रेवाड़ी में थाना कसौला पुलिस ने मुस्तैदी से कार्रवाई करते हुए गांव जड़थल निवासी एक 21 वर्षीय युवक की हत्या कर शव को नहर में फेंकने के मामले का पर्दाफाश किया है। पुलिस ने इस सनसनीखेज हत्याकांड में मृतक की पत्नी और उसके एक सहयोगी को गिरफ्तार कर लिया है। गिरफ्तार किए गए आरोपियों की पहचान मृतक की पत्नी तन्नु (निवासी गांव कसोली) और हरिओम (निवासी गांव मुंडनवास कमालपुर) के रूप में हुई है।
डीएसपी बावल सुरेंद्र श्योराण ने प्रेस वार्ता में मामले का खुलासा करते हुए बताया कि गत दिनों गांव जड़थल निवासी रतनलाल ने थाना कसौला में शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत के अनुसार, उनका 21 वर्षीय बेटा मोनू गत 8 जून की रात करीब 10 बजे अपनी इलेक्ट्रिक स्कूटी पर घर से दवाई लेने निकला था, जो वापस नहीं लौटा। पुलिस ने तुरंत मुस्तैदी दिखाते हुए गुमशुदगी का मामला दर्ज कर तलाश शुरू की थी। तकनीकी जांच और कड़ियों को जोड़ने के बाद पुलिस ने इस हत्याकांड में संलिप्त दो मुख्य आरोपियों—मृतक की पत्नी तन्नु और हरिओम को धर दबोचा।
जांच के दौरान, 10 जून को पुलिस को गांव आसलवास नहर में एक युवक का शव पड़े होने की सूचना मिली। पुलिस ने तुरंत मौके पर पहुंचकर शव को बाहर निकाला, जिसकी पहचान गुमशुदा मोनू के रूप में हुई। मौके पर बुलाई गई ‘सीन ऑफ क्राइम’ (FSL) टीम को मृतक के शरीर पर जाहिरा तौर पर कोई चोट के निशान नहीं मिले थे और उसकी स्कूटी भी नहर के पास ही बरामद हुई थी, जिससे प्रथम दृष्टया मामला नहर में डूबने का प्रतीत हो रहा था। पुलिस ने शव का पोस्टमार्टम कराकर परिजनों को सौंप दिया था।
परिजनों की आशंका पर तकनीकी जांच और हत्या का खुलासा
डीएसपी बावल ने बताया कि मृतक के परिजनों द्वारा हत्या की आशंका जताए जाने पर पुलिस ने मामले को गंभीरता से लिया और तुरंत मुकदमे में हत्या की धाराएं ईजाद की। इसके बाद पुलिस ने वैज्ञानिक और तकनीकी (Technical Surveillance) आधार पर गहनता से जांच शुरू की।
पुलिस पूछताछ में जो सच सामने आया, उसने सभी को चौंका दिया। जांच में खुलासा हुआ कि मृतक मोनू की पत्नी तन्नु का एक सोनू नाम के एक युवक के साथ प्रेम प्रसंग चल रहा था। अपने पति मोनू को अपने रास्ते से हटाने के लिए तन्नु ने अपने प्रेमी सोनू के साथ मिलकर उसकी हत्या की खौफनाक साजिश रची। इस वारदात को अंजाम देने के लिए तन्नु ने सोनू के दो दोस्तों—हरिओम और अमन (निवासी मुंडनवास) की मदद ली।
योजना के मुताबिक, तन्नु ने ही फोन करके अपने पति मोनू को गांव कसोली बुलाया। जैसे ही मोनू वहां पहुंचा, वहां पहले से घात लगाकर बैठे हरिओम और उसके साथी अमन ने मोनू को दबोच लिया। आरोपियों ने मोनू का मुंह और नाक तब तक दबाए रखा जब तक कि वह पूरी तरह बेसुध नहीं हो गया। इसके बाद साक्ष्य मिटाने और मामले को दुर्घटना का रूप देने के लिए उन्होंने मोनू को आसलवास नहर में फेंक दिया।
डीएसपी सुरेंद्र श्योराण ने बताया कि मृतक की पत्नी के परिजनों से भी गहनता से पूछताछ की जाएगी। पुलिस इस मामले में एफएसएल (FSL) की अंतिम रिपोर्ट का इंतजार कर रही है, जिससे यह स्पष्ट हो सके कि मौत दम घुटने से हुई थी या पानी में डूबने से। गिरफ्तार किए गए दोनों आरोपियों को माननीय अदालत में पेश कर दो दिन के पुलिस रिमांड पर लिया गया है। रिमांड के दौरान वारदात में शामिल मुख्य प्रेमी सोनू और अन्य आरोपी अमन की गिरफ्तारी के प्रयास किए जा रहे हैं, जिन्हें जल्द ही सलाखों के पीछे भेजा जाएगा।
