करनाल, 7 जुलाई। भारत निर्वाचन आयोग की हिदायतों के अनुसार सम्पूर्ण देश में मतदाता सूचियों का विशेष गहन पुनरीक्षण का कार्य करवाया जा रहा है। उपायुक्त एवं जिला निर्वाचन अधिकारी डॉ. आनंद कुमार शर्मा के मार्गदर्शन में जिला प्रशासन द्वारा स्वीप कार्यक्रम के अंतर्गत शिक्षण संस्थाओं, ग्राम पंचायतों, महिला चौपालों, रेजिडेंशियल वेलफेयर एसोसिएशन में कार्यक्रम आयोजित करके लोगों को एसआईआर के उद्देश्य व महत्व के बारे में जागरूक करने की कार्य योजना तैयार की गई है।
जिला में स्वीप कार्यक्रम के सफल आयोजन को लेकर एडीसी डॉ. राहुल रईया ने मंगलवार को अपने कार्यालय में जिला अधिकारियों की बैठक ली और निर्देश दिए कि एसआईआर की गंभीरता को समझें और ज्यादा से ज्यादा लोगों को जागरूक करने में अपना भरपूर सहयोग दें। ताकि मतदाता सूची का शुद्धिकरण हो सके। उन्होंने उप जिला शिक्षा अधिकारी को निर्देश दिए कि वे सभी शिक्षण संस्थाओं में एसआईआर को लेकर स्वीप गतिविधियों के तहत बच्चों की पोस्टर, स्लोगन, पेंटिंग, निबंध, प्रश्नोत्तरी तथा भाषण प्रतियोगिताओं का आयोजन करवाएं। इन सभी गतिविधियों का प्रत्येक दिन का शेड्यूल बनाकर अतिरिक्त उपायुक्त कार्यालय में भेजें। उन्होंने यह भी कहा कि उक्त प्रतियोगिता में अव्वल दर्जे के पोस्टर, स्लोगन व पेंटिंग को स्कूली बच्चों द्वारा निकाली जाने वाली जागरूकता रैली में शामिल करें। जागरूकता रैली में यूथ की ज्यादा से ज्यादा भागीदारी हो।
एडीसी ने नुक्कड़ नाटक के आयोजन के लिए जिला सूचना एवं जनसम्पर्क अधिकारी को निर्देश दिए कि वे एसआईआर को लेकर शिक्षण संस्थाओं व ग्राम पंचायतों में कार्यक्रम करवाएं। ताकि ज्यादा से ज्यादा लोग मतदाता सूची के शुद्धिकरण के लिए अपने फार्म भरकर वापिस बीएलओ के पास जमा करवा दें। उन्होंने नगर निगम के अधिकारी को निर्देश दिए कि लोगों की जागरूकता के लिए वार्डों में नगर परिषदों की अध्यक्षता में कार्यक्रम आयोजित करवाएं। इसके अलावा रेजिडेंशियल वेलफेयर एसोसिएशन में कार्यक्रम आयोजित करवाएं और बीएलओ को सहयोग देने के बारे में प्रेरित करें। उन्होंने यह भी कहा कि निगम कार्यालय में आम पब्लिक का आना-जाना होता है, तो ऐसे में एसआईआर से संबंधित बैनर व फ्लैक्स लगवाएं। उन्होंने महिला एवं बाल विकास के अधिकारी को निर्देश दिए कि वे महिला चौपाल आयोजित करके महिला मतदाताओं को अपना वोट सत्यापित करवाने के लिए प्रेरित करें और प्रत्येक दिन की गतिविधियों का शेड्यूल बनाएं। इस कार्य में स्वयं सहायता समूह महिलाओं का भी सहयोग लिया जाए। उन्होंने सभी ईआरओ को निर्देश दिए कि वे अपने-अपने क्षेत्र में स्वीप कार्यक्रम के लिए नोडल अधिकारी नियुक्त करें और अपने-अपने बीईओ के साथ मिलकर शिक्षण संस्थानों में स्वीप गतिविधियां आयोजित करवाएं और उन गतिविधियों की फोटोग्राफ व वीडियो बनाकर ग्रुप में साझा करे।
