डी.पी.आर. तैयार कर शीघ्र भेजे जाएंगे प्रस्ताव, मंजूरी के बाद धरातल पर उतरेंगी महत्वाकांक्षी परियोजनाएं- निगमायुक्त।
स्मार्ट सुविधाओं, बेहतर पार्किंग, स्वच्छ पेयजल, हरित ऊर्जा एवं आधुनिक आधारभूत ढांचे से बदलेगी करनाल की तस्वीर।
करनाल 21 जुलाई,
अर्बन चैलेंज फंड (यू.सी.एफ.) के तहत करनाल शहर में प्रस्तावित महत्वाकांक्षी विकास परियोजनाओं को शीघ्र धरातल पर उतारने की दिशा में नगर निगम आयुक्त सलोनी शर्मा ने मंगलवार को निगम के अभियंताओं एवं भूमि शाखा के अधिकारियों के साथ विभिन्न स्थलों का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने प्रस्तावित परियोजनाओं के लिए चिन्हित स्थानों का जायजा लेते हुए अधिकारियों से विस्तृत जानकारी ली तथा आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। निरीक्षण के दौरान उनके साथ अधीक्षण अभियंता पुनीत कुमार, सलाहकार महीपाल सिंह तथा भूमि शाखा के कर्मचारी उपस्थित रहे।
पांच प्रमुख स्थलों का किया निरीक्षण।
दौरे के दौरान निगमायुक्त ने गांव सैदपुरा, महर्षि वाल्मिकी चौक स्थित पुराने नगर निगम कार्यालय परिसर, पुरानी सब्जी मंडी, गांव बुढ़ाखेड़ा स्थित इन्द्री एस्केप ड्रेन तथा अन्य प्रस्तावित स्थलों का निरीक्षण कर परियोजनाओं की व्यवहारिकता, भूमि की उपलब्धता एवं विकास की संभावनाओं का आकलन किया। उन्होंने अधिकारियों से प्रत्येक परियोजना की वर्तमान स्थिति एवं आगामी कार्ययोजना की जानकारी प्राप्त की।
डी.पी.आर. तैयार कर जल्द भेजे जाएंगे प्रस्ताव।
निरीक्षण के दौरान उन्होंने अभियंताओं को निर्देश दिए कि सभी प्रस्तावित परियोजनाओं के लिए शीघ्र सलाहकार (कंसल्टेंट) नियुक्त कर डिटेल प्रोजेक्ट रिपोर्ट (डी.पी.आर.) तैयार करवाई जाए, ताकि आगामी प्रशासनिक एवं तकनीकी प्रक्रिया समयबद्ध ढंग से पूरी की जा सके।
उन्होंने बताया कि तैयार डी.पी.आर. शहरी स्थानीय निकाय निदेशालय को भेजी जाएगी। निदेशालय द्वारा परीक्षण के बाद इन्हें केन्द्रीय आवासन एवं शहरी मामले मंत्रालय को स्वीकृति के लिए भेजा जाएगा। मंत्रालय से मंजूरी मिलने के पश्चात परियोजनाओं पर निर्माण कार्य प्रारम्भ किया जाएगा। उन्होंने उम्मीद जताई कि लगभग एक वर्ष के भीतर आवश्यक प्रक्रियाएं पूर्ण कर इन परियोजनाओं को धरातल पर उतारने की दिशा में कार्य शुरू हो जाएगा।
करनाल बनेगा आधुनिक एवं स्मार्ट शहर।
निगमायुक्त ने कहा कि अर्बन चैलेंज फंड के तहत प्रस्तावित यह परियोजनाएं करनाल के समग्र एवं दीर्घकालिक विकास की दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण हैं। इनके पूरा होने से शहर में आधुनिक आधारभूत सुविधाओं का विस्तार होगा, पार्किंग व्यवस्था मजबूत होगी, ट्रैफिक जाम की समस्या में कमी आएगी तथा नागरिकों को बेहतर शहरी सुविधाएं उपलब्ध होंगी। उन्होंने कहा कि स्वच्छ पेयजल, हरित ऊर्जा, आधुनिक पार्किंग व्यवस्था, व्यावसायिक गतिविधियों को बढ़ावा तथा पर्यटन एवं सम्मेलन सुविधाओं के विकास से करनाल शहर हरियाणा में अपनी अलग पहचान बनाएगा।
प्रस्तावित प्रमुख परियोजनाएं।
1. गांव सैदपुरा में 100 एम.एल.डी. क्षमता का वाटर ट्रीटमेंट प्लांट।
