-बीएएमएस इंटर्नशिप स्टाइपेंड बढ़ाने, एक शिक्षक को पदोन्नति और 2 प्रोफेसर को मिली एसीपी की मंजूरी
कुरुक्षेत्र। श्री कृष्ण आयुष विश्वविद्यालय की कार्यकारी परिषद (एक्जीक्यूटिव काउंसिल) की 20वीं बैठक कुलपति प्रो. वैद्य करतार सिंह धीमान की अध्यक्षता में आयोजित हुई। बैठक में कुलसचिव डॉ. कृष्णकांत गुप्ता द्वारा प्रस्तुत विश्वविद्यालय के प्रशासनिक, शैक्षणिक, वित्तीय एवं विकास कार्यों से जुड़े 42 महत्वपूर्ण एजेंडों पर विस्तृत चर्चा करते हुए कई अहम निर्णय लिए गए। बैठक की शुरुआत 19वीं कार्यकारी परिषद की कार्यवाही की पुष्टि एवं एक्शन टेकन रिपोर्ट पर विचार-विमर्श से हुई।
बैठक में प्रोफेसर डॉ. सतीश वत्स तथा प्रो. विदुषी त्यागी को निर्धारित सेवा अवधि पूर्ण करने पर प्रथम एसीपी प्रदान करने के प्रस्ताव सर्वसम्मति से स्वीकार किए गए। वहीं, क्रिया शरीर विभाग की एसोसिएट प्रोफेसर डॉ. मनीषा खत्री को प्रोफेसर पद पर पदोन्नत करने की मंजूरी दी गई। परीक्षा नियंत्रक प्रो. डॉ. हेतल दवे का प्रतिनियुक्ति (डेपुटेशन) कार्यकाल 31 जुलाई 2027 तक एक वर्ष के लिए बढ़ा दिया गया।
बैठक में बीएएमएस इंटर्नशिप स्टाइपेंड को 10 हजार रुपए से बढ़ाकर 15 हजार रुपए प्रतिमाह किए जाने के प्रस्ताव पर विचार किया गया। कार्यकारी परिषद ने इस प्रस्ताव को स्वीकृति देते हुए अंतिम मंजूरी के लिए हरियाणा सरकार को भेजने का निर्णय लिया। परिषद ने विश्वविद्यालय अधिकारियों के आतिथ्य भत्ते में भी संशोधन किया। साथ ही यह निर्णय लिया गया कि आतिथ्य व्यय की प्रतिपूर्ति निर्धारित वार्षिक सीमा के भीतर वास्तविक खर्च के आधार पर मासिक रूप से की जाएगी।
बैठक में शिक्षकों की वार्षिक निष्पादन मूल्यांकन रिपोर्ट (एपीएआर) का नया प्रारूप स्वीकृत किया गया, जिसमें शोध, नवाचार, तकनीक आधारित अध्यापन, शोध-पत्र, पुस्तक लेखन एवं विश्वविद्यालय की अन्य शैक्षणिक गतिविधियों में योगदान को शामिल किया गया है। इसके अतिरिक्त विश्वविद्यालय के विजन एवं मिशन स्टेटमेंट में संशोधन, शिक्षकों के लिए शैक्षणिक एवं ड्यूटी अवकाश की नई व्यवस्था तथा विभिन्न स्नातकोत्तर विभागों की स्थापना संबंधी प्रस्तावों को भी मंजूरी प्रदान की गई।
बैठक में हरियाणा सरकार के स्पष्टीकरण के अनुरूप लिपिक पदों का वेतन स्तर फिलहाल एफपीएल-2 यथावत रखने का निर्णय लिया गया। कार्यकारी परिषद ने विश्वविद्यालय अधिनियम एवं स्टेट्यूट में कुलसचिव (रजिस्ट्रार) की नियुक्ति संबंधी प्रावधानों में पाई गई विसंगति को दूर करने के लिए संशोधन प्रस्ताव को स्वीकृति प्रदान करते हुए अंतिम अनुमोदन के लिए कुलाधिपति (राज्यपाल) के पास भेजने का निर्णय लिया।
परिषद ने तीन माह के सर्टिफिकेट पाठ्यक्रमों, राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय संस्थानों के साथ हुए एमओयू तथा होम्योपैथिक फार्मेसी डिप्लोमा पाठ्यक्रम का संज्ञान लिया। प्रशासनिक कार्यों को अधिक प्रभावी बनाने के उद्देश्य से हाइब्रिड वाहनों की खरीद तथा नव-निर्मित बहुउद्देशीय ऑडिटोरियम के संचालन एवं उपयोग शुल्क संबंधी नियमों को भी मंजूरी प्रदान की गई। इसके अलावा राज्य सरकार द्वारा जारी अधिसूचना के अनुरूप विश्वविद्यालय के लिपिक पदों की भर्ती नीति में संशोधन, निवेश समिति के पुनर्गठन तथा नियमित चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों के लिए वार्षिक वर्दी भत्ता लागू करने सहित कई अन्य प्रशासनिक प्रस्तावों को भी स्वीकृति प्रदान की गई।
पारदर्शी प्रशासन और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता : कुलपति
कुलपति प्रो. वैद्य करतार सिंह धीमान ने कहा कि कार्यकारी परिषद द्वारा लिए गए निर्णय विश्वविद्यालय में सुशासन, पारदर्शिता, गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, अनुसंधान तथा आधारभूत सुविधाओं को और अधिक सुदृढ़ करेंगे। उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय विद्यार्थियों को बेहतर शैक्षणिक वातावरण उपलब्ध कराने के साथ-साथ प्रशासनिक दक्षता एवं जवाबदेही बढ़ाने के लिए निरंतर कार्य कर रहा है।
नए आयाम स्थापित कर रहा विवि:कुलसचिव
वहीं, कुलसचिव डॉ. कृष्णकांत गुप्ता ने कहा कि हरियाणा सरकार के विशेष सहयोग एवं कुलपति प्रो. वैद्य करतार सिंह धीमान के दूरदर्शी नेतृत्व में श्री कृष्ण आयुष विश्वविद्यालय निरंतर विकास के नए आयाम स्थापित कर रहा है। उन्होंने कहा कि कार्यकारी परिषद द्वारा स्वीकृत सभी प्रस्तावों का प्रभावी एवं समयबद्ध क्रियान्वयन सुनिश्चित किया जाएगा, ताकि विद्यार्थियों, शिक्षकों और कर्मचारियों को इन निर्णयों का अधिकतम लाभ मिल सके तथा विश्वविद्यालय की शैक्षणिक एवं प्रशासनिक व्यवस्था और अधिक सुदृढ़ हो।
