हरियाणा ग्रामीण विकास संस्थान, नीलोखेड़ी के निदेशक डॉ. वीरेंद्र सिंह चौहान यह जानकारी देते हुए बताया कि प्रदेश की सभी ग्राम पंचायतों को इस अभियान में सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं। विशेष ग्राम सभाओं के माध्यम से ग्राम वासियों को स्वच्छ एवं हरित गांव के निर्माण के लिए प्रेरित किया जाएगा तथा पर्यावरण संरक्षण से जुड़े विभिन्न विषयों पर चर्चा की जाएगी।
डॉ. चौहान ने बताया कि वे स्वयं 5 जून को जिला यमुनानगर में आयोजित विशेष ग्राम सभा में बतौर मुख्य अतिथि शामिल होंगे तथा ग्रामीणों को पर्यावरण संरक्षण, स्वच्छता और जनभागीदारी के प्रति जागरूक करेंगे।
डॉ चौहान ने बताया कि जल शक्ति मंत्रालय के पेयजल एवं स्वच्छता विभाग (डीडीडब्ल्यूएस) द्वारा स्वच्छ गांव, सुरक्षित जलवायु (एसजीएसजे) अभियान का आयोजन किया जा रहा है, जिसका समापन विश्व पर्यावरण दिवस 5 जून को होगा। इस अभियान के अंतर्गत विशेष ग्राम सभा को भी एक अभियान कार्य के रूप में शामिल किया गया है। इस अभियान का उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों में संपूर्ण स्वच्छता प्राप्त करने के लिए सामुदायिक भागीदारी और जन सहभागिता को मजबूत करना है।
उन्होंने बताया कि विभागीय अधिकारियों को निर्देश दिये गये है कि वे विशेष ग्राम सभाओं की तस्वीरें , छोटे वीडियो, संक्षिप्त रिपोर्ट और कार्यवाही का प्रलेखन किया जाए। ग्राम सभा और संबंधित गतिविधियों का विवरण निर्दिष्ट रिपोर्टिंग प्लेटफॉर्म/मोबाइल एप, अर्थात पंचायत निर्णय पोर्टल और स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) आईएमआईआईएस पर बनाए जाने वाले स्वच्छ गांव, सुरक्षित जलवायु (एसजीएसजे) अभियान माड्यूल (एसजीएसजे – डब्ल्यूईडी 2026) पर अपलोड किया जाए।
निदेशक डॉ. वीरेंद्र सिंह चौहान ने कहा कि “स्वच्छ ग्राम केवल एक अभियान नहीं, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के सुरक्षित भविष्य की नींव है। जब प्रत्येक नागरिक पर्यावरण संरक्षण का संकल्प लेगा, तभी स्वच्छ, स्वस्थ और आत्मनिर्भर गांवों का निर्माण संभव होगा।
उन्होंने बताया कि विशेष ग्राम सभा में ग्राम पंचायत प्रतिनिधियों, स्वयं सहायता समूहों, स्वच्छाग्रहियों, युवाओं, महिला समूहों तथा विभिन्न सामाजिक संगठनों की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित की जाएगी। बैठक में ठोस अपशिष्ट प्रबंधन, सिंगल यूज प्लास्टिक के उपयोग में कमी, कचरे के पृथक्करण, खाद निर्माण तथाविभिन्न सामाजिक संगठनों की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित की जाएगी। बैठक में ठोस अपशिष्ट प्रबंधन, सिंगल यूज प्लास्टिक के उपयोग में कमी, कचरे के पृथक्करण, खाद निर्माण तथा सार्वजनिक स्थलों एवं जल स्रोतों की स्वच्छता जैसे विषयों पर विस्तृत चर्चा की जाएगी।
डॉ. चौहान ने ग्रामीणों से आह्वान करते हुए कहा कि विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर आयोजित इस विशेष ग्राम सभा में बढ़-चढ़कर भाग लें और अपने गांव को स्वच्छ, हरित एवं पर्यावरण अनुकूल बनाने में योगदान दें। उन्होंने कहा कि जनभागीदारी ही किसी भी स्वच्छता एवं पर्यावरण संरक्षण अभियान की सबसे बड़ी ताकत है।