गांव सैदपुरा में लगभग 100 एम.एल.डी. क्षमता का आधुनिक जल प्रशोधन संयंत्र स्थापित किया जाना प्रस्तावित है। इस संयंत्र के माध्यम से नहरी जल का उपचार कर उसे पेयजल मानकों के अनुरूप शुद्ध बनाया जाएगा तथा शहरवासियों को स्वच्छ एवं सुरक्षित पेयजल उपलब्ध कराया जाएगा। इससे भूमिगत जल पर निर्भरता भी कम होगी और जल संरक्षण को बढ़ावा मिलेगा। इस परियोजना पर लगभग 300 करोड़ रुपये की लागत आने का अनुमान है।
2. पुराने नगर निगम कार्यालय परिसर में आधुनिक कॉमर्शियल स्पेस एवं पार्किंग।
महर्षि वाल्मिकी चौक स्थित पुराने नगर निगम कार्यालय परिसर में आधुनिक सात मंजिला कॉमर्शियल कॉम्प्लेक्स विकसित किया जाएगा। इसके बेसमेंट एवं भूतल पर पार्किंग तथा ऊपरी मंजिलों पर व्यावसायिक गतिविधियों के लिए आधुनिक स्पेस विकसित किया जाएगा। इससे शहर के मध्य क्षेत्र में पार्किंग की समस्या के समाधान के साथ-साथ आर्थिक गतिविधियों को भी बढ़ावा मिलेगा। इस परियोजना पर लगभग 40 करोड़ रुपये व्यय होने का अनुमान है।
3. पुरानी सब्जी मंडी में मल्टी लेवल पार्किंग।
पुरानी सब्जी मंडी स्थल पर अत्याधुनिक मल्टी लेवल पार्किंग का निर्माण प्रस्तावित है। परियोजना के अंतर्गत भूतल पर दुकानें, सेमी-बेसमेंट में फूड कोर्ट, डबल बेसमेंट तथा ऊपर की आठ मंजिलों में वाहनों की पार्किंग की सुविधा विकसित की जाएगी। इस परियोजना पर लगभग 106 करोड़ रुपये व्यय होने का अनुमान है। इससे शहर के व्यस्त बाजार क्षेत्र में पार्किंग की समस्या का स्थायी समाधान मिलेगा।
4. इन्द्री एस्केप ड्रेन पर 20 मेगावाट क्षमता का सोलर एनर्जी प्लांट।
गांव बुढ़ाखेड़ा स्थित इन्द्री एस्केप ड्रेन क्षेत्र में लगभग 25 एकड़ भूमि पर 20 मेगावाट क्षमता का सोलर एनर्जी प्लांट स्थापित किया जाएगा। इस परियोजना पर लगभग 110 करोड़ रुपये की लागत आने का अनुमान है। परियोजना से स्वच्छ एवं हरित ऊर्जा उत्पादन को बढ़ावा मिलेगा तथा पर्यावरण संरक्षण की दिशा में महत्वपूर्ण कदम सिद्ध होगा।
5. कर्ण लेक पर आधुनिक कन्वेंशन सेंटर।
कर्ण लेक परिसर में विश्वस्तरीय कन्वेंशन सेंटर विकसित किया जाएगा। परियोजना के अंतर्गत होटल, दो आधुनिक ऑडिटोरियम, मल्टीपर्पज़ हॉल, ओपन एयर थिएटर तथा मल्टी लेवल पार्किंग जैसी सुविधाओं का निर्माण प्रस्तावित है। इस परियोजना पर लगभग 106 करोड़ रुपये व्यय होने का अनुमान है। इससे करनाल में राष्टï्रीय एवं अंतरराष्टï्रीय स्तर के सम्मेलन, सांस्कृतिक कार्यक्रम तथा पर्यटन गतिविधियों को नई गति मिलेगी।
शहर के समग्र विकास की दिशा में बड़ा कदम।
निगमायुक्त ने कहा कि अर्बन चैलेंज फंड के माध्यम से प्रस्तावित ये सभी परियोजनाएं करनाल के भविष्य को ध्यान में रखकर तैयार की जा रही हैं। इनसे न केवल आधारभूत ढांचे को मजबूती मिलेगी बल्कि स्वच्छ जल, बेहतर यातायात, आधुनिक पार्किंग, हरित ऊर्जा, पर्यटन और व्यापारिक विकास जैसे अनेक क्षेत्रों में शहर को नई पहचान मिलेगी। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि सभी परियोजनाओं की कार्यवाही निर्धारित समयसीमा में पूरी करते हुए प्रस्ताव शीघ्र उच्च स्तर पर भेजे जाएं, ताकि करनाल के विकास को नई गति मिल सके।
