नीलोखेड़ी/ करनाल,11 जुलाई। हरियाणा ग्रामीण विकास संस्थान में विभिन्न राज्यों के खंड विकास एवं पंचायत अधिकारियों तथा कार्यकारी अभियंताओं के लिए आयोजित छह दिवसीय क्षमता विकास कार्यक्रम का समापन शनिवार को हुआ। समापन सत्र को संबोधित करते हुए संस्थान के निदेशक डॉ. वीरेंद्र सिंह चौहान ने कहा कि ग्रामीण विकास की वास्तविक सफलता तभी संभव है, जब अधिकारी प्रशिक्षण से प्राप्त ज्ञान को व्यवहार में उतारते हुए ग्राम पंचायतों को विकास का आदर्श मॉडल बनाने की दिशा में कार्य करें। ग्राम विकास फाइलों और आंकड़ों में नहीं ग्रामीणों के मुखमंडल की मुस्कान में नजर आना चाहिए।
डॉ. चौहान ने सभी खंड विकास एवं पंचायत अधिकारियों का आह्वान किया कि वे अपने-अपने विकास खंड की कम से कम एक ग्राम पंचायत में ग्राम सभा को आदर्श एवं प्रभावी बनाने की ठोस कार्ययोजना तैयार करें तथा उसे धरातल पर लागू करने के लिए अधिकतम प्रयास करें। डॉक्टर चौहान ने कहा कि पंचायती राज अधिनियम में जिस तरह की आदर्श ग्राम सभा की कल्पना की गई है, धरातल पर अभी वैसी ग्राम सभाएं दुर्लभ हैं। गांव की संसद को प्रभावी बनाए बिना सच्चा ग्राम स्वराज आ ही नहीं सकता। उन्होंने कहा कि सशक्त ग्राम सभा ही पारदर्शी, सहभागी एवं उत्तरदायी पंचायत व्यवस्था की आधारशिला है। यदि प्रत्येक अधिकारी एक पंचायत को आदर्श बनाने का संकल्प लेकर कार्य करेगा तो उसका सकारात्मक प्रभाव पूरे क्षेत्र के ग्रामीण विकास पर दिखाई देगा।
कार्यक्रम समन्वयक एवं सहायक आचार्य कमलदीप सांगवान ने बताया कि छह दिवसीय प्रशिक्षण के दौरान प्रतिभागियों को पंचायत प्रशासन, ग्रामीण विकास योजनाओं, वित्तीय प्रबंधन, नेतृत्व विकास, डिजिटल गवर्नेंस, सामाजिक सहभागिता तथा व्यवहारिक अध्ययन से जुड़े विषयों पर विशेषज्ञों द्वारा विस्तृत प्रशिक्षण प्रदान किया गया। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि प्रतिभागी अपने-अपने क्षेत्रों में इन अनुभवों का प्रभावी उपयोग करेंगे।
राष्ट्रीय ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज संस्थान, हैदराबाद से पधारी डॉ. आकांक्षा शुक्ला तथा डॉ. सुचारिता पुजारी ने कहा कि प्रशिक्षण का उद्देश्य अधिकारियों की नेतृत्व क्षमता, निर्णय लेने की दक्षता तथा जनसेवा के प्रति सकारात्मक दृष्टिकोण को और अधिक मजबूत बनाना है। उन्होंने प्रतिभागियों से नवाचार, जनसहभागिता एवं सुशासन के सिद्धांतों को अपने कार्यों में अपनाने का आग्रह किया।
राजौंद की खंड विकास एवं पंचायत अधिकारी अनु टांक ने कहा कि इस प्रशिक्षण के बाद विकास खंड स्तर पर योजनाओं का निर्माण पहले से अधिक प्रभावी एवं परिणामोन्मुखी ढंग से किया जा सकेगा। लद्दाख से आए प्रतिभागी मोहम्मद ईसा ने कहा कि हरियाणा और लद्दाख ग्रामीण विकास के क्षेत्र में एक-दूसरे के अनुभवों से बहुत कुछ सीख सकते हैं। बबैन से बी डी पी ओ आशुतोष ने कहा कि प्रशिक्षण से प्राप्त तकनीकी एवं व्यवहारिक अनुभव पंचायतों में विकास कार्यों की गुणवत्ता बढ़ाने में सहायक होंगे। वहीं सिरसा से पंचायती राज विभाग के कार्यकारी अभियंता गौरव भारद्वाज ने कहा कि ठोस कचरा निस्तारण के क्षेत्र में लद्दाख द्वारा किए गए कार्य अन्य राज्यों के लिए भी अनुकरणीय हैं।
इस अवसर पर हरियाणा, लद्दाख तथा हरियाणा के विभिन्न जिलों से आए खंड विकास एवं पंचायत अधिकारी, पंचायती राज विभाग के कार्यकारी अभियंता तथा प्रशिक्षण कार्यक्रम में शामिल अन्य अधिकारी एवं प्रतिभागी उपस्थित रहे।
