कुरुक्षेत्र, 11 जुलाई। उपायुक्त विश्राम कुमार मीणा ने कहा कि जलभराव व अन्य आपदा के समय प्रशासन की प्राथमिकता जन सुरक्षा की रहती है। जैसे ही शुक्रवार को ज्यादा बरसात हुई तो प्रशासन की सभी टीमों ने अलर्ट मोड पर रहते हुए काम किया। उन्होंने नागरिकों से अपील करते हुए कहा कि प्रशासनिक अधिकारियों-कर्मचारियों का सहयोग करें। कई गांवों में नागरिकों ने बाधा काम को रोकने, बाधा डालने का प्रयास करना चाहा। ऐसा करने वालों पर आपदा प्रबंधन एक्ट के तहत कार्रवाई भी अमल में लाई जाएगी।
उपायुक्त विश्राम कुमार मीणा ने शनिवार को रेलवे रोड पर जलभराव की स्थिति से निपटने के लिए किए गए कार्यों का निरीक्षण किया। इस दौरान डीएमसी अमन कुमार भी मौजूद रहे। उन्होंने अधिकारियों को कुछ आवश्यक निर्देश भी दिए। इस दौरान कुछ दुकानदारों द्वारा नालो में प्लास्टिक व अन्य सामान फेंकने पर समझाया भी गया। इसके साथ चेतावनी दी कि दोबारा से ऐसा करते मिलने पर चालान किया जाएगा।
उपायुक्त विश्राम कुमार मीणा ने कहा कि शुक्रवार को हुई बरसात के बाद शहरी के लगभग एरिया से 3 घंटे में पानी की निकासी हो गई थी। जहां पर 3 घंटे में पानी निकासी नहीं हुई, वहां पर संबंधित विभाग को कार्य को और दुरुस्त करने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि आने वाले समय में बरसात होने पर किसी प्रकार की दिक्कत ना रहे। इसके साथ ही नागरिकों को भी अपने घर, दुकान व संस्थान के कचरे, प्लास्टिक व अन्य सामग्री को कूड़ेदान में डालने की अपील की। जो कचरा नालों में बहाया जा रहा है, उसके कारण पानी का बहाव रुक जाता है और बरसाती पानी की निकासी नहीं हो पाती।
उन्होंने कहा कि बरसात के बाद प्रशासनिक विभागों को अलर्ट किया गया है। स्वास्थ्य विभाग की टीम मौसम बीमारी को लेकर जागरूक कर रही है और जांच कार्य भी किया जा रहा है। सिंचाई विभाग, पशुपालन विभाग भी अपने अपने कार्य को कर रहा है। सभी नागरिक राहत कार्य में अपना सहयोग दें। इस कार्य को करना सभी की जिम्मेदारी है।
दूसरे दिन मुलाना में मारकंडा का जलस्तर घटा
उपायुक्त विश्राम कुमार मीणा ने कहा कि शुक्रवार को मुलाना में मारकंडा में 40 हजार क्यूसिक पानी का आंकड़ा दर्ज किया गया, जीटी रोड शाहाबाद में 4 हजार क्यूसिक पानी दर्ज किया गया। इस सूचना पर जिला प्रशासन की सभी टीमें अलर्ट मोड पर हो गई हैं। कल से ही सभी बिंदुओं पर पहले से की गई तैयार के अनुसार मोर्चा को संभाल लिया है। आज दूसरे दिन मुलाना में मारकंडा का पानी कल से कम होने की रिपोर्ट प्राप्त हुई है। इसके बावजूद भी प्रशासन की टीमें अलर्ट ही रहेंगी।
नदी का पानी पाइप से बैक आने पर कलसाना गांव में हुआ था ज्यादा पानी
उपायुक्त विश्राम कुमार मीणा ने कहा कि कलसाना में पानी आने की सूचना मिली थी। जब प्रशासन की टीम ने मौके पर जाकर देखा तो पाया कि तालाब से पानी निकासी वाले पाइप के माध्यम से नदी का पानी बैक आ रहा है। हमारी टीम ने पाइप से बैक आ रहे पानी को रोक दिया है। अब स्थिति सामान्य बनी हुई है।
एचसीएस और आईएएस अधिकारी खुद कर रहे नदी-नालों की निगरानी
उपायुक्त विश्राम कुमार मीणा ने कहा कि जिला के अंतर्गत आने वाले सभी बरसाती नदी नालों की निगरानी का कार्य एचसीएस और आईएएस अधिकारी कर रहे हैं। वो अमृत नाला की निगरानी का कार्य कर रहे हैं। उस नाले का निरीक्षण भी किया है। ऐसे में बाढ़ राहत के सभी पुख्ता प्रबंध जिला में प्रशासन की तरफ से किया गया है।
बरसात के मौसम में बच्चों, पशुओं का रखें ध्यान
