करनाल। केंद्रीय ऊर्जा, आवासन एवं शहरी कार्य मंत्री मनोहर लाल ने कहा कि देश के शहरों का सुनियोजित, समावेशी और सतत विकास ही विकसित भारत के संकल्प को साकार करने का आधार बनेगा। उन्होंने नगर निकायों को जनसेवा, पारदर्शिता, नवाचार और सुशासन का सशक्त माध्यम बताते हुए कहा कि केंद्र और स्थानीय निकायों के बीच बेहतर समन्वय से नागरिकों को गुणवत्तापूर्ण शहरी सुविधाएं उपलब्ध कराई जा सकती हैं।
केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल ने ये विचार नई दिल्ली स्थित अखिल भारतीय महापौर परिषद के कार्यालय में आयोजित परिषद की महत्वपूर्ण बैठक में अध्यक्षीय संबोधन में व्यक्त किए। इस दौरान परिषद की राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं करनाल की महापौर रेणु बाला गुप्ता सहित देश के विभिन्न राज्यों से आए महापौरों के साथ उन्होंने शहरी विकास, नगर निकायों की सुदृढ़ता, जनकल्याण, स्वच्छ एवं आधुनिक शहरों के निर्माण तथा प्रभावी स्थानीय शासन से जुड़े विभिन्न विषयों पर व्यापक विचार-विमर्श किया।
बैठक में अखिल भारतीय महापौर परिषद की राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं करनाल की महापौर रेणु बाला गुप्ता ने कहा कि परिषद देशभर के नगर निकायों के बीच अनुभवों के आदान-प्रदान, नवाचारों के प्रसार और जनहितकारी कार्यों को नई दिशा देने का प्रभावी मंच है। उन्होंने कहा कि केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल का दूरदर्शी मार्गदर्शन नगर निकायों को अधिक सक्षम, उत्तरदायी और जन केंद्रित बनाने की दिशा में अत्यंत प्रेरणादायक है। उनके विचार जनप्रतिनिधियों को विकास कार्यों को और अधिक गति तथा पूरी गुणवत्ता के साथ आगे बढ़ाने की नई प्रेरणा प्रदान करते हैं।
महापौर रेणु बाला गुप्ता ने केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल के प्रति विशेष आभार व्यक्त करते हुए कहा कि उनका आत्मीय सान्निध्य, मार्गदर्शन और प्रेरणादायी उद्बोधन जनसेवा के प्रति नई ऊर्जा, उत्साह और समर्पण का संचार करता है। उन्होंने कहा कि परिषद की यह बैठक शहरी विकास के क्षेत्र में बेहतर समन्वय, नवाचार और जनहितकारी योजनाओं को गति देने की दिशा में अत्यंत महत्वपूर्ण साबित होगी।
सुझाव भी किए प्रस्तुत
बैठक में परिषद के संगठन महामंत्री आशुतोष वार्ष्णेय, सचिव मनोज गुप्ता सहित देश के विभिन्न राज्यों एवं क्षेत्रों से पहुंचे महापौरों ने भी अपने विचार साझा किए। साथ ही शहरी विकास से जुड़े विषयों पर सुझाव प्रस्तुत किए।
