करनाल, 9 जुलाई। हरियाणा राज्य बाल अधिकार संरक्षण आयोग की अध्यक्षा तृप्ति श्योराण ने वीरवार को करनाल स्थित प्लेस ऑफ सेफ्टी का औचक निरीक्षण कर दो बच्चों के साथ कथित मारपीट के मामले की मौके पर जांच की। शिकायतकर्ता से दूरभाष पर बातचीत में सामने आया कि अप्रैल माह में शिकायत दिए जाने के बावजूद मधुबन थाना पुलिस ने अब तक कोई प्राथमिकी दर्ज नहीं की।
निरीक्षण के दौरान मौके पर उपस्थित पुलिस कर्मी किशोर न्याय अधिनियम के प्रावधानों की समुचित जानकारी नहीं दे सके, जिस पर अध्यक्षा ने कड़ी नाराजगी व्यक्त की। उन्होंने डीएसपी सोनू नरवाल को तत्काल प्राथमिकी दर्ज कराने के निर्देश दिए। इसके साथ ही बच्चों को अगले दिन बाल कल्याण समिति के समक्ष प्रस्तुत करने तथा जिले के सभी बाल कल्याण पुलिस अधिकारियों का विशेष प्रशिक्षण आयोजित करने के निर्देश दिए। इस दौरान उन्होंने कहा कि किशोर पुलिस इकाई को और अधिक सशक्त बनाया जाए।
निरीक्षण के दौरान आयोग की अध्यक्षा ने संरक्षण गृह का निरीक्षण किया इस दौरान कमरों की स्थिति संतोषजनक पाई गई, लेकिन बाथरूम एवं शौचालयों में गंदगी और दुर्गंध मिलने पर तत्काल सुधार के निर्देश जारी किए गए।
इसके उपरांत अध्यक्षा ने बाल भवन, करनाल का भी औचक निरीक्षण किया। इस दौरान बच्चे अध्ययन करते हुए मिले तथा उनकी देखभाल और अभिलेख संतोषजनक पाए गए। हालांकि, बच्चों को परिवार से पुनः जोड़ने एवं गैर-संस्थागत देखरेख के विकल्पों पर अपेक्षित कार्य न होने पर उन्होंने नाराजगी व्यक्त की और बाल कल्याण समिति को ऐसे सभी मामलों की तत्काल समीक्षा कर पात्र बच्चों के पारिवारिक पुनर्स्थापन की प्रक्रिया तेज करने के निर्देश दिए।
अध्यक्षा ने स्पष्ट किया कि बच्चों के अधिकारों के उल्लंघन अथवा संबंधित मामलों में प्रशासनिक लापरवाही किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं की जाएगी तथा आयोग ऐसे मामलों में त्वरित एवं कठोर कार्रवाई सुनिश्चित करेगा।
