अंबाला। रेलवे बोर्ड ने हाई स्पीड ट्रेनों के संचालन को लेकर बड़ा कदम उठाया है। ट्रेनों में परंपरागत पैंट्री कार (रसोईयान) की जगह एलएचबी ईओजी हाट बफे कार को शामिल किया जाएगा। अब ट्रेनों के कोच फिएट बोगी पर आधारित होंगे जो 160 केएन क्षमता (लगभग 16.25 टन) भार को वहन कर सकेंगे।
बोर्ड का यह आदेश रेलवे को नई दिशा देगा, जो यात्री सुविधाओं सहित ट्रेन के संचालन में काफी सुगम बनाएगा और नया अनुभव भी प्रदान करेगा। रेलवे बोर्ड ने देश के सभी जोन को दिशा निर्देश जारी कर दिए हैं। रिसर्च डिजाइन स्टेंडर्ड आर्गेनाइजेशन की ओर से फाइनल स्पीड सर्टिफिकेट व मुख्य रेल सुरक्षा आयुक्त की संस्तुति के आधार पर प्रदान की है।
कोच का ट्रांसपोर्टेशन कोड एलडब्ल्यूसीबीएसीएए है और अधिकतम एक्सल लोड 16.25 टन निर्धारित किया गया है। ट्रेन 160 किमी प्रति घंटा की रफ्तार से दौड़ सकती है। इससे पहले रेल लाइनों में बदलाव कर ढांचे को मजबूत किया जाएगा, ताकि कोई मवेशी व अन्य जानवर ट्रैक पर न आ पाए।
160 किमी प्रतिघंटा के लिए शर्तें
रेलवे बोर्ड ने जो निर्देश जारी किए हैं, उसके अनुसार यह अनुमति तभी प्रभावी होगी जब संबंधित रेलमार्ग निर्धारित ट्रैक ज्योमेट्री और संरचना मानकों को पूरा करेंगे। इसके अनुसार ट्रैक का रखरखाव भारतीय रेलवे परमानेंट वे मैनुअल-2024 के अनुसार किया जाएगा।
यही नहीं 110 से 160 किमी/घंटा की गति वाले सेक्शनों में ट्रैक संरचना रेलवे बोर्ड और आरडीएसओ के मानकों के अनुरूप होनी चाहिए। सिग्नलिंग एवं इंटरलाकिंग व्यवस्था भारतीय रेलवे सिग्नल इंजीनियरिंग मैनुअल-2021 के प्रविधानों के अनुसार होगी।
यह निर्देश भी मानने होंगे
बोर्ड के निर्देशों के अनुसार ओएमएस, टीआरसीस और आसिलोग्राफी कार के निरीक्षण परिणामों की लगातार निगरानी कर सुधारात्मक कार्रवाई सुनिश्चित करनी होगी। इसके तहत कोच के नीचे लगे उपकरणों के लिए अतिरिक्त मेटालिक सेफ्टी स्लिंग उपलब्ध करानी होगी।
160 केएन एयर स्प्रिंग के रेट्रो-फिटमेंट संबंधी दिशानिर्देशों का चरणबद्ध पालन करना होगा, एलएचबी कोचों के निर्धारित मेंटेनेंस मैनुअल के अनुसार रखरखाव अनिवार्य होगा, प्राथमिक काइल स्प्रिंग टूटने की स्थिति में आरडीएसओ के निर्देशों के अनुरूप कार्रवाई करनी होगी, कोच की अर्थिंग और सभी पैनलों का रखरखाव हर समय सुनिश्चित करना होगा।
मिलेगा बेहतर आनबोर्ड कैटरिंग अनुभव
रेलवे अधिकारियों का दावा है कि इस मंजूरी से भविष्य में वंदे भारत जैसी तेज गति वाली ट्रेनों और अन्य प्रीमियम एक्सप्रेस सेवाओं में आधुनिक हाट बफे सुविधाओं वाले कोचों के संचालन का मार्ग और मजबूत होगा। इससे लंबी दूरी की यात्रा के दौरान यात्रियों को बेहतर खानपान सुविधाएं उपलब्ध कराने में मदद मिलेगी।
