की व्यवस्थाओं का संचालन उन्होंने धैर्य, दूरदर्शिता और मातृवत स्नेह के साथ किया। आत्मविश्वास, दूरदृष्टि तथा ईश्वरीय मर्यादाओं के प्रति अटल निष्ठा उनके व्यक्तित्व की विशेष पहचान थी।
उन्होंने कहा कि दीदी मनमोहिनी जी के प्रति सच्ची श्रद्धांजलि यही होगी कि हम उनके दिखाए मार्ग पर चलते हुए अपने जीवन में सादगी, सेवा, आध्यात्मिकता और मानवीय मूल्यों को अपनाएँ तथा विश्व कल्याण के कार्यों में सहयोगी बनें।
कार्यक्रम के अंत में राजयोगिनी ब्रह्माकुमारी सरोज बहन जी, बीके राधा, बीके पुष्पा, बीके लता, बीके संतोष, बीके नेहा, बीके प्रियंका, बीके आरती, बीके सिमरन, बीके पूनम एवं बीके भारती सहित सभी भाई-बहनों ने दीदी मनमोहिनी जी को श्रद्धासुमन अर्पित किए तथा ईश्वरीय प्रसाद ग्रहण किया।
