निशांत शर्मा ने कहा कि इससे पूर्व भी पंजाब के कई मुख्यमंत्रियों ने बड़ी जनसभाओं एवं रैलियों में पवित्र श्री गुटका साहिब की सौगंध खाकर अनेक बड़े-बड़े वादे किए थे। विभिन्न सरकारों के कार्यकाल में कई गंभीर घटनाएं हुईं, कानून-व्यवस्था पर सवाल उठे, लंबे आंदोलन हुए और अनेक निर्दोष लोगों ने अपनी जान गंवाई। उन परिस्थितियों में इस प्रकार के अपमानजनक पोस्टर अभियान कभी देखने को नहीं मिले। यदि आज केवल मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान को इस प्रकार निशाना बनाया जा रहा है, तो यह कई लोगों के लिए दोहरे मापदंड जैसा प्रतीत होता है।
दीपक शांडिल्य ने कहा कि शिव सेना हिंद का मानना है कि मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने अपने कार्यकाल में शिक्षा, स्वास्थ्य, बिजली, भ्रष्टाचार के विरुद्ध कार्रवाई, रोजगार तथा जनहित से जुड़े अनेक क्षेत्रों में काम करने का प्रयास किया है। किसी भी सरकार के कार्यों पर मतभेद हो सकते हैं, लेकिन किसी व्यक्ति की गरिमा को ठेस पहुंचाने वाले अभियान लोकतांत्रिक संस्कृति को कमजोर करते हैं।
दीपक शांडिल्य ने कहा कि ऐसा प्रतीत होता है कि कुछ राजनीतिक और सामाजिक तत्व मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान की बढ़ती लोकप्रियता तथा विकास कार्यों से असहज होकर इस प्रकार के पोस्टर लगाकर जनता को गुमराह करने का प्रयास कर रहे हैं। पंजाब की जनता समझदार है और वह विकास, शांति तथा भाईचारे की राजनीति का समर्थन करती है।
उन्होंने सभी राजनीतिक, धार्मिक एवं सामाजिक संगठनों से अपील की कि वे पंजाब की शांति, भाईचारे और विकास को सर्वोच्च प्राथमिकता दें तथा ऐसा कोई कार्य न करें जिससे समाज में वैमनस्य या तनाव का वातावरण पैदा हो। पंजाब को टकराव नहीं, बल्कि विकास, एकता और आपसी सम्मान की आवश्यकता है।