उपायुक्त विश्राम कुमार मीणा ने कहा कि बरसात के समय पर पानी का बहाव पीछे के पानी से तेज हो सकता है, ऐसी स्थिति को देखते हुए बच्चों, पशुओं और बुजुर्गों का ध्यान रखें। धान रोपाई का सीजन चला हुआ है, ऐसे में किसान भी अपनी स्थिति का ध्यान रखें। उपायुक्त ने बिजली का करंट लगने से दो नागरिकों की मौत पर संवेदना प्रकट की और नागरिकों को हर कार्य को करते समय सावधान बरतने की अपील की।
उपायुक्त विश्राम कुमार मीणा ने शनिवार को रेलवे रोड पर जलभराव की स्थिति से निपटने के लिए किए गए कार्यों का निरीक्षण किया। इस दौरान डीएमसी अमन कुमार भी मौजूद रहे। उन्होंने अधिकारियों को कुछ आवश्यक निर्देश भी दिए। इस दौरान कुछ दुकानदारों द्वारा नालो में प्लास्टिक व अन्य सामान फेंकने पर समझाया भी गया। इसके साथ चेतावनी दी कि दोबारा से ऐसा करते मिलने पर चालान किया जाएगा।
उपायुक्त विश्राम कुमार मीणा ने कहा कि शुक्रवार को हुई बरसात के बाद शहरी के लगभग एरिया से 3 घंटे में पानी की निकासी हो गई थी। जहां पर 3 घंटे में पानी निकासी नहीं हुई, वहां पर संबंधित विभाग को कार्य को और दुरुस्त करने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि आने वाले समय में बरसात होने पर किसी प्रकार की दिक्कत ना रहे। इसके साथ ही नागरिकों को भी अपने घर, दुकान व संस्थान के कचरे, प्लास्टिक व अन्य सामग्री को कूड़ेदान में डालने की अपील की। जो कचरा नालों में बहाया जा रहा है, उसके कारण पानी का बहाव रुक जाता है और बरसाती पानी की निकासी नहीं हो पाती।
उन्होंने कहा कि बरसात के बाद प्रशासनिक विभागों को अलर्ट किया गया है। स्वास्थ्य विभाग की टीम मौसम बीमारी को लेकर जागरूक कर रही है और जांच कार्य भी किया जा रहा है। सिंचाई विभाग, पशुपालन विभाग भी अपने अपने कार्य को कर रहा है। सभी नागरिक राहत कार्य में अपना सहयोग दें। इस कार्य को करना सभी की जिम्मेदारी है।
दूसरे दिन मुलाना में मारकंडा का जलस्तर घटा
उपायुक्त विश्राम कुमार मीणा ने कहा कि शुक्रवार को मुलाना में मारकंडा में 40 हजार क्यूसिक पानी का आंकड़ा दर्ज किया गया, जीटी रोड शाहाबाद में 4 हजार क्यूसिक पानी दर्ज किया गया। इस सूचना पर जिला प्रशासन की सभी टीमें अलर्ट मोड पर हो गई हैं। कल से ही सभी बिंदुओं पर पहले से की गई तैयार के अनुसार मोर्चा को संभाल लिया है। आज दूसरे दिन मुलाना में मारकंडा का पानी कल से कम होने की रिपोर्ट प्राप्त हुई है। इसके बावजूद भी प्रशासन की टीमें अलर्ट ही रहेंगी।
नदी का पानी पाइप से बैक आने पर कलसाना गांव में हुआ था ज्यादा पानी
उपायुक्त विश्राम कुमार मीणा ने कहा कि कलसाना में पानी आने की सूचना मिली थी। जब प्रशासन की टीम ने मौके पर जाकर देखा तो पाया कि तालाब से पानी निकासी वाले पाइप के माध्यम से नदी का पानी बैक आ रहा है। हमारी टीम ने पाइप से बैक आ रहे पानी को रोक दिया है। अब स्थिति सामान्य बनी हुई है।
एचसीएस और आईएएस अधिकारी खुद कर रहे नदी-नालों की निगरानी
उपायुक्त विश्राम कुमार मीणा ने कहा कि जिला के अंतर्गत आने वाले सभी बरसाती नदी नालों की निगरानी का कार्य एचसीएस और आईएएस अधिकारी कर रहे हैं। वो अमृत नाला की निगरानी का कार्य कर रहे हैं। उस नाले का निरीक्षण भी किया है। ऐसे में बाढ़ राहत के सभी पुख्ता प्रबंध जिला में प्रशासन की तरफ से किया गया है।
बरसात के मौसम में बच्चों, पशुओं का रखें ध्यान
उपायुक्त विश्राम कुमार मीणा ने कहा कि बरसात के समय पर पानी का बहाव पीछे के पानी से तेज हो सकता है, ऐसी स्थिति को देखते हुए बच्चों, पशुओं और बुजुर्गों का ध्यान रखें। धान रोपाई का सीजन चला हुआ है, ऐसे में किसान भी अपनी स्थिति का ध्यान रखें। उपायुक्त ने बिजली का करंट लगने से दो नागरिकों की मौत पर संवेदना प्रकट की और नागरिकों को हर कार्य को करते समय सावधान बरतने की अपील की।
