चंडीगढ़। हरियाणा में ग्रामीण रोजगार व्यवस्था एक जुलाई से नए दौर में प्रवेश करने जा रही है। महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना (मनरेगा) की जगह वीबीजी रामजी अधिनियम के तहत नई रोजगार योजना लागू होगी।
इसका राष्ट्रीय स्तर पर औपचारिक शुभारंभ दो जुलाई को आंध्र प्रदेश के तिरुपति में केंद्रीय ग्रामीण विकास एवं कृषक कल्याण मंत्री शिवराज सिंह चौहान करेंगे। कार्यक्रम में सभी राज्यों के ग्राम विकास मंत्री और अधिकारी वीडियो कान्फ्रेंसिंग के माध्यम से जुड़ेंगे।
हरियाणा ग्रामीण विकास संस्थान के निदेशक डा. वीरेंद्र सिंह चौहान ने बताया कि राज्य सरकार नई योजना को लागू करने की तैयारियों को अंतिम रूप दे रही है। सोमवार तक इसकी अधिसूचना जारी होने की संभावना है।
ग्रामीण विकास संस्थान जिला, खंड और ग्राम स्तर तक अधिकारियों, कर्मचारियों, सरपंचों तथा ग्राम सचिवों को प्रशिक्षण देने का अभियान युद्धस्तर पर चला रहा है, ताकि नई व्यवस्था बिना किसी बाधा के लागू हो सके।
हरियाणा लंबे समय से बेहतर प्रदर्शन करने वाले राज्यों में
ग्रामीण विकास के क्षेत्र में हरियाणा लंबे समय से बेहतर प्रदर्शन करने वाले राज्यों में गिना जाता है। मनरेगा के तहत समय पर भुगतान, डिजिटल मानिटरिंग और पारदर्शिता के मामले में राज्य ने राष्ट्रीय स्तर पर अपनी मजबूत पहचान बनाई है। नई योजना लागू होने के बाद हरियाणा का फोकस रोजगार के साथ-साथ ग्रामीण परिसंपत्तियों के निर्माण और तकनीक आधारित निगरानी को और प्रभावी बनाने पर रहेगा।
