कुरुक्षेत्र, 21 जुलाई। कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय के कुलगुरु प्रो. सोमनाथ सचदेवा के मार्गदर्शन में यूजीसी-मालवीय मिशन शिक्षक प्रशिक्षण केन्द्र, कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय द्वारा 22 जुलाई से 4 अगस्त, 2026 तक ऑनलाइन माध्यम से एनवायरमेंटल चैलेंजेज एंड सस्टेनेबिलिटी इन एक्शन विषय पर दो सप्ताह का यूजीसी प्रायोजित बहु विषयक पुनश्चर्या पाठ्यक्रम आयोजित किया जा रहा है। इस कार्यक्रम का आयोजन पर्यावरण अध्ययन संस्थान, कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय के सहयोग से किया जा रहा है।
पर्यावरण अध्ययन संस्थान के निदेशक प्रो. परमेश कुमार ने बताया कि पाठ्यक्रम का उद्देश्य उच्च शिक्षा संस्थानों के शिक्षकों एवं शोधकर्ताओं को पर्यावरणीय चुनौतियों, सतत विकास तथा नवीन शोध एवं शिक्षण पद्धतियों से परिचित कराना है, जिससे शिक्षण-प्रशिक्षण एवं अनुसंधान की गुणवत्ता को और सुदृढ़ किया जा सके।
प्रो. परमेश कुमार ने बताया कि कार्यक्रम का उद्घाटन 22 जुलाई, 2026 को होगा। उद्घाटन सत्र में राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान (एनआईटी), कुरुक्षेत्र के प्रो. बलदेव सेतिया मुख्य अतिथि के रूप में सहभागिता करेंगे तथा पर्यावरण संरक्षण एवं सतत विकास के समसामयिक विषयों पर अपने विचार व्यक्त करेंगे।
पुनश्चर्या पाठ्यक्रम में पर्यावरणीय चुनौतियाँ एवं प्रबंधन, पर्यावरण संरक्षण एवं सततता, प्रदूषण एवं उपचार, वैश्विक जलवायु परिवर्तन, आपदा प्रबंधन, भू-स्थानिक प्रौद्योगिकी, जैव विविधता संरक्षण तथा जैव-सांख्यिकी जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर देश के प्रतिष्ठित शिक्षाविद् एवं विशेषज्ञ व्याख्यान देंगे।
कार्यक्रम का संचालन यूजीसी-मालवीय मिशन शिक्षक प्रशिक्षण केन्द्र की निदेशक प्रो. प्रीति जैन के मार्गदर्शन में किया जा रहा है। इस कार्यक्रम में देश भर के विभिन्न क्षेत्रों से 100 से अधिक प्रतिभागी भाग ले रहे हैं। पर्यावरण अध्ययन संस्थान के निदेशक प्रो. परमेश कुमार कार्यक्रम के समन्वय में सहयोग प्रदान कर रहे हैं। पाठ्यक्रम की समन्वयक डॉ. पूजा अरोड़ा, सहायक प्रोफेसर, तथा डॉ. भावना दहिया, सहायक प्रोफेसर, पर्यावरण अध्ययन संस्थान हैं।
आयोजकों ने देशभर के विश्वविद्यालयों एवं महाविद्यालयों के शिक्षकों से इस बहुविषयक पुनश्चर्या पाठ्यक्रम में सक्रिय सहभागिता कर पर्यावरणीय चुनौतियों एवं सतत विकास के क्षेत्र में अपने ज्ञान एवं कौशल का विस्तार करने का आह्वान किया है।
