चंडीगढ़। हरियाणा के राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (एनसीआर) में शामिल 14 जिलों में पुराने ट्रकों एवं बसों (बीएस-IV अथवा उससे पूर्व उत्सर्जन मानकों वाले) के प्रतिस्थापन पर नए बीएस-VI, इलेक्ट्रिक और सीएनजी ट्रक-बस खरीदने पर पूरा मोटर वाहन कर माफ किया जाएगा।
पुराने बीएस-VI, इलेक्ट्रिक तथा सीएनजी ट्रकों एवं बसों की खरीद पर मोटर वाहन कर में 50 प्रतिशत छूट प्रदान की जाएगी। दोनों ही मामलों में मोटर वाहन कर में यह छूट 10 वर्ष की अवधि के लिए मान्य होगी।
मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी की अध्यक्षता में सोमवार को आयोजित मंत्रिमंडल की बैठक में राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र योजना बोर्ड की सहायता योजना के तहत राज्य के एनसीआर जिलों में नए बीएस-VI, इलेक्ट्रिक तथा सीएनजी ट्रकों एवं बसों की खरीद पर मोटर वाहन कर में 100 प्रतिशत छूट प्रदान करने के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी गई।
योजना के तहत खरीदे गए नए वाहनों के पंजीकरण पर पंजीकरण शुल्क में भी छूट प्रदान की जाएगी। साथ ही योजना में पुराने ट्रकों एवं बसों के साथ भाग लेने वाले लाभार्थियों को एक वर्ष से अधिक समय से लंबित देनदारियों में छूट प्रदान की जाएगी।
इस प्रोत्साहन से वाहनों से होने वाले उत्सर्जन में कमी लाने में मदद मिलेगी, जिससे एनसीआर जिलों में वायु गुणवत्ता में सुधार होने की अपेक्षा है। नीति के तहत पुराने 93 हजार 458 ट्रक और 16 हजार 329 बसों को हटाया जाएगा।
जल प्रदूषण के छोटे-मोटे अपराध पर नहीं मिलेगी सख्त सजा
कैबिनेट ने जल (प्रदूषण की रोकथाम और नियंत्रण) संशोधन एक्ट, 2024 (सेंट्रल एक्ट 5 आफ 2024) अपनाने के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी। इससे राज्य में संशोधित केंद्रीय कानून लागू करने का रास्ता साफ हो गया। कैबिनेट की मंजूरी के बाद अब संशोधित एक्ट को अपनाने के लिए राज्य विधानसभा में प्रस्ताव लाया जाएगा, जिससे इसके नियम राज्य में लागू हो जाएंगे।
बदले हुए कानून को अपनाने से पानी के प्रदूषण को नियंत्रित करने वाले रेगुलेटरी फ्रेमवर्क को बेहतर बनाने में मदद मिलेगी। इससे छोटे-मोटे प्रक्रिया के उल्लंघन के लिए आपराधिक सजा की जगह ज्यादा संतुलित और नियमों के पालन आधारित तरीका अपनाया जाएगा।
