पशुपालन विभाग के साथ की बैठक, अभियान चलाकर गौशालाओं में स्थानांतरित किए जाएंगे बेसहारा पशु।
टैगिंग और वैक्सीनेशन के बाद ही होगा पशुओं का स्थानांतरण, यातायात बाधित करने वाले पशुओं को प्राथमिकता से पकडऩे के दिए निर्देश।
करनाल 21 जुलाई,
           शहर में लगातार बढ़ रही बेसहारा पशुओं की समस्या के स्थायी समाधान के लिए नगर निगम करनाल ने व्यापक कार्ययोजना तैयार कर ली है। इसे लेकर नगर निगम आयुक्त सलोनी शर्मा ने मंगलवार को पशुपालन विभाग के उप निदेशक ओ.पी. कुकरेजा के साथ बैठक कर शहर को चरणबद्ध तरीके से बेसहारा पशुओं से मुक्त करने के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए। बैठक में अतिरिक्त निगम आयुक्त अशोक कुमार, स्वच्छता अधिकारी महावीर सोढी, मुख्य सफाई निरीक्षक सुरेन्द्र चोपड़ा तथा संबंधित अधिकारी एवं सेनीटेशन टीम के सदस्य उपस्थित रहे।
बेसहारा पशु बन रहे हैं यातायात और जनसुरक्षा के लिए चुनौती।
बैठक के दौरान नगर निगम आयुक्त ने कहा कि शहर में बेसहारा पशुओं की बढ़ती संख्या नागरिकों की सुरक्षा तथा यातायात व्यवस्था के लिए चुनौती बनती जा रही है। मुख्य मार्गों, चौकों और बाजारों में पशुओं के विचरण करने से यातायात बाधित होता है तथा सडक़ दुर्घटनाओं की आशंका लगातार बनी रहती है। ऐसे में इस समस्या के समाधान के लिए सभी संबंधित विभागों को समन्वय के साथ प्रभावी कार्रवाई करनी होगी। उन्होंने बताया कि वर्तमान में शहर में लगभग 800 बेसहारा पशु हैं, जिनमें लगभग 80 प्रतिशत नंदी तथा 20 प्रतिशत गाय शामिल हैं।
नगर निगम की गौशाला और नंदीशाला क्षमता से अधिक भरी हुई।
उन्होंने बताया कि नगर निगम द्वारा संचालित गौशाला एवं नंदीशाला में वर्तमान में लगभग 950 से 1000 गाय एवं नंदी संरक्षित हैं, जो उनकी निर्धारित क्षमता से अधिक हैं। इस कारण शहर से पकड़े जाने वाले अतिरिक्त पशुओं को निगम की गौशाला एवं नंदीशाला में रखना संभव नहीं है। इसलिए वैकल्पिक व्यवस्था के तहत अन्य गौशालाओं का सहयोग लिया जाएगा।
जिले की गौशालाओं में स्थानांतरित किए जाएंगे लगभग 500 पशु।
बैठक में पशुपालन विभाग के उप निदेशक ने सुझाव दिया कि नगर निगम विशेष अभियान चलाकर शहर से बेसहारा पशुओं को पकड़े। उन्होंने आश्वस्त भी किया कि जिला की विभिन्न पंजीकृत गौशालाओं में लगभग 500 पशुओं को स्थानांतरित करवाने की व्यवस्था पशुपालन विभाग द्वारा की जाएगी, जिससे नगर निगम को अभियान सफलतापूर्वक संचालित करने में सुविधा मिलेगी।
वैक्सीनेशन और टैगिंग के बाद ही होगा पशुओं का स्थानांतरण।
नगर निगम आयुक्त ने स्पष्ट निर्देश दिए कि किसी भी पशु को स्थानांतरित करने से पहले उसका स्वास्थ्य परीक्षण, वैक्सीनेशन एवं टैगिंग अनिवार्य रूप से की जाए। इससे पशुओं की पहचान, स्वास्थ्य सुरक्षा तथा भविष्य में उनके प्रबंधन में सुविधा रहेगी।
सेनीटेशन टीम को विशेष अभियान चलाने के निर्देश।
बैठक में निगमायुक्त ने नगर निगम की सेनीटेशन टीम को निर्देश दिए कि शहरभर में विशेष अभियान चलाकर बेसहारा पशुओं को चिन्हित किया जाए और प्राथमिकता के आधार पर मुख्य सडक़ों, बाजारों, चौराहों तथा अधिक यातायात वाले क्षेत्रों से उन्हें सुरक्षित पकडक़र विभिन्न गौशालाओं में स्थानांतरित किया जाए। उन्होंने कहा कि यह अभियान चरणबद्ध तरीके से निरंतर चलाया जाए, ताकि शहरवासियों को बेसहारा पशुओं की समस्या से राहत मिल सके और शहर की यातायात व्यवस्था अधिक सुरक्षित एवं सुचारु बन सके।

By Dr. Rajesh Wadhwa

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