करनाल। महापौर रेणु बाला गुप्ता ने कहा कि संत कबीर का संपूर्ण जीवन समरसता, प्रेम, समानता, सत्य और मानवता की जीवंत मिसाल है। उनके विचार समाज को भेदभाव, आडंबर और कुरीतियों से ऊपर उठकर मानव कल्याण के मार्ग पर चलने की प्रेरणा देते हैं।
महापौर रेणु बाला गुप्ता ने ये विचार चांद सराय स्थित धानक चौपाल में संत कबीर कल्याण सभा द्वारा संत शिरोमणि सतगुरु कबीर महाराज की जयंती के उपलक्ष्य में आयोजित भव्य समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में व्यक्त किए। इस दौरान उन्होंने संत कबीर महाराज के चित्र पर पुष्पांजलि के साथ श्रद्धासुमन अर्पित किए। साथ ही उनके आदर्शों को अपने जीवन में अपनाने का आह्वान किया।
इस अवसर पर महापौर रेणु बाला गुप्ता ने सभा द्वारा निकाली गई भव्य शोभायात्रा में भी श्रद्धालुओं के साथ सहभागिता की। शोभायात्रा में श्रद्धा, अनुशासन, भक्ति और सामाजिक एकता का अनुपम संगम देखने को मिला। पूरे मार्ग में भक्तिमय वातावरण और संत कबीर के जयघोष से माहौल आध्यात्मिक ऊर्जा एवं उल्लास से सराबोर रहा।
अपने संबोधन में महापौर रेणु बाला गुप्ता ने कहा कि संत कबीर दास ने अपने दोहों और शिक्षाओं के माध्यम से समाज को जाति-पांति, ऊंच-नीच, भेदभाव, पाखंड और सामाजिक कुरीतियों से मुक्त होकर प्रेम, भाईचारे, सत्य, समानता, सद्भाव और निष्काम मानव सेवा का संदेश दिया। उनके विचार किसी एक कालखंड तक सीमित नहीं हैं, बल्कि आज के आधुनिक समाज में भी उतने ही प्रासंगिक और प्रेरणादायी हैं।
उन्होंने कहा कि संत कबीर जयंती केवल एक धार्मिक उत्सव नहीं, बल्कि उनके आदर्शों को आत्मसात कर समरस, संस्कारित और सशक्त समाज के निर्माण का सामूहिक संकल्प लेने का पावन अवसर है। यदि प्रत्येक व्यक्ति संत कबीर के विचारों को अपने जीवन में अपनाए, तो समाज में आपसी सौहार्द, सामाजिक समरसता और मानवीय मूल्यों को और अधिक मजबूती मिलेगी। संत शिरोमणि सतगुरु कबीर महाराज का अमर संदेश “कबीरा खड़ा बाज़ार में, मांगे सबकी खैर, ना काहू से दोस्ती, ना काहू से बैर” आज भी पूर्ण प्रासंगिक है।
महापौर ने संत कबीर कल्याण सभा के प्रधान सुशील कुमार, अनिल, सभा के समस्त पदाधिकारियों, सदस्यों एवं उपस्थित श्रद्धालुओं द्वारा किए गए आत्मीय स्वागत और सम्मान के लिए आभार व्यक्त करते हुए कहा कि समाज का यह स्नेह जनसेवा के पथ पर निरंतर आगे बढ़ने की ऊर्जा प्रदान करता है।
अपनाएं प्रेम व सद्भाव का संदेश
उन्होंने सभी नागरिकों से आह्वान किया कि वे संत शिरोमणि सतगुरु कबीर महाराज के प्रेम, समरसता, सद्भाव, समानता और मानवता के संदेश को अपने जीवन का हिस्सा बनाएं। ताकि समाज और राष्ट्र को और अधिक मजबूत एवं संवेदनशील बनाने में सक्रिय भूमिका निभा सकें। कार्यक्रम में संत कबीर कल्याण सभा के पदाधिकारी, गणमान्य नागरिक, सामाजिक कार्यकर्ता तथा बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे।
