करनाल। जिला कांग्रेस कमेटी (शहरी) करनाल के जिला अध्यक्ष पराग गाबा, जिला कांग्रेस कमेटी (ग्रामीण) करनाल के जिला अध्यक्ष राजेश वैध तथा पूर्व लोकसभा प्रत्याशी भाई दिव्यांशु बुद्धिराजा के नेतृत्व में कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं एवं कार्यकर्ताओं ने आज उपायुक्त करनाल के माध्यम से महामहिम राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन सौंपकर देशभर के लाखों छात्रों के साथ हुए अन्याय, पुलिस दमन और लगातार बिगड़ती परीक्षा व्यवस्था के खिलाफ अपना गहरा रोष व्यक्त किया।
इस अवसर पर वरिष्ठ कांग्रेस नेता वीरेन्द्र राठौड़, सुरेश गुप्ता, भूपिंदर लाठर, ललित बुटाना, कृष्ण कुटेल, निर्मल सतौंडी, हरि राम साबा, सतपाल सरपंच, दिलशेर डाचर, जोगिन्दर वाल्मीकि, तरुण चौहान, ललित अहूजा, संदीप महाजन (दीपक), सुरेन्द्र नंबरदार, परवीन पुनिया, लाडी संधू, अशोक दुग्गल, युवराज सिंह भट्टी, सुरेश चौधरी, राकेश कुमार, शेर सिंह डबरी, पृथ्वी राज भट्ट, सपना राणा, पप्पू लाठर, पंकज गाबा, नाहर संधू, रजत लाठर, निप्पी मान, राजेश चौधरी, नरेन्द्र कुमार अग्घी (जोगा जी), अमित (शामगढ़), नवनीत रंधावा, पंकज पाल तथा कपिल ठाकुर सहित बड़ी संख्या में कांग्रेस पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता उपस्थित रहे।
मीडिया बयान जारी करते हुए कांग्रेस नेताओं ने कहा कि आज देश का युवा केवल रोजगार नहीं, बल्कि अपने सपनों, अपने सम्मान और अपने भविष्य की सुरक्षा की मांग कर रहा है। वर्षों की कठिन मेहनत, माता-पिता के अथक त्याग और अनगिनत उम्मीदों के सहारे प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करने वाले छात्र जब न्याय की मांग लेकर लोकतांत्रिक तरीके से सड़कों पर उतरते हैं और बदले में उन्हें लाठियां, हिरासत और अपमान मिलता है, तो यह केवल छात्रों पर हमला नहीं, बल्कि देश के भविष्य और लोकतंत्र की आत्मा पर गहरी चोट है।
उन्होंने कहा कि राहुल गांधी इस पूरे संघर्ष में शुरू से ही छात्रों के साथ मजबूती से खड़े रहे हैं। “छात्रों की गूंज” अभियान करोड़ों युवाओं की उस पीड़ा की आवाज़ है, जो वर्षों से पेपर लीक, भ्रष्टाचार, परीक्षा में अनियमितताओं और सरकारी उदासीनता का सामना कर रहे हैं।
कांग्रेस नेताओं ने कहा कि संसद मार्च लोकतंत्र में विश्वास रखने वाले युवाओं की शांतिपूर्ण पुकार थी, लेकिन उन्हें संवाद के बजाय लाठीचार्ज, हिरासत और अपमान का सामना करना पड़ा। महिला छात्रों के साथ हुई अभद्रता और शांतिपूर्ण प्रदर्शनकारियों पर बल प्रयोग लोकतांत्रिक मूल्यों पर सीधा आघात है।
उन्होंने कहा कि राहुल गांधी और कांग्रेस सांसद जब छात्रों की आवाज़ सरकार तक पहुंचाने निकले तो उन्हें भी हिरासत में ले लिया गया। इससे स्पष्ट है कि सरकार युवाओं के सवालों से भाग रही है। लोकतंत्र में आवाज़ दबाना नहीं, बल्कि उसे सुनना सरकार की जिम्मेदारी होती है।
कांग्रेस नेताओं ने कहा कि राष्ट्रपति के नाम सौंपे गए ज्ञापन में केंद्रीय शिक्षा मंत्री के इस्तीफे, छात्रों पर हुए लाठीचार्ज की निष्पक्ष जांच, संसद में परीक्षा व्यवस्था पर विशेष चर्चा, पूरी परीक्षा प्रक्रिया के स्वतंत्र ऑडिट, पेपर लीक माफिया के खिलाफ कठोर कार्रवाई, राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (NTA) को भंग कर पारदर्शी परीक्षा प्रणाली लागू करने तथा सभी प्रतियोगी परीक्षाओं और सरकारी भर्तियों के लिए बाध्यकारी वार्षिक कैलेंडर लागू करने सहित अनेक महत्वपूर्ण मांगें रखी गई हैं।
अंत में पराग गाबा, राजेश वैध, भाई दिव्यांशु बुद्धिराजा तथा उपस्थित सभी कांग्रेस नेताओं ने कहा कि देश का युवा किसी सरकार से एहसान नहीं, बल्कि अपने संवैधानिक अधिकार और निष्पक्ष अवसर मांग रहा है। जिन हाथों में किताबें और कलम होनी चाहिए थीं, आज उन हाथों पर लाठियों के निशान हैं। यह केवल छात्रों पर हुआ अत्याचार नहीं, बल्कि भारत के लोकतांत्रिक मूल्यों पर लगा ऐसा दाग है जिसे इतिहास कभी माफ नहीं करेगा। कांग्रेस पार्टी हर छात्र, हर अभिभावक और हर युवा के सम्मान, अधिकार और भविष्य की इस लड़ाई में सड़क से लेकर संसद तक पूरी मजबूती से उनके साथ खड़ी रहेगी।
