करनाल, 12 जून। बच्चों में छिपी प्रतिभा को उभारने व उनके सम्पूर्ण व्यक्तित्व विकास के लिए उपायुक्त एवं जिला बाल कल्याण परिषद के अध्यक्ष डॉ. आनंद कुमार शर्मा के मार्गदर्शन में जिला बाल कल्याण परिषद की ओर से बाल भवन में 30 जून तक ग्रीष्मकालीन शिविर का आयोजन किया जा रहा है।
जिला बाल कल्याण अधिकारी मंजू चौधरी ने बताया कि शिविर प्रात: 9 से दोपहर 12.30 बजे तक बाल भवन के नए भवन में आयोजित किया जा रहा है, जिसमें 5 से 14 वर्ष तक के बच्चों को योग्य प्रशिक्षकों द्वारा आर्ट एंड क्राफ्ट, योग क्लास, नृत्य एवं अबेकस (गिनती करने का एक प्राचीन हस्त आधारित उपकरण) की गतिविधियों में प्रशिक्षण दिया जा रहा है। उन्होंने बताया कि मुकेश शर्मा द्वारा आर्ट एंड क्राफ्ट, गुंजन द्वारा योग क्लास, रायना द्वारा नृत्य एवं गरिमा भारद्वाज द्वारा अबेकस का प्रशिक्षण दिया जा रहा है। इस वर्ष शिविर में बच्चो की गतिविधियों के अलावा लड़कियों एवं महिलाओं के लिए फैशन डिजाइनिंग एवं ब्यूटी केयर की भी गतिविधि को सम्मिलित किया गया है जिसमें महिलाएं बढ़-चढ़ कर भाग ले रही हैं।
उन्होंने बताया कि शिविर की उक्त गतिविधियों में अभी तक जिला के 190 बच्चों ने रजिस्ट्रेशन कराया है। शिविर में हर बच्चा रूचि अनुसार किसी भी गतिविधि में भाग लेकर खेल-खेल में प्रतिभा को निखार रहा है। आज आयोजित शिविर में 145 से अधिक बच्चों ने भाग लिया। शिविर में आने वाले बच्चों को भारत विकास परिषद् की श्री राधा कृष्ण शाखा की ओर से अल्पाहार दिया गया। इसके अलावा शरबत की छबील लगाई गई।
भारत विकास परिषद की श्री राधा कृष्ण शाखा द्वारा ग्रीष्मकालीन शिविर के सफल आयोजन के लिए संस्था द्वारा जिला बाल कल्याण अधिकारी मंजू चौधरी को स्मृति चिन्ह देकर सम्मानित किया गया। इस अवसर पर भारत विकास परिषद् की श्री राधा कृष्ण शाखा के प्रधान कुश सेठी, मीनू सिंगला, रश्मि आर्य व शालिनी देवगन उपस्थित रहीं। इस अवसर पर रश्मि आर्य ने मंत्रोचारण के माध्यम से बच्चों में संस्कार तथा ओउम के उच्चारण से सकारात्मकता का सन्देश दिया। इस अवसर पर जिला बाल कल्याण अधिकारी ने उपस्थित संस्था के सभी सदस्यों का आभार व्यक्त किया।
जिला बाल कल्याण अधिकारी ने बताया कि पब्लिक स्कूलों के बच्चों के समान ही सरकारी स्कूलों में पढऩे वाले, बाल गृहों तथा झुग्गी-झोपडिय़ों में रहने वाले बच्चों को शिविर में रुचि अनुसार प्रतिभा को निखारने-संवारने का अवसर दिया जा रहा है। उपायुक्त ने अभिभावकों से अपील है कि वे बच्चों को रूचि शिविर में भाग दिलवाएं ताकि शिविर की गतिविधियां उनके सर्वांगीण विकास करने में सहायक बन सकें।
