’कुरुक्षेत्र, 24 जुलाई।’ कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय के कुलगुरु प्रो. सोमनाथ सचदेवा के मार्गदर्शन में इंस्टीट्यूट ऑफ इंटीग्रेटेड एंड ऑनर्स स्टडीज़ में राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 के अंतर्गत संचालित बी.एससी. बायोकेमिस्ट्री (ऑनर्स विद रिसर्च) के प्रथम बैच के पांच विद्यार्थियों की शोध प्रबंध (डिसर्टेशन) की मौखिक परीक्षा (वाइवा-वोसे) सफलतापूर्वक आयोजित की गई। यह अवसर विश्वविद्यालय में स्नातक स्तर पर शोध-आधारित शिक्षा को बढ़ावा देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि माना जा रहा है।
कार्यक्रम में यूआईईटी, कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय के जैव प्रौद्योगिकी विभाग के डॉ. राजेश दहिया’ ने बाह्य परीक्षक के रूप में विद्यार्थियों के शोध कार्य का मूल्यांकन किया। उन्होंने विद्यार्थियों द्वारा प्रस्तुत शोध कार्य की सराहना करते हुए कहा कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 के अंतर्गत स्नातक स्तर पर शोध आधारित शिक्षा विद्यार्थियों में वैज्ञानिक दृष्टिकोण, अनुसंधान क्षमता, विश्लेषणात्मक सोच तथा नवाचार की भावना विकसित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है। उन्होंने विद्यार्थियों को भविष्य में उच्च शिक्षा एवं अनुसंधान के क्षेत्र में उत्कृष्ट योगदान देने के लिए प्रेरित किया।
इस अवसर पर ’बायोकेमिस्ट्री विभागाध्यक्ष प्रो. अश्वनी मित्तल, प्राचार्या प्रो. रीटा, प्रो. परमेश कुमार तथा डॉ. ऋतु सैनी’ उपस्थित रहे। सभी ने विद्यार्थियों को सफलतापूर्वक शोध कार्य पूर्ण करने पर बधाई देते हुए कहा कि बी.एससी. बायोकेमिस्ट्री (ऑनर्स विद रिसर्च) का यह प्रथम बैच राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 के प्रभावी क्रियान्वयन का उत्कृष्ट उदाहरण है। उन्होंने कहा कि चार वर्षीय ऑनर्स विद रिसर्च कार्यक्रम विद्यार्थियों में अनुसंधान की संस्कृति विकसित करने, वैज्ञानिक दृष्टिकोण को प्रोत्साहित करने तथा उन्हें उच्च शिक्षा एवं शोध के लिए तैयार करने में अत्यंत महत्वपूर्ण सिद्ध होगा।
