करनाल, 24 जुलाई। वन महोत्सव के उपलक्ष्य में जिले में आयोजित किए जा रहे सात दिवसीय पौधारोपण अभियान का शुभारंभ आज दयाल सिंह कॉलेज से किया गया। इस अवसर पर दयाल सिंह कॉलेज में जिला रेडक्रॉस सोसायटी, करनाल, राष्ट्रीय सेवा योजना, राष्ट्रीय कैडेट कोर की एनसीसी–आर्मी एवं एयर विंग तथा यूथ रेडक्रॉस के संयुक्त तत्वावधान में पौधारोपण कार्यक्रम आयोजित किया गया।
कार्यक्रम में अतिरिक्त उपायुक्त डॉ. राहुल रईया ने जिला रेडक्रॉस सोसायटी के सचिव कुलबीर मलिक तथा कॉलेज की प्राचार्या डॉ. आशिमा गक्खड़ के साथ कॉलेज परिसर में पौधारोपण कर अभियान का शुभारंभ किया। इस दौरान परिसर में विभिन्न प्रजातियों के फलदार एवं छायादार पौधे लगाए गए।
अतिरिक्त उपायुक्त डॉ. राहुल रईया ने कहा कि वन महोत्सव केवल पौधारोपण का कार्यक्रम नहीं, बल्कि प्रकृति एवं पर्यावरण के प्रति सामूहिक दायित्व निभाने का अभियान है। उन्होंने कहा कि प्रत्येक नागरिक यदि वर्ष में कम से कम एक पौधा लगाकर उसके संरक्षण का संकल्प ले तो आने वाली पीढ़ियों को स्वच्छ, हरित एवं स्वस्थ वातावरण उपलब्ध कराया जा सकता है। उन्होंने विद्यार्थियों से पौधों की नियमित देखभाल कर उन्हें वृक्ष बनने तक संरक्षित रखने का आह्वान किया।
कॉलेज की प्राचार्या डॉ. आशिमा गक्खड़ ने मुख्य अतिथि एवं अन्य अतिथियों का स्वागत करते हुए कहा कि वृक्ष पर्यावरण संतुलन बनाए रखने के साथ-साथ मानव जीवन के अस्तित्व का आधार हैं। उन्होंने कहा कि बढ़ते प्रदूषण एवं जलवायु परिवर्तन जैसी चुनौतियों का प्रभावी समाधान अधिकाधिक पौधारोपण और पौधों के संरक्षण में निहित है। उन्होंने विद्यार्थियों से पौधे लगाने के साथ उनकी देखभाल का भी संकल्प लेने का आह्वान किया।
जिला रेडक्रॉस सोसायटी, करनाल के सचिव कुलबीर मलिक ने कहा कि पर्यावरण संरक्षण प्रत्येक नागरिक का सामाजिक एवं नैतिक दायित्व है। उन्होंने कहा कि रेडक्रॉस सोसायटी समाजहित एवं पर्यावरण संरक्षण से जुड़े जन-जागरूकता अभियानों में निरंतर सक्रिय भूमिका निभा रही है तथा भविष्य में भी इस प्रकार के कार्यक्रम आयोजित किए जाते रहेंगे।
कार्यक्रम में कॉलेज के शिक्षकगण, गैर-शिक्षण कर्मचारी, एनएसएस स्वयंसेवक, एनसीसी (आर्मी एवं एयर विंग) कैडेट्स, यूथ रेडक्रॉस स्वयंसेवक तथा बड़ी संख्या में विद्यार्थियों ने भाग लिया। सभी प्रतिभागियों ने अधिकाधिक पौधारोपण करने, लगाए गए पौधों का संरक्षण सुनिश्चित करने तथा पर्यावरण संरक्षण का संदेश समाज के प्रत्येक वर्ग तक पहुंचाने का संकल्प लिया। कार्यक्रम का समापन ‘एक पेड़ माँ के नाम’ तथा ‘हरित करनाल–स्वच्छ करनाल’ के संदेश के साथ हुआ।
